नोएडा में पिता-पुत्र की मौत से सनसनी, 16 वर्षीय बेटे की मौत के बाद कमरे में मिली पिता की लाश

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Digital UP News Desk

नोएडा: थाना फेस-3 क्षेत्र में पिता-पुत्र की मौत से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर 16 वर्षीय अमृत शर्मा की मौत के बाद उसके पिता राजू शर्मा भी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। पुलिस के अनुसार, अमृत के चाचा अरुण शर्मा ने थाने पहुंचकर घटना की सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने अमृत के पिता राजू शर्मा की तलाश शुरू की, जिसमें तिकोना पार्क क्षेत्र स्थित एक कमरे से उनका शव बरामद हुआ।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने मामले में अमृत शर्मा को नामजद करते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और दोनों मौतों के बीच संबंध को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।

सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर हुई अमृत की मौत

पुलिस के मुताबिक, बीते गुरुवार को अरुण शर्मा थाना फेस-3 पहुंचे और बताया कि उनके 16 वर्षीय भतीजे अमृत शर्मा की सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अमृत ने मेट्रो के सामने जाकर जान दे दी थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मृतक के परिवार से संपर्क किया।

इसी दौरान अमृत के पिता राजू शर्मा के बारे में जानकारी जुटाई गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद से राजू शर्मा का भी पता नहीं चल रहा था। इसलिए पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी। तलाश के दौरान पुलिस को तिकोना पार्क, अजनारा समिति की गली नंबर-2 स्थित एक मकान के कमरे के बारे में जानकारी मिली।

कमरे से मिली दुर्गंध, जांच में सामने आया मामला

पुलिस की तलाश के दौरान संबंधित कमरे से दुर्गंध आने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कमरे की जांच की। अमृत के पास से मिले दो मोबाइल फोन और कुछ चाबियों की मदद से कमरे का ताला खोला गया। कमरे के भीतर राजू शर्मा मृत अवस्था में पाए गए।

पुलिस के अनुसार, राजू शर्मा के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए वहां से उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित कराया। साथ ही, आसपास के लोगों और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई।

फोरेंसिक जांच के दौरान कमरे से कुछ कपड़े भी बरामद किए गए, जिन्हें जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और दोनों घटनाओं के बीच क्या संबंध है।

परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में अमृत और उसके पिता के पारिवारिक संबंधों से जुड़ी कुछ बातें सामने आई हैं। बताया गया कि राजू शर्मा अपने बेटे अमृत को घर से बाहर जाने को लेकर रोक-टोक करते थे। इसके अलावा, अमृत की पढ़ाई को लेकर भी परिवार में स्थिति सामान्य नहीं थी। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि अमृत का किसी स्कूल में दाखिला नहीं कराया गया था।

बताया जा रहा है कि इन परिस्थितियों को लेकर अमृत मानसिक रूप से परेशान रहता था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस पहलू को अंतिम कारण नहीं माना है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस सभी तथ्यों, परिस्थितियों और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

ऐसे मामलों में किसी एक कारण को तत्काल जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होता। इसलिए जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, मोबाइल फोन, परिजनों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों को आपस में जोड़कर पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट करने में जुटी हैं।

अमृत के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

राजू शर्मा के भाई और अमृत के चाचा अरुण शर्मा की तहरीर के आधार पर थाना फेस-3 में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अमृत शर्मा को मामले में नामजद किया है। चूंकि अमृत की भी मौत हो चुकी है, इसलिए पुलिस की आगे की कार्रवाई घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही, अमृत और उसके पिता के मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।

कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमृत की मौत से पहले उसके पिता राजू शर्मा के साथ वास्तव में क्या हुआ था। दूसरा सवाल यह है कि कमरे में मिले साक्ष्यों और अमृत की मौत के बीच क्या कोई सीधा संबंध है। इसके अलावा, परिवार के भीतर चल रही परिस्थितियों ने घटनाक्रम को किस तरह प्रभावित किया, इसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले संबंधित स्थानों पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और मृतक की गतिविधियां क्या थीं।

फिलहाल पुलिस किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारण और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

बच्चों की मानसिक स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत

यह मामला केवल पुलिस जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। किशोरावस्था में बच्चों पर पढ़ाई, परिवार, दोस्तों और भविष्य को लेकर कई तरह का दबाव हो सकता है। ऐसे में माता-पिता और अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों की बात सुनें और उनके व्यवहार में अचानक आए बदलाव को गंभीरता से लें।

यदि कोई बच्चा लगातार परेशान दिखाई दे, अकेला रहने लगे, पढ़ाई या सामान्य गतिविधियों से दूरी बनाने लगे अथवा निराशा की बात करे, तो परिवार को उससे शांतिपूर्वक बातचीत करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर शिक्षक, काउंसलर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेना भी उपयोगी हो सकता है।

हालांकि, नोएडा के इस मामले में घटना के वास्तविक कारणों को लेकर अभी पुलिस की जांच जारी है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष को अंतिम तथ्य मानना जल्दबाजी होगी।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल थाना फेस-3 पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। फोरेंसिक जांच, मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी, परिवार और आसपास के लोगों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

इस दोहरी मौत की घटना ने इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस का प्रयास है कि मामले से जुड़े प्रत्येक तथ्य की निष्पक्षता से जांच की जाए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राजू शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका उनके बेटे अमृत की मौत से क्या संबंध था।

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