लखनऊ में 65 असुरक्षित इमारतों पर LDA का एक्शन, डेढ़ महीने में होगी कार्रवाई

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Digital UP News Desk

लखनऊ: अलीगंज अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर में असुरक्षित और जर्जर भवनों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच के दौरान चिन्हित की गईं 65 असुरक्षित इमारतों पर अब कार्रवाई की जाएगी। इन भवनों को लेकर संबंधित पक्षों को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं। LDA की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चिन्हित सभी इमारतों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई पूरी की जाएगी।अलीगंज में आग लगने की घटना के बाद भवनों की सुरक्षा और निर्माण मानकों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता बढ़ी है। इसके बाद LDA ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भवनों की स्थिति की जांच कराई। जांच के दौरान जिन इमारतों को सुरक्षा की दृष्टि से असुरक्षित पाया गया, उन्हें चिन्हित किया गया है। अब इन भवनों के संबंध में आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अलीगंज अग्निकांड के बाद बढ़ी सख्ती

अलीगंज अग्निकांड ने एक बार फिर शहर में भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया है। खासतौर पर ऐसे भवन, जिनकी संरचना कमजोर है या जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं, प्रशासन की प्राथमिकता में आ गए हैं। इसके बाद LDA ने अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण और भवनों की स्थिति की समीक्षा का काम तेज किया।इसी क्रम में कई क्षेत्रों में ऐसे भवन सामने आए, जिन्हें सुरक्षित नहीं माना गया। अधिकारियों ने इन इमारतों को चिन्हित करने के साथ ही संबंधित भवन स्वामियों और जिम्मेदार पक्षों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की। अब चिन्हित भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी है।

65 असुरक्षित भवनों पर होगी कार्रवाई

LDA के अनुसार शहर में कुल 65 इमारतों को असुरक्षित श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इन सभी भवनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई का उद्देश्य केवल भवनों को हटाना नहीं, बल्कि शहर में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नियमों के विपरीत बने या असुरक्षित भवनों के कारण उत्पन्न होने वाले जोखिम को कम करना है।

प्राधिकरण की ओर से चिन्हित भवनों के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके तहत पहले संबंधित पक्षों को नोटिस दिए गए हैं। इसके बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में भवन की स्थिति, संबंधित दस्तावेज और लागू नियमों को ध्यान में रखा जाएगा।

कई इलाकों में भवन किए गए चिन्हित

LDA की जांच केवल अलीगंज तक सीमित नहीं है। शहर के कई इलाकों में भवनों की स्थिति का आकलन किया गया है। निरीक्षण के दौरान जिन भवनों में सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां पाई गईं, उन्हें सूची में शामिल किया गया है।

प्राधिकरण की कार्रवाई का दायरा बढ़ने से शहर में भवन निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर भी संदेश गया है। इसके साथ ही भवन मालिकों से अपेक्षा की जा रही है कि वे निर्माण से संबंधित नियमों का पालन करें और अपने भवन की सुरक्षा स्थिति को लेकर समय-समय पर आवश्यक जांच कराएं।

नोटिस के बाद आगे बढ़ेगी कार्रवाई

चिन्हित भवनों के संबंध में LDA की ओर से नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित पक्षों को आवश्यक प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर भी नियमों के अनुसार दिया जा सकता है।

इसके बाद जिन भवनों के खिलाफ कार्रवाई आवश्यक पाई जाएगी, उन पर प्राधिकरण की ओर से कदम उठाया जाएगा। इस तरह कार्रवाई को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप हो।

डेढ़ महीने में कार्रवाई पूरी करने का लक्ष्य

LDA ने चिन्हित 65 असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई को डेढ़ महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसका मतलब है कि आने वाले सप्ताहों में इन भवनों को लेकर गतिविधियां तेज दिखाई दे सकती हैं।

प्राधिकरण की योजना है कि चिन्हित सभी भवनों की प्रक्रिया को तय समयसीमा में पूरा किया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों के स्तर पर कार्रवाई की निगरानी की जाएगी। साथ ही, जिन स्थानों पर कार्रवाई की जरूरत होगी, वहां आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

भवन सुरक्षा को लेकर बढ़ी जिम्मेदारी

शहरों में तेजी से हो रहे निर्माण के बीच भवनों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। पुरानी इमारतों के साथ-साथ ऐसे नए भवन भी चिंता का कारण बन सकते हैं, जिनका निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हुआ हो। इसलिए समय-समय पर भवनों की जांच और आवश्यक कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

लखनऊ में LDA की मौजूदा कार्रवाई इसी दिशा में एक कदम के तौर पर देखी जा रही है। अलीगंज की घटना के बाद असुरक्षित भवनों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि प्राधिकरण भवन सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर अब अधिक सख्ती बरत रहा है।

लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता

किसी भी भवन की संरचनात्मक स्थिति सीधे तौर पर वहां रहने या आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़ी होती है। ऐसे में असुरक्षित इमारतों की पहचान होने के बाद समय पर कार्रवाई करना जरूरी है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों और भवन मालिकों से जुड़े वैधानिक पहलुओं का भी ध्यान रखना होगा।

LDA की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर में सुरक्षित भवन व्यवस्था को बढ़ावा देना और संभावित जोखिम को कम करना है। इसके लिए नियमों का पालन कराने के साथ-साथ भवनों की स्थिति की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी।

आगे भी हो सकती है जांच

65 चिन्हित भवनों के खिलाफ कार्रवाई के साथ यह भी उम्मीद की जा रही है कि शहर के अन्य इलाकों में भवनों की स्थिति की समीक्षा जारी रहेगी। यदि जांच के दौरान और भी असुरक्षित इमारतें सामने आती हैं, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इससे भवन मालिकों के बीच भी अपने भवनों की सुरक्षा और निर्माण मानकों को लेकर जागरूकता बढ़ने की संभावना है। वहीं, प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्रवाई को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने की होगी।

फिलहाल अलीगंज अग्निकांड के बाद LDA ने 65 असुरक्षित इमारतों को लेकर कार्रवाई की दिशा स्पष्ट कर दी है। नोटिस जारी होने के बाद अब अगला चरण शुरू होगा। डेढ़ महीने की निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चिन्हित भवनों पर कार्रवाई किस क्रम में और किस स्तर पर आगे बढ़ती है।

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