आजमगढ़ में अंतरजनपदीय टप्पेबाज गैंग का खुलासा, 3 गिरफ्तार; महिलाओं को कागज की गड्डी का देते थे झांसा

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रिपोर्ट- पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़। महिलाओं को रुपये की गड्डी का झांसा देकर उनके आभूषण और नकदी हड़पने वाले एक अंतरजनपदीय टप्पेबाज गैंग का आजमगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। तरवां और मेहनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में दो मुठभेड़ के दौरान घायल हुए हैं। दोनों का उपचार कराया जा रहा है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस, पल्सर बाइक, नकदी और महिलाओं से टप्पेबाजी के दौरान हासिल किए गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने आजमगढ़ के साथ-साथ मऊ और गाजीपुर जिलों में भी महिलाओं को निशाना बनाकर वारदात करने की बात स्वीकार की है।

तीनों आरोपी गाजीपुर के रहने वाले

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश यादव उम्र 25 वर्ष, कमलेश राम उम्र 26 वर्ष और विकास यादव उम्र 22 वर्ष के रूप में हुई है। तीनों आरोपी गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।

एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जिले में अपराधियों और टप्पेबाजों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 13 अगस्त की रात तरवां पुलिस को सूचना मिली कि टप्पेबाजी की घटनाओं में वांछित तीन संदिग्ध एक काले रंग की पल्सर बाइक से चिरैयाकोट की ओर से बोगरिया की तरफ आ रहे हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान बाइक सवारों ने मौके से निकलने का प्रयास किया। इसी बीच बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद एक आरोपी खेत की ओर भाग गया, जबकि दूसरे ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुकेश यादव के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे पकड़कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, मौके से कमलेश राम को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से भी आपत्तिजनक सामान और टप्पेबाजी से संबंधित बरामदगी की कार्रवाई की।

फरार आरोपी की तलाश में मेहनगर पुलिस ने की कार्रवाई

तरवां क्षेत्र से एक आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। इसके लिए आसपास के इलाकों में चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी मेहनगर क्षेत्र में शिवरामपुर नहर की तरफ पहुंच सकता है।

सूचना के आधार पर मेहनगर पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर संदिग्ध की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, रोकने का प्रयास किए जाने पर आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में विकास यादव के पैर में गोली लगी और उसे रात करीब 11:50 बजे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने विकास के कब्जे से .315 बोर का तमंचा, खोखा, जिंदा कारतूस और 5 हजार रुपये नकद बरामद किए। घायल आरोपी को भी उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल दोनों घायल आरोपियों का इलाज जारी है।

महिलाओं को इस तरह बनाते थे निशाना

पुलिस की पूछताछ में टप्पेबाजी के इस गैंग के काम करने का तरीका सामने आया है। आरोपियों के अनुसार, वे पॉलिथीन में कागज की गड्डी रखकर उसे रुपये की गड्डी जैसा दिखाते थे। इसके बाद वे महिलाओं को बातचीत में उलझाकर उस गड्डी को असली नोटों की गड्डी बताकर लालच देते थे।

इसके बाद महिलाओं से उनके पहने हुए आभूषण उतारने के लिए कहा जाता था। महिलाएं जब आरोपियों की बातों में आ जाती थीं, तब आरोपी उनके गहने और अन्य सामान लेकर मौके से फरार हो जाते थे। इस तरह बिना किसी बड़े विवाद के वे महिलाओं को अपना शिकार बनाते थे।

पुलिस के अनुसार, इसी तरीके से गैंग ने आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में कई घटनाओं को अंजाम दिया। पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस अब इन जिलों में दर्ज अन्य टप्पेबाजी की घटनाओं से भी आरोपियों के संबंध की जांच कर रही है।

तीन जिलों में सामने आईं वारदातें

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 3 अगस्त को मऊ जिले के चिरैयाकोट क्षेत्र में खरिहानी तिराहे, 7 अगस्त को आजमगढ़ के तरवां क्षेत्र में कंचनपुर बाजार और इसी दिन गाजीपुर के दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन के सामने टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम दिया था।

इन घटनाओं में महिलाओं को रुपये की गड्डी का झांसा देकर उनके आभूषण और नकदी हड़पने का आरोप है। पुलिस अब इन मामलों में बरामद आभूषणों की पहचान कराने और संबंधित पीड़ितों से संपर्क करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।

सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो .315 बोर के तमंचे, दो खोखे और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा एक पल्सर बाइक नंबर UP61BJ6918, कुल 6,500 रुपये नकद और महिलाओं से टप्पेबाजी के दौरान लिए गए आभूषण भी बरामद किए गए।

बरामद आभूषणों में मंगलसूत्र, झुमके, कनफूल, लॉकेट, पायल और चांदी की चेन शामिल हैं। पुलिस ने बाइक को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

इस मामले में तरवां थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, विकास यादव के खिलाफ मेहनगर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने के साथ ही यह पता लगाने में लगी है कि गैंग में और कितने लोग शामिल हैं। साथ ही, बरामद आभूषणों और नकदी का मिलान पूर्व में दर्ज टप्पेबाजी के मामलों से किया जा रहा है।

महिलाओं को सावधान रहने की जरूरत

इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम लोगों, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि सड़क, बाजार या सार्वजनिक स्थानों पर किसी अनजान व्यक्ति द्वारा रुपये या किसी कीमती वस्तु से जुड़ा लालच दिए जाने पर सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की बातों में आकर अपने आभूषण या नकदी किसी को न दें।

पुलिस का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता के जरिए इस तरह की टप्पेबाजी की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील भी की गई है।

आजमगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से टप्पेबाजी की कई घटनाओं की कड़ियां जुड़ने की उम्मीद है। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ तथा बरामदगी के आधार पर आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में हुई अन्य घटनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

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