आजमगढ़ में UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा में नकल गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्राविधिक मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल कराने की कथित साजिश के मामले में आजमगढ़ पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
कोतवाली पुलिस ने वाराणसी निवासी करीब 27 वर्षीय कुश पटेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से एक सैमसंग मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
यह मामला 9 अगस्त 2026 को शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज, आजमगढ़ में आयोजित UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा से जुड़ा है। परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने के बाद कक्ष निरीक्षकों ने उसकी तलाशी ली थी।
तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद होने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और अब इस मामले में एक और कथित सदस्य को गिरफ्तार किया है।
परीक्षा केंद्र पर संदिग्ध गतिविधियों से हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त को शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज में UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा के दौरान ब्लॉक-A के एक कक्ष में परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी आलोक पटेल की गतिविधियां कक्ष निरीक्षकों को संदिग्ध लगीं।
इसके बाद कक्ष निरीक्षकों ने अभ्यर्थी की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कान के अंदर से एक हियरिंग डिवाइस बरामद हुआ। इसके अलावा अंडरवियर के अंदर से सिम लगा ब्लूटूथ डिवाइस और दो सेल बैटरियां भी मिलीं।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और इसके बाद पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू की।
बाहर से उत्तर बताने की थी कथित योजना
पुलिस की पूछताछ में अभ्यर्थी आलोक पटेल ने कथित तौर पर बताया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए परीक्षा के दौरान बाहर से प्रश्नों के उत्तर बताने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए हियरिंग डिवाइस और ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल किया जाना था।
पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत परीक्षा केंद्र के अंदर मौजूद अभ्यर्थी को बाहर बैठे लोगों से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संपर्क कराकर प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने की तैयारी थी। हालांकि, परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी की संदिग्ध गतिविधियों के कारण योजना का खुलासा हो गया।
इस मामले में कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभ्यर्थी आलोक पटेल और विरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जांच में सामने आया कुश पटेल का नाम
मामले की जांच आगे बढ़ने के दौरान पुलिस को अन्य लोगों की भूमिका के बारे में जानकारी मिली। इसी जांच में वाराणसी निवासी कुश पटेल पुत्र बेचन राम पटेल, निवासी सिहोरवा, थाना जन्सा, जनपद वाराणसी का नाम सामने आया।
पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। इसके बाद 13 अगस्त 2026 को मुखबिर और जांच से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, कुश पटेल को 13 अगस्त को करीब 1:20 बजे नरौली तिराहा बंधा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से एक सैमसंग मोबाइल फोन बरामद किया।
परीक्षा से एक दिन पहले हुई थी कथित बातचीत
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कुश पटेल ने बताया कि परीक्षा से एक दिन पहले विरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू ने अभ्यर्थी के माध्यम से परीक्षा में नकल कराने को लेकर उससे बातचीत की थी।
इसके बाद कुश पटेल कथित तौर पर अन्य साथियों के संपर्क में आया। पुलिस के मुताबिक, हियरिंग डिवाइस और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए अभ्यर्थी को अभ्यास भी कराया गया था। इसके बाद परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से बाहर से उत्तर उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई।
पुलिस के अनुसार, इस कथित योजना के लिए अभ्यर्थी से 6 लाख रुपये लिए जाने की बात तय हुई थी। हालांकि, परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी की संदिग्ध गतिविधियों के कारण पूरी योजना सफल नहीं हो सकी।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पुलिस पूछताछ में सामने आए आरोपों और बयानों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया तथा जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
वाराणसी से अभ्यर्थी को लेकर आजमगढ़ पहुंचे थे
पुलिस के अनुसार, परीक्षा के दिन कुश पटेल अपने कुछ साथियों के साथ अभ्यर्थी आलोक पटेल को लेकर वाराणसी से आजमगढ़ आया था।
अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षा देने के लिए चला गया, जबकि उसके साथ आए अन्य लोग परीक्षा केंद्र के बाहर इंतजार कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी के पकड़े जाने की जानकारी बाहर मौजूद लोगों तक पहुंची।
मामले की जानकारी मिलने के बाद कथित रूप से वहां मौजूद लोग मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए जांच तेज कर दी।
पुलिस गिरोह के नेटवर्क की कर रही जांच
इस मामले में एक और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब परीक्षा में नकल कराने वाले कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की व्यवस्था किसने की थी, अभ्यर्थी और अन्य आरोपियों के बीच संपर्क कैसे हुआ और इस पूरे मामले में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा, पुलिस कथित रूप से तय की गई छह लाख रुपये की रकम से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य पूरे नेटवर्क की कड़ियों को सामने लाना और मामले में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचना है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर पुलिस की नजर
परीक्षा में नकल के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कथित इस्तेमाल का यह मामला परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी महत्वपूर्ण है। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की जांच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की रोकथाम के लिए निर्धारित नियमों का पालन जरूरी होता है।
इस मामले में हियरिंग डिवाइस, सिम लगा ब्लूटूथ डिवाइस और बैटरियां बरामद होने के बाद पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल कराने की कथित योजना की दिशा में जांच शुरू की।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि ऐसे उपकरण कहां से उपलब्ध कराए गए और क्या इस नेटवर्क का संबंध अन्य परीक्षाओं से भी रहा है। हालांकि, इन पहलुओं की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
संबंधित धाराओं में कार्रवाई जारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 414/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश-2024 तथा धारा 66डी आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही, पहले गिरफ्तार किए जा चुके आरोपियों से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पहले दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही अभ्यर्थी आलोक पटेल और विरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब कुश पटेल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कथित नकल नेटवर्क की जांच में एक और महत्वपूर्ण कड़ी मिलने का दावा किया गया है।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीद, आपूर्ति और इस्तेमाल से संबंधित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल आजमगढ़ पुलिस ने कुश पटेल को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

