कानपुर मेडिकल कॉलेज में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की 39वीं यूजी क्विज, छात्रों ने दिखाया ज्ञान
रिपोर्ट – हरिशंकर शर्मा
कानपुर: भारतीय बाल रोग अकादमी (Indian Academy of Pediatrics) द्वारा आयोजित 39वीं यूजी क्विज प्रतियोगिता का आयोजन एलटी-1 मेडिकल कॉलेज, कानपुर में उत्साहपूर्ण और शैक्षणिक वातावरण में किया गया।
प्रतियोगिता का उद्देश्य मेडिकल छात्रों में बाल रोग विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ विषय से जुड़ी उनकी जानकारी, त्वरित निर्णय क्षमता और सामान्य चिकित्सा ज्ञान को परखना रहा। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के करीब 200 एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने उपस्थित होकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
प्रतियोगिता में कुल चार टीमों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों के बीच शुरुआत से ही कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
क्विज को रोचक, ज्ञानवर्धक और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बनाने के लिए आयोजकों ने अलग-अलग विषयों और प्रारूपों को शामिल किया। प्रतियोगिता में कुल छह राउंड आयोजित किए गए, जिनमें चिकित्सकीय जानकारी से जुड़े प्रश्न, सामान्य प्रश्नोत्तर, विजुअल राउंड और रैपिड फायर राउंड प्रमुख रहे।
छह राउंड में परखी गई मेडिकल छात्रों की प्रतिभा
क्विज प्रतियोगिता को इस तरह तैयार किया गया था कि विद्यार्थियों की केवल किताबी जानकारी ही नहीं, बल्कि उनकी समझ, एकाग्रता और तुरंत उत्तर देने की क्षमता भी सामने आ सके। विभिन्न राउंड में बाल रोग विज्ञान से जुड़े प्रश्नों के साथ सामान्य चिकित्सा ज्ञान पर आधारित सवाल पूछे गए। इसके अलावा विजुअल राउंड ने प्रतियोगिता को और अधिक रोचक बनाया।
वहीं, रैपिड फायर राउंड में प्रतिभागियों को कम समय में अधिक से अधिक सवालों के जवाब देने की चुनौती मिली। इस दौरान टीमों के बीच अंकों का अंतर लगातार बदलता रहा। परिणामस्वरूप दर्शकों और अन्य विद्यार्थियों की उत्सुकता भी पूरे कार्यक्रम के दौरान बनी रही।
आयोजकों के अनुसार, इस प्रकार की क्विज प्रतियोगिताएं मेडिकल छात्रों को अपने विषय को गहराई से समझने और नियमित अध्ययन के अलावा प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से ज्ञान को विकसित करने का अवसर प्रदान करती हैं।
खासतौर पर बाल रोग विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय में मजबूत आधार तैयार करने के लिए ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में उपयोगी साबित होती हैं।
डॉ. अनुकृति मिश्रा ने किया क्विज का संचालन
कार्यक्रम में क्विज मास्टर की भूमिका डॉ. अनुकृति मिश्रा ने निभाई। उन्होंने पूरे कार्यक्रम का प्रभावशाली और व्यवस्थित ढंग से संचालन किया। वहीं, स्कोरर के रूप में डॉ. रितुजा वर्मा ने जिम्मेदारी संभाली और प्रतियोगिता के दौरान टीमों के अंकों का संकलन एवं रिकॉर्ड रखने का कार्य किया।
क्विज के दौरान प्रतिभागियों से निर्धारित नियमों के अनुसार प्रश्न पूछे गए। प्रत्येक राउंड में टीमों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ सवालों का सामना किया। कुछ प्रश्नों पर टीमों को तत्काल उत्तर देना पड़ा, जबकि कुछ चरणों में उनके विषयगत ज्ञान और तार्किक समझ की परीक्षा हुई। इस कारण प्रतियोगिता शुरू से अंत तक विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष एवं सचिव डॉ. शैलेन्द्र गौतम सहित डॉ. एके आर्या, डॉ. यशवंत राव, डॉ. अमितेश यादव, डॉ. प्रशांत प्रियदर्शिनी और डॉ. नेहा अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। चिकित्सकों और शिक्षकों की मौजूदगी ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और प्रतियोगिता को शैक्षणिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाया।
करीब 200 एमबीबीएस छात्रों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में करीब 200 एमबीबीएस छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। विद्यार्थियों ने पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागी टीमों का उत्साहवर्धन किया। जैसे-जैसे प्रतियोगिता अंतिम चरण की ओर बढ़ी, छात्रों की दिलचस्पी और बढ़ती गई। कठिन प्रश्नों के दौरान सभागार में उत्सुकता का माहौल देखने को मिला।
आयोजन से जुड़े चिकित्सकों ने कहा कि मेडिकल शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है। इसके साथ विद्यार्थियों में विषय को समझने, परिस्थितियों का विश्लेषण करने और सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी आवश्यक है। क्विज जैसी गतिविधियां इन क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।
विशेष रूप से बाल रोग विज्ञान में विद्यार्थियों को बच्चों के स्वास्थ्य, विकास, रोगों की पहचान और उपचार से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी होना आवश्यक है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थी अपने ज्ञान को दोहराने के साथ-साथ यह भी समझ पाते हैं कि किसी विषय को व्यावहारिक और तार्किक तरीके से कैसे देखा जाए।
अवंतिका सिंह और शिवांगी चंद्रा की टीम रही प्रथम
प्रतियोगिता के सभी छह राउंड पूरे होने के बाद टीमों के अंकों का आकलन किया गया। मुकाबला काफी करीबी रहा और टीमों ने बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार प्रयास किया। अंततः प्राप्त अंकों के आधार पर विजेताओं का निर्णय किया गया।
प्रतियोगिता में डॉ. अवंतिका सिंह और डॉ. शिवांगी चंद्रा की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं डॉ. आकृति वर्मा और महक दुबे की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। दोनों टीमों ने प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में प्रभावी प्रदर्शन करते हुए अपनी विषयगत समझ और त्वरित उत्तर देने की क्षमता का परिचय दिया।
विजेता और उपविजेता टीमों की घोषणा के बाद उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनका उत्साहवर्धन किया।
आयोजन में शामिल अन्य प्रतिभागियों के प्रदर्शन की भी सराहना की गई। आयोजकों ने कहा कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेना अपने आप में विद्यार्थियों के लिए सीखने और अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।
प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाणपत्र
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी टीमों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। प्रमाणपत्र और सम्मान मिलने पर प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला।
आयोजन को सफल बनाने में बाल रोग विभाग की पूरी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं से लेकर प्रतियोगिता के संचालन तक विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। सभी के समन्वित प्रयास से कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल छात्रों के लिए शैक्षणिक प्रतियोगिताएं उनके व्यक्तित्व और ज्ञान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
नियमित पढ़ाई के साथ ऐसी गतिविधियों में भाग लेने से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है। साथ ही, उन्हें अपनी कमियों और मजबूत पक्षों को पहचानने का अवसर भी मिलता है।
बाल रोग विज्ञान के प्रति बढ़ेगी रुचि
आयोजकों ने कहा कि 39वीं यूजी क्विज जैसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल रोग विज्ञान के अध्ययन के लिए प्रेरित करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों को अपने ज्ञान को परखने और अन्य प्रतिभागियों से सीखने का अवसर मिलता है। इसके अलावा, शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक संवाद को भी बढ़ावा मिलता है।
कुल मिलाकर, एलटी-1 मेडिकल कॉलेज कानपुर में आयोजित 39वीं यूजी क्विज प्रतियोगिता ज्ञान, प्रतिस्पर्धा और उत्साह का प्रभावी संगम रही। चार टीमों के बीच हुए मुकाबले और छह अलग-अलग राउंड ने कार्यक्रम को रोचक बनाए रखा। करीब 200 एमबीबीएस विद्यार्थियों की उपस्थिति ने आयोजन की शैक्षणिक उपयोगिता को और मजबूत किया।
इस तरह भारतीय बाल रोग अकादमी का यह आयोजन मेडिकल छात्रों के लिए केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अपने ज्ञान को परखने, नई जानकारी हासिल करने और बाल रोग विज्ञान के प्रति अपनी रुचि को और मजबूत करने का अवसर भी बना। कार्यक्रम के सफल आयोजन के साथ आयोजकों ने भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए ऐसी शैक्षणिक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया।

