प्रतापगढ़ में जर्जर मकान ढहने से 6 लोगों की मौत, प्रभारी मंत्री ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
प्रतापगढ़: जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के महुली गांव में 6 अगस्त 2026 की देर रात जर्जर भवन गिरने की घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। करीब रात 2 बजे हुए इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की ओर से राहत एवं सहायता की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी क्रम में राज्य सरकार के प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
प्रभारी मंत्री ने हादसे में परिवार के इकलौते जीवित बचे अमन श्रीवास्तव से भी मुलाकात की। उन्होंने अमन का हाल-चाल जाना और परिवार की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मंत्री ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार और प्रशासन की ओर से उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
महुली गांव में हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ के कोतवाली नगर क्षेत्र के महुली गांव में 6 अगस्त की देर रात एक जर्जर भवन अचानक ढह गया था। घटना के समय भवन में लोग मौजूद थे। भवन गिरने के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव के प्रयास शुरू किए गए।
हादसा देर रात करीब 2 बजे हुआ, जिसके कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शुरू करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी। इसके बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य को आगे बढ़ाया।
हालांकि, इस हादसे में छह लोगों की जान चली गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिवार के लिए यह क्षति बेहद कठिन है। वहीं, प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रभारी मंत्री ने परिवार को दिया भरोसा
हादसे के बाद प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत की और घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। मंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें नियमानुसार हर संभव सहायता दी जाएगी।
मंत्री ने हादसे में जीवित बचे अमन श्रीवास्तव से विशेष रूप से मुलाकात की। उन्होंने अमन की स्थिति के बारे में जानकारी ली और परिवार की जरूरतों को समझने का प्रयास किया। साथ ही, उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को पीड़ित परिवार को अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस दौरान मंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकारी स्तर से मिलने वाली सहायता में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन को पीड़ित परिवार की जरूरतों के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम करने के लिए कहा गया है।
विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद
प्रभारी मंत्री के पीड़ित परिवार से मिलने के दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें विधायक राजेंद्र मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
अधिकारियों ने भी परिवार से बातचीत कर हादसे की जानकारी ली। साथ ही, प्रशासन की ओर से अब तक किए गए राहत एवं सहायता संबंधी कार्यों की जानकारी प्रभारी मंत्री को दी गई।
इस दौरान अधिकारियों ने यह भी बताया कि शासन स्तर से मिलने वाली अनुमन्य आर्थिक सहायता और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया तेज
हादसे के बाद प्रशासन का मुख्य फोकस पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने पर है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। शासन के प्रावधानों के अनुसार परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाओं के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
प्रशासन की कोशिश है कि पात्र परिवार को सरकारी सहायता समय पर उपलब्ध हो। इसके अलावा, परिवार की अन्य आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों की ओर से घटना से जुड़े तथ्यों और राहत कार्यों की निगरानी की जा रही है।
जर्जर भवनों को लेकर सतर्कता जरूरी
प्रतापगढ़ की यह घटना जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। पुराने और कमजोर भवनों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर प्रशासन की ओर से सावधानी बरतने की अपील की जाती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर जर्जर भवनों की पहचान और उनकी स्थिति का आकलन करना महत्वपूर्ण हो जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने भवनों में दरार, कमजोर दीवारें, छत की खराब स्थिति या अन्य संरचनात्मक समस्याएं दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय रहते भवन की जांच और आवश्यक मरम्मत से संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।
हालांकि, महुली गांव में हुए हादसे के संबंध में प्रशासन की ओर से उपलब्ध जानकारी के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों में जर्जर भवनों को लेकर चिंता बढ़ी है।
प्रशासन ने हर संभव मदद का दिया आश्वासन
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। परिवार को आश्वस्त किया गया कि शासन की ओर से निर्धारित सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशासन पूरी गंभीरता से काम करेगा।
वहीं, प्रभारी मंत्री की इस मुलाकात को पीड़ित परिवार के प्रति सरकार की संवेदनशीलता के तौर पर देखा जा रहा है। हादसे में छह लोगों की मौत के बाद परिवार के सामने उत्पन्न परिस्थितियां बेहद कठिन हैं। ऐसे में सरकारी सहायता उनके लिए महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से राहत और सहायता संबंधी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से परिवार के संपर्क में रहने की बात कही गई है।
घटना से पूरे इलाके में शोक
महुली गांव में हुए इस हादसे के बाद से ग्रामीणों में शोक का माहौल है। एक ही घटना में छह लोगों की मौत से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। पीड़ित परिवार के प्रति आसपास के लोगों ने भी संवेदना व्यक्त की है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे जर्जर और असुरक्षित भवनों के संबंध में समय रहते संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। इससे संभावित जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, प्रतापगढ़ के महुली गांव में हुआ यह हादसा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति छोड़ गया है। सरकार और प्रशासन की ओर से अब पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह की मुलाकात के दौरान भी परिवार को यही भरोसा दिया गया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है।

