बाढ़ के पानी में डूबने से किसान की मौत, चार घंटे बाद मिला शव
रिपोर्ट – हर्ष वर्मा
फर्रुखाबाद। कम्पिल थाना क्षेत्र के मंतपुरा गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में 30 वर्षीय किसान अजब सिंह की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। अजब सिंह गंगा किनारे अपने जानवर चराने गए थे। इसी दौरान कुछ जानवर बाढ़ के पानी में बने एक गहरे सोते में चले गए। उन्हें बाहर निकालने के प्रयास में अजब सिंह भी पानी में उतर गए और गहराई में चले जाने के कारण डूब गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना उनके परिजनों और ग्रामीणों को दी। करीब चार घंटे तक चले तलाश अभियान के बाद अजब सिंह का शव पानी से बरामद किया जा सका।
जानवरों को बाहर निकालने पानी में उतरे थे अजब सिंह
जानकारी के अनुसार, मंतपुरा गांव निवासी अजब सिंह पुत्र स्वर्गीय पातीराम बुधवार को रोज की तरह जानवर चराने के लिए गंगा किनारे गए थे। इस दौरान उनके कुछ जानवर बाढ़ के पानी में बने सोते की ओर चले गए। जानवरों को पानी से बाहर निकालने के लिए अजब सिंह भी उनके पीछे पानी में उतर गए।
बताया गया कि पानी में उतरने के बाद वह अचानक गहराई वाले हिस्से में चले गए। देखते ही देखते वह पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों को जब घटना का पता चला तो उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी अजब सिंह के स्वजन को दी। इसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और पानी में उनकी तलाश शुरू कर दी।
चार घंटे की तलाश के बाद बरामद हुआ शव
घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने अजब सिंह को तलाशने के लिए काफी प्रयास किए। बाढ़ के पानी और गहराई के कारण तलाश अभियान में परेशानी भी सामने आई। इसके बावजूद ग्रामीण लगातार उनकी तलाश करते रहे। करीब चार घंटे तक चले प्रयास के बाद अजब सिंह का शव पानी से बरामद कर लिया गया।
शव मिलने की जानकारी जैसे ही परिवार के लोगों को हुई, घर में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने बताया कि अजब सिंह परिवार के लिए महत्वपूर्ण सदस्य थे और जानवर चराने के दौरान हुए हादसे ने सभी को झकझोर दिया।
मौके पर पहुंचा राजस्व विभाग
हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लेखपाल समेत राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली और ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की। वहीं, ग्रामीणों ने भी हादसे की परिस्थितियों के बारे में अधिकारियों को बताया।
बाढ़ के पानी में हुए इस हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों में चिंता दिखाई दी। गंगा किनारे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी का बहाव और गहराई लगातार लोगों के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे में ग्रामीणों से सावधानी बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है।
चार भाइयों में चौथे नंबर पर थे अजब सिंह
मृतक के भाई धनपाल ने बताया कि अजब सिंह चार भाइयों में सबसे छोटे और चौथे नंबर पर थे। बड़े भाई का नाम धनपाल है, जबकि छोटे भाइयों में सर्वेश और जनवेश शामिल हैं। अजब सिंह अविवाहित थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था।
परिवार के अनुसार, अजब सिंह की अचानक हुई मौत से सभी लोग सदमे में हैं। एक सामान्य दिन की तरह जानवर चराने के लिए घर से निकले अजब सिंह के साथ कुछ ही देर में ऐसा हादसा हो गया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। परिवार के सदस्यों के लिए यह घटना बेहद दुखद है।
बाढ़ के पानी में सावधानी जरूरी
फर्रुखाबाद के गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी कई स्थानों तक पहुंचने के कारण ग्रामीणों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खासकर पशुओं को चराने या उन्हें पानी से निकालने के दौरान गहरे हिस्सों में जाने से बचना जरूरी है। बाढ़ के पानी में ऊपर से सामान्य दिखाई देने वाले स्थानों पर भी गहराई और तेज बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है।
इस घटना में भी अजब सिंह अपने जानवरों को पानी से बाहर निकालने के उद्देश्य से पानी में उतरे थे। हालांकि, वह वापस नहीं लौट सके। हादसे के बाद ग्रामीणों ने कई घंटे तक उनकी तलाश की और अंततः उनका शव बरामद किया गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अजब सिंह की मौत से उनके परिवार और गांव में शोक की स्थिति है। परिजनों के लिए सबसे दुखद पहलू यह है कि वह घर से जानवर चराने के लिए निकले थे, लेकिन फिर वापस नहीं लौट सके। घटना की जानकारी के बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुटी रही और परिवार को सांत्वना देने का सिलसिला जारी रहा।
फिलहाल, राजस्व विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया है। हादसे के बाद ग्रामीणों में बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ गई है। वहीं, अजब सिंह की मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है।
मंतपुरा गांव में हुई यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि बाढ़ के पानी में उतरना कितना जोखिम भरा हो सकता है। पशुओं को बचाने या निकालने के प्रयास में भी लोगों को अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती रही है, ऐसे में ग्रामीणों के लिए भी जरूरी है कि वे पानी की गहराई और बहाव को देखते हुए ही कोई कदम उठाएं।
अजब सिंह की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। चार भाइयों में चौथे नंबर के अजब सिंह अविवाहित थे और माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। करीब चार घंटे की तलाश के बाद उनका शव मिलने से परिवार की उम्मीदें भी टूट गईं। गांव में हादसे को लेकर शोक का माहौल है।

