गांव के तालाब में मगरमच्छ मिलने से मचा हड़कंप, वन विभाग ने जाल डालकर किया रेस्क्यू; गंगा में छोड़ा

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रिपोर्ट- इकबाल अंसारी 

अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में गांव के तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों के बीच कई दिनों तक चिंता का माहौल बना रहा। मामला गजरौला थाना क्षेत्र के गांव कुदैना-चक का है, जहां तालाब के आसपास मगरमच्छ देखे जाने की सूचना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में उसे गंगा नदी में छोड़ दिया गया।

तालाब में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

जानकारी के मुताबिक, गांव कुदैना-चक स्थित तालाब में ग्रामीणों को मगरमच्छ दिखाई दिया था। तालाब के आसपास मगरमच्छ की मौजूदगी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग सतर्क हो गए। ग्रामीणों ने तालाब के आसपास जाने से दूरी बनानी शुरू कर दी। खासतौर पर बच्चों और अन्य लोगों को तालाब के पास जाने से रोका जाने लगा।

मगरमच्छ को तालाब में देखने के बाद कुछ ग्रामीणों ने उसका वीडियो भी बनाया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद गांव और आसपास के इलाकों में मगरमच्छ की मौजूदगी को लेकर चर्चा तेज हो गई।

ग्रामीणों का कहना था कि तालाब के आसपास लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में मगरमच्छ की मौजूदगी को देखते हुए किसी तरह की अनहोनी की आशंका बनी हुई थी। इसलिए ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द से जल्द मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने की मांग की।

ग्रामीणों ने वन विभाग को दी सूचना

मगरमच्छ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी। सूचना मिलने पर विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लिया और मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की तैयारी शुरू की।

इसके बाद मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम गांव कुदैना-चक पहुंची। टीम ने पहले तालाब और उसके आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।

वन विभाग की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तालाब में जाल डाला। मगरमच्छ को जाल में सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, लगातार प्रयास के बाद टीम को सफलता मिल गई और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया।

जाल डालकर सुरक्षित पकड़ा गया मगरमच्छ

मगरमच्छ के रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की टीम ने सावधानी बरती। टीम का उद्देश्य मगरमच्छ को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान पर ले जाना था। काफी प्रयास के बाद मगरमच्छ जाल में फंस गया।

मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कई दिनों से तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने के कारण ग्रामीणों के बीच चिंता बनी हुई थी। रेस्क्यू अभियान सफल होने के बाद यह चिंता काफी हद तक खत्म हो गई।

ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम की कार्रवाई की सराहना की। साथ ही समय पर सूचना पर पहुंचकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने के लिए टीम का आभार जताया।

गंगा नदी में छोड़ा गया मगरमच्छ

रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद उसे गंगा नदी में छोड़ दिया गया। इस तरह मगरमच्छ को गांव के आबादी क्षेत्र से हटाकर उसके लिए अधिक उपयुक्त प्राकृतिक वातावरण में पहुंचाया गया।

मगरमच्छ को गंगा में छोड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने भी राहत महसूस की। तालाब के आसपास अब लोगों के बीच पहले जैसी चिंता नहीं है। वहीं, वन विभाग की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ कि वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने पर उन्हें सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो

मगरमच्छ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद इस घटना को लेकर लोगों की उत्सुकता भी बढ़ गई थी। हालांकि, ग्रामीणों के लिए यह केवल चर्चा का विषय नहीं था, बल्कि तालाब के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला था।

इसी वजह से ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की।

वन्यजीव दिखने पर सतर्क रहने की जरूरत

गांव या आबादी वाले क्षेत्रों में मगरमच्छ जैसे वन्यजीव दिखाई देने पर लोगों को खुद उसे पकड़ने या उसके करीब जाने से बचना चाहिए। ऐसे मामलों में वन विभाग या संबंधित अधिकारियों को सूचना देना सबसे सुरक्षित तरीका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वन्यजीवों को घेरने, पत्थर मारने या उनके करीब जाकर वीडियो बनाने की कोशिश करना जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए यदि किसी तालाब, नदी या अन्य जलस्रोत के आसपास मगरमच्छ दिखाई दे तो लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।

इसके अलावा, बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखना जरूरी है। खासकर बरसात के मौसम में जलस्रोतों के आसपास वन्यजीवों की गतिविधियां दिखाई दे सकती हैं। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहना चाहिए और वन विभाग को समय पर जानकारी देनी चाहिए।

रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

कुदैना-चक में मगरमच्छ के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कई दिनों से तालाब के आसपास मगरमच्छ देखे जाने के कारण लोगों में चिंता बनी हुई थी। अब वन विभाग की टीम द्वारा उसे सुरक्षित पकड़कर गंगा नदी में छोड़ दिए जाने के बाद ग्रामीणों की परेशानी दूर हो गई है।

इस पूरी कार्रवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने भी वन विभाग की टीम का सहयोग किया। विभाग की टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया।

अमरोहा के कुदैना-चक गांव में तालाब से मगरमच्छ का रेस्क्यू स्थानीय लोगों के लिए राहत की खबर है। मगरमच्छ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने समय रहते वन विभाग को सूचना दी और विभाग ने भी तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया। जाल की मदद से मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे गंगा नदी में छोड़ दिया गया।

यह घटना यह भी बताती है कि आबादी वाले इलाकों में वन्यजीव दिखाई देने पर घबराने के बजाय संबंधित विभाग को सूचना देना चाहिए। साथ ही, वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना और उन्हें नुकसान न पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।

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