शिब्ली कॉलेज में IGNOU का मार्गदर्शन सत्र, विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और करियर के अवसरों की जानकारी
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: शिब्ली नेशनल कॉलेज, आजमगढ़ स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) अध्ययन केंद्र 48065 में सोमवार को विद्यार्थियों के शैक्षणिक मार्गदर्शन, करियर निर्माण और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वागत, मार्गदर्शन एवं परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को इग्नू की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. उपेन्द्र नाभ त्रिपाठी और सहायक निदेशक श्री देव नारायण पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को इग्नू की शिक्षा प्रणाली की विशेषताओं से अवगत कराया और कहा कि दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी अपनी अन्य जिम्मेदारियों के साथ उच्च शिक्षा जारी रख सकते हैं।
विद्यार्थियों को इग्नू की शिक्षा व्यवस्था की जानकारी
मार्गदर्शन एवं परामर्श सत्र के दौरान इग्नू अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रमों की उपलब्धता, अध्ययन सामग्री और परीक्षा व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
क्षेत्रीय निदेशक डॉ. उपेन्द्र नाभ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम का चयन करें। उन्होंने इग्नू की शैक्षणिक और अन्य सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
वहीं, सहायक निदेशक श्री देव नारायण पाठक ने भी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ कौशल विकास और रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान और कौशल भी करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सर्वांगीण विकास में मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. मोहम्मद खालिद ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र जीवन में उचित मार्गदर्शन और परामर्श का विशेष महत्व है। सही दिशा मिलने से विद्यार्थी अपने शैक्षणिक लक्ष्यों को बेहतर ढंग से निर्धारित कर सकते हैं और उपलब्ध अवसरों का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शैक्षणिक लक्ष्यों के प्रति गंभीर रहने और शिक्षा के साथ-साथ अपने कौशल को विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ विद्यार्थियों को नए क्षेत्रों और अवसरों के बारे में जानकारी रखना जरूरी है।
इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार विषयों का चयन करने और नियमित रूप से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने में योगदान देना है।
प्राचार्य ने दूरस्थ शिक्षा के महत्व पर दिया जोर
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अफसर अली ने इग्नू अध्ययन केंद्र की गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अध्ययन केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक और कौशल आधारित शिक्षा के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ शिक्षा उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो विभिन्न परिस्थितियों के कारण नियमित रूप से महाविद्यालय या विश्वविद्यालय में उपस्थित होकर शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते। ऐसे विद्यार्थियों के लिए इग्नू जैसी व्यवस्था उच्च शिक्षा जारी रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों से उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। साथ ही उन्होंने शिक्षा के साथ आवश्यक कौशल विकसित करने पर भी जोर दिया।
कई रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की दी जानकारी
इग्नू अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. मोहम्मद जाहिद ने विद्यार्थियों को विभिन्न रोजगारपरक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इग्नू में विद्यार्थियों की अलग-अलग रुचियों और करियर लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
उन्होंने विशेष रूप से साइबर विधि, मोबाइल एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग, पोषण, परामर्श, पत्रकारिता एवं जनसंचार, अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन, होटल प्रबंधन तथा कुक्कुट पालन जैसे क्षेत्रों से संबंधित पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी साझा की।
डॉ. जाहिद ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। इसके बजाय विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल भी हासिल करना चाहिए, ताकि वे भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों का लाभ उठा सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुरूप पाठ्यक्रम चुनने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में मदद कर सकती है।
विद्यार्थियों ने पूछे करियर से जुड़े सवाल
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने इग्नू से संबंधित कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। इनमें प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रम चयन, सत्रीय कार्य, परीक्षा, अध्ययन सामग्री और करियर निर्माण जैसे विषय शामिल रहे।
विद्यार्थियों की ओर से पूछे गए सवालों का इग्नू अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया। इससे विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक योजना तैयार करने और उपलब्ध पाठ्यक्रमों को समझने में सहायता मिली।
विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए यह सत्र उपयोगी रहा, जो उच्च शिक्षा के साथ रोजगारपरक और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। मार्गदर्शन सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि वे अपनी शैक्षणिक योग्यता और रुचि के अनुसार किस प्रकार आगे बढ़ सकते हैं।
शिक्षा के साथ कौशल विकास पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ कौशल विकास भी आवश्यक है। तकनीकी बदलाव और रोजगार के बदलते स्वरूप के कारण नए कौशल सीखना विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकता है।
इसी क्रम में इग्नू के विभिन्न रोजगारपरक पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी रुचि के क्षेत्र में अतिरिक्त ज्ञान और कौशल हासिल करने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक यात्रा को व्यापक बना सकते हैं।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों से कहा कि वे उपलब्ध संसाधनों और शैक्षणिक सुविधाओं का सही उपयोग करें तथा अपने भविष्य के लक्ष्य को ध्यान में रखकर अध्ययन करें।
कार्यक्रम का संचालन और समापन
कार्यक्रम का संचालन प्रो. मोहम्मद ताहिर ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य को विद्यार्थियों के सामने रखा तथा मार्गदर्शन सत्र में विशेषज्ञों की ओर से दी गई जानकारी को महत्वपूर्ण बताया।
कुल मिलाकर, शिब्ली नेशनल कॉलेज स्थित IGNOU अध्ययन केंद्र में आयोजित यह मार्गदर्शन एवं परामर्श सत्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और रोजगारपरक कौशल की दिशा में जागरूक करने वाला रहा। कार्यक्रम में इग्नू अधिकारियों और महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, शिक्षा को कौशल और करियर निर्माण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

