कानपुर में दिव्यांग बच्चे को बचपन डे केयर सेंटर से बाहर निकाला, पिता अफसरों के दफ्तरों के लगाता रहा चक्कर, न्याय की आस बैठा परिवार

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रिपोर्ट-कृष्णा शर्मा 

कानपुरः यूपी के कानपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कानपुर के बचपन डे केयर सेंटर में पढ़ने वाले दिन्यांग बच्चे को प्रिंसिपल ने विद्यालय से बिना कारण बताए 2023 में निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद दिव्यांग बच्चे के पिता जिला दिव्यांग जनशक्तिकरण अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, डीएम समेत मुख्यमंत्री से गुहार लगाई। लेकिन पीड़ित को आज दिन तक न्याय नहीं मिल सका। हालाकि मामला कोर्ट में है और परिवार न्याय की उम्मीद में आज भी बैठा है।

बर्रा थाना क्षेत्र स्थित बर्रा दो में रहने वाले अर्जुन कुमार का बेटा 09 वर्षीय वंश कुमार दिव्यांग है। अर्जुन कुमार ने अपने बेटे का दाखिला सिविल लाइंस स्थित बचपन डे केयर सेंटर में कराया था। दरअसल बचपन डे केयर सेंटर में दिव्यांग बच्चे 3 से 7 साल की उम्र तक पढ़ सकते हैं। अर्जुन कुमार ने अपने बेटे वंश का दाखिला 2022 में बचपन डे केयर सेंटर में कराया था।

खराब खाना दिया था
अर्जुन कुमार ने बताया कि उनकी बुलेरो गाड़ी विद्यालय में बच्चों के लाने और ले जाने के लिए एक ट्रैवल्स एजेंसी के जरिए लगी थी। ट्रैवल्स एजेंसी संचालक अनिल ठेकेदार ने अर्जुन कुमार की बुलेरो 30 हजार रुपए प्रतिमाह विद्यालय से दिलाने की बात कह कर लगवाई थी। जिसकी वजह से अर्जुन कुमार का प्रतिदिन विद्यालय आना जाना लगा रहता था। इस दौरान अर्जुन ने देखा कि विद्यालय में बच्चों को अच्छा खाना नहीं दिया है। बल्कि खराब खाना दिया था।

भगुतान किया जाता था

अर्जुन कुमार ने बताया कि मेरी बोलेरो गाड़ी ट्रैवल्स में लगी थी। मेरी बात 30 हजार रुपए प्रतिमाह देने की हुई थी। लेकिन ठेकेदार अनिल प्रधानाचार्य की मिली भगत होने कारण हर महीने तीन हजार रुपए काट कर दिए थे। अर्जुन कुमार को 27 हजार रुपए का भगुतान किया जाता था। उन्होने इसका भी विरोध किया था। इसके साथ ही अर्जुन का आरोप है कि शासन की तरफ से दिव्यांग बच्चों के लिए किट आती थी। जिसमें उनसे जुड़ी समाग्री होती थी। लेकिन वह किट भी उनके बच्चे वंश कुमा को नहीं दी गई।

विद्यालय से निष्कासित कर दिया
जिसका अर्जुन कुमार ने विरोध किया तो उनकी विद्यालय के प्रिंसिपल मृदुल रावत से बहस हो गई। इसके बाद बचपन डे केयर सेंटर के प्रिंसिपल मृदुल रावत ने अर्जुन कुमार के बेटे वंश कुमार को विद्यालय से निष्कासित कर दिया। इसके बाद अर्जुन कुमार संबंधित अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाते रहे। लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।

पीड़ित ने लगाया आरोप
अर्जुन कुमार ने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक पत्र लिखे। शासन को पत्र लिखते हुए आरोप लगाया कि बचपन डे केयर सेंटर के प्रधानाचार्य मृदुल रावत, अनिल ठेकेदार और विनय उत्तम जिला दिव्यांग जनशक्तिकरण अधिकारी समेत विभाग के अन्य कर्मचारियों ने सरकार के द्वारा प्राप्त दिव्यांग बच्चों के लाभार्थ हेतु शासन से प्राप्त करोड़ों रुपए का गबन किया है। जिसकी एंटीकरप्शन विभाग से कराई जाए।

न्यायलय में विचाराधीन है  
उन्होंने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर ने जनसुनवाई के संबंध में प्रस्तुत जांच आख्या 4 फरवरी 2025 को अपत्ति जताई। अर्जुन कुमार का आरोप है कि उनके बेटे को बिना किसी जानकारी के विद्यालय से निष्कासित कर दिया गया। जब उन्होंने विद्यालय से निष्कासित करने का कारण पूछा तो उन्होंने सही जवाब नहीं दिया। हालाकि यह मामल अब कोर्ट में चला गया और न्यायलय में विचाराधीन है।

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