कानपुर के रतनलाल नगर में 51 पौधों का रोपण, स्वास्थ्य शिविर में 103 मरीजों की जांच

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर कानपुर के दक्षिण क्षेत्र स्थित रतनलाल नगर में सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहीद उधम सिंह पार्क में नगर निगम एवं उद्यान विभाग के सहयोग से 51 पौधों का वृक्षारोपण किया गया। इसके साथ ही गरीब बस्तियों और आसपास के लोगों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें आंख, दांत, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर से संबंधित जांच की गई।

कार्यक्रम का आयोजन अनुचर सेवा संस्थान की ओर से किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता सर्वेश पाण्डेय निन्नी की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य एक ओर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना था, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंद लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना था।

शहीद उधम सिंह पार्क में हुआ वृक्षारोपण

कार्यक्रम की शुरुआत शहीद उधम सिंह पार्क में वृक्षारोपण के साथ हुई। नगर निगम और उद्यान विभाग के सहयोग से पार्क परिसर में 51 पौधे लगाए गए। आयोजकों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समाज की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। इसलिए अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल करना जरूरी है।

वृक्षारोपण कार्यक्रम को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ से जोड़ते हुए स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों और देश की आजादी के लिए किए गए उनके संघर्ष को भी याद किया गया। आयोजकों ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों ने जिस एकजुटता और जिम्मेदारी का परिचय दिया था, उसी भावना के साथ वर्तमान पीढ़ी को पर्यावरण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

सर्वेश पाण्डेय निननी ने कहा कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि पार्क और आसपास लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने में सहयोग करें।

स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में मरीजों की हुई जांच

वृक्षारोपण के साथ आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में स्थानीय और जरूरतमंद लोगों की विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर में आंखों, दांतों, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर से संबंधित जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

आयोजकों के अनुसार, शिविर के दौरान 13 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया। इन मरीजों को आगे की प्रक्रिया के लिए 10 अगस्त को हर्ष नगर स्थित कनिका हॉस्पिटल बुलाया गया है।

इस पहल से उन लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें आर्थिक कारणों से समय पर आंखों की जांच और उपचार कराने में परेशानी होती है।

13 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए किया गया चिन्हित

शिविर में आंखों की जांच के दौरान चिकित्सकों ने मरीजों की स्थिति का परीक्षण किया। जांच के बाद 13 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए उपयुक्त पाया गया। इन्हें आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के लिए अस्पताल में बुलाया गया है।

आयोजकों ने बताया कि शिविर का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं था, बल्कि जरूरतमंद मरीजों को आगे के उपचार तक पहुंच उपलब्ध कराना भी था। इसी क्रम में आंखों से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों को आवश्यक सलाह दी गई।

मरीजों को उपचार संबंधी जानकारी देने के साथ ही उन्हें निर्धारित तिथि पर अस्पताल पहुंचने के लिए कहा गया है।

60 मरीजों की ब्लड शुगर जांच

स्वास्थ्य शिविर में 60 मरीजों की ब्लड शुगर जांच भी की गई। जांच के दौरान कई लोगों में शुगर से संबंधित समस्या सामने आने की जानकारी आयोजकों ने दी।

ब्लड शुगर की नियमित जांच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विशेषकर ऐसे लोग, जिन्हें पहले से शुगर की समस्या है या जिनमें इसके लक्षण दिखाई देते हैं, उनके लिए समय-समय पर जांच जरूरी होती है।

शिविर में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह भी दी गई।

दांतों की सफाई और मौखिक स्वास्थ्य की जांच

शिविर के दौरान 30 मरीजों के दांतों की जांच और सफाई की गई। नायर डेंटल क्लिनिक, रतनलाल नगर की डेंटल सर्जन डॉ. रेवती नायर ने मरीजों का परीक्षण किया।

आयोजकों के अनुसार, जांच के दौरान कई मरीजों ने पायरिया, मुंह से दुर्गंध और दांतों में पानी लगने जैसी समस्याओं की शिकायत की। चिकित्सक ने मरीजों को मौखिक स्वच्छता बनाए रखने और दांतों की नियमित देखभाल के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।

इसके अलावा, दांतों से जुड़ी समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लेने की बात कही गई।

ब्लड प्रेशर की भी हुई जांच

शिविर में ब्लड प्रेशर की जांच भी की गई। डॉ. दिव्या ने मरीजों का ब्लड प्रेशर जांचा। आयोजकों के मुताबिक, जांच के दौरान कई लोगों में ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्या सामने आई।

शिविर के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि नियमित स्वास्थ्य जांच से कई समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है। खासतौर पर ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जैसी स्थितियों की समय-समय पर जांच कराना स्वास्थ्य जागरूकता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

चिकित्सकों और सहयोगियों ने निभाई भूमिका

स्वास्थ्य परीक्षण शिविर को सफल बनाने में विभिन्न चिकित्सकों और स्थानीय सहयोगियों की भूमिका रही। नौबुल हॉस्पिटल के राजकुमार तिवारी के साथ चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच में सहयोग किया।

वहीं, डॉ. पुष्पांजलि ने ब्लड शुगर की जांच और डॉ. दिव्या ने ब्लड प्रेशर की जांच की। डेंटल सर्जन डॉ. रेवती नायर ने दांतों से संबंधित मरीजों का परीक्षण किया।

इस सामूहिक प्रयास से एक ही स्थान पर लोगों को कई प्रकार की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिल सकी।

शहीदों की स्मृति में कार्यक्रम का आयोजन

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सर्वेश पाण्डेय निननी ने स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी में भारत छोड़ो आंदोलन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।

उन्होंने शहीदों के नाम से जुड़ी योजनाओं और स्मारकों के संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंने कानपुर में निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन का नामकरण किसी शहीद के नाम पर किए जाने की मांग रखी।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।

24 अगस्त को फिर लगेगा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर

आयोजकों ने बताया कि आगामी 24 अगस्त को झूलेलाल चालिहा महोत्सव के दौरान भी स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया जाएगा। इसमें जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

इससे पहले आयोजित शिविर में मिली प्रतिक्रिया को देखते हुए भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम जारी रखने की बात कही गई है।

स्थानीय लोगों ने किया सहयोग

कार्यक्रम को सफल बनाने में कई स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। वृक्षारोपण और स्वास्थ्य शिविर में रमेश सिहवानी, सतीश रोचलानी, दीपक अशवानी, मनीष गोकलानी, मनीष बसतानी, मनोज त्रिवेदी, विमला चौहान, सावित्री पासवान, सिम्पल चौहान, रति नायर, प्रमोद सिंह, ऊषा ओचानी, सिमरन हिगवानी, गीता बलेचा, दीपा, सुषमा और रूबी गुप्ता सहित अन्य लोगों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के संचालन में रमेश सिहवानी की भूमिका रही। उन्होंने शिविर में सहयोग करने वाले सभी चिकित्सकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश

रतनलाल नगर में आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता को एक साथ जोड़ने की पहल रहा। एक ओर जहां 51 पौधों का रोपण कर हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य शिविर के जरिए जरूरतमंद लोगों को प्राथमिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

कुल मिलाकर, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर रतनलाल नगर के शहीद ऊधम सिंह पार्क में 51 पौधों का रोपण और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 13 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया, जबकि 60 मरीजों की ब्लड शुगर और 30 मरीजों की दांतों से संबंधित जांच की गई। अब 24 अगस्त को झूलेलाल चालिहा महोत्सव के दौरान एक और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जाने की तैयारी है।

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