गंगा का जलस्तर बढ़ा, चांदपुर के 12 गांवों पर बाढ़ का खतरा; चौकी खाली, 4 राहत केंद्र और 3 मोटरबोट तैनात
रिपोर्ट- तापिश मिर्जा
बिजनौरः पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के चलते बिजनौर जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र के गंगा खादर में स्थित करीब 12 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर चांदपुर क्षेत्र के निचले इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर बाढ़ का पानी आबादी और संपर्क मार्गों की ओर बढ़ने लगा है। इसी क्रम में पांडव नगर चौकी में भी पानी प्रवेश कर गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौकी को खाली करा दिया, ताकि पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
पांडव नगर चौकी में घुसा बाढ़ का पानी
गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद पांडव नगर चौकी के आसपास पानी पहुंचने लगा। देखते ही देखते चौकी परिसर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद चौकी को तत्काल खाली कराने का निर्णय लिया। इसके बाद चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया।
प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए संवेदनशील और निचले इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
स्टेट हाईवे तक पहुंचा बाढ़ का पानी
गंगा का पानी बढ़ने के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्थिति तेजी से बदल रही है। बाढ़ का पानी स्टेट हाईवे तक पहुंच गया है। इसके चलते कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों की आवाजाही में भी परेशानी सामने आ रही है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से प्रभावित गांवों तक राहत और बचाव संसाधन पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए मोटरबोट और ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस व्यवस्था से उन इलाकों तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है, जहां सड़क मार्ग से जाना मुश्किल हो गया है।
चार राहत चौकियां और तीन मोटरबोट तैनात
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में चार राहत चौकियां स्थापित की हैं। इसके अलावा तीन मोटरबोट भी तैनात कर दी गई हैं। इन संसाधनों का उद्देश्य प्रभावित गांवों में तत्काल राहत पहुंचाना और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
राहत चौकियों के माध्यम से प्रशासन प्रभावित ग्रामीणों की स्थिति पर नजर रख रहा है। वहीं, मोटरबोट के जरिए जलभराव वाले क्षेत्रों में आवागमन और बचाव कार्य को सुचारू बनाए रखने की तैयारी की गई है। इसके साथ ही ट्रैक्टरों को भी आवश्यकता के अनुसार इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी और बाढ़ के पानी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई है।
एसडीएम ने मोटरबोट से प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण
चांदपुर के एसडीएम प्रशांत वर्मा ने स्वयं प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मोटरबोट और ट्रैक्टर के जरिए बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों की स्थिति को देखा तथा राहत एवं बचाव के इंतजामों की जानकारी ली।
एसडीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें और परिस्थितियां बिगड़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने अधिकारियों और राहत टीमों को भी आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए।
प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी की जा रही है।
12 गांवों में प्रशासन की नजर
गंगा खादर क्षेत्र में आने वाले करीब 12 गांवों को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। इन गांवों की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने पर निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका रहती है। इसलिए प्रशासन ने इन क्षेत्रों में राहत और बचाव की व्यवस्था पहले से मजबूत कर दी है।
अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे जरूरी सामान और दस्तावेज सुरक्षित रखें तथा प्रशासन की सूचना पर तत्काल सहयोग करें। इसके अलावा पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
बाढ़ जैसी स्थिति में स्थानीय लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
लगातार बारिश से बढ़ी चिंता
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसका असर गंगा के आसपास के मैदानी क्षेत्रों में भी पड़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही खादर क्षेत्रों में प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत चौकियों और मोटरबोट की तैनाती के साथ ही अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त राहत एवं बचाव संसाधनों को भी लगाया जा सकता है।
ग्रामीणों से सुरक्षित रहने की अपील
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बाढ़ के पानी को पार करने का प्रयास न करें और नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। इसके अलावा बच्चों को पानी के आसपास जाने से रोकने की सलाह दी गई है।
एसडीएम प्रशांत वर्मा ने प्रभावित गांवों के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव कार्यों को और तेज किया जाएगा।
कुल मिलाकर, गंगा के बढ़ते जलस्तर ने चांदपुर क्षेत्र के गंगा खादर में सतर्कता बढ़ा दी है। पांडव नगर चौकी को खाली कराया जाना, स्टेट हाईवे तक पानी पहुंचना और कई गांवों का संपर्क प्रभावित होना स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि, प्रशासन ने चार राहत चौकियों और तीन मोटरबोट की तैनाती कर राहत-बचाव की तैयारियां मजबूत कर दी हैं। अब सभी की नजर गंगा के जलस्तर और आने वाले घंटों में बनने वाली परिस्थितियों पर है।

