पढ़िए कानपुर GSVM मेडिकल कॉलेज में नई विभागाध्यक्ष के सख्त फैसले, 10 बजे बंद होगी गेट एंट्री
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा
कानपुर: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में नई विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सीमा द्विवेदी ने कार्यभार संभालते ही विभाग की व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें स्टाफ की समयबद्धता, मरीजों की सुविधा, साफ-सफाई, ओपीडी में पंजीकरण व्यवस्था, वार्डों में तापमान नियंत्रण, हेपेटाइटिस मरीजों के लिए अलग व्यवस्था और पार्किंग को व्यवस्थित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
डॉ. सीमा द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि विभाग में अनुशासन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी क्रम में रात 10 बजे के बाद गेट एंट्री बंद करने और निर्धारित समय के बाद आने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और जूनियर डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
कार्यभार संभालते ही व्यवस्था सुधारने पर फोकस
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की नई विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद डॉ. सीमा द्विवेदी ने विभाग की व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। उनका फोकस मुख्य रूप से मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने पर है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में मरीजों की सुविधा सबसे महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, मरीज को भगवान मानकर सेवा करना चिकित्सा व्यवस्था की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी सोच के साथ विभाग में कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
विभाग में रोजाना बड़ी संख्या में महिलाएं इलाज और परामर्श के लिए पहुंचती हैं। ऐसे में ओपीडी से लेकर वार्ड तक व्यवस्था बेहतर करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रात 10 बजे बंद होगी गेट एंट्री
डॉ. सीमा द्विवेदी ने विभाग में अनुशासन को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि रात 10 बजे के बाद गेट एंट्री बंद कर दी जाएगी। निर्धारित समय के बाद प्रवेश करने वालों के संबंध में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस फैसले का उद्देश्य अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाए रखना और स्टाफ की समयबद्धता सुनिश्चित करना बताया गया है। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और जूनियर डॉक्टरों को समय पर ड्यूटी पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मरीजों के उपचार से जुड़ी सेवाओं में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसलिए ड्यूटी के समय स्टाफ की उपलब्धता और जवाबदेही पर विशेष निगरानी रखने की तैयारी है।
ओपीडी में बढ़ेंगे रजिस्ट्रेशन काउंटर
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक रहती है। बड़ी संख्या में महिलाएं प्रतिदिन पंजीकरण और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचती हैं। ऐसे में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भीड़ कम करने के लिए अतिरिक्त काउंटर बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों को लंबे समय तक लाइन में खड़े होने से राहत देना है। इसके साथ ही ओपीडी में पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।
डॉ. द्विवेदी का मानना है कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा देने के साथ-साथ उनकी सुविधा का ध्यान रखना भी अस्पताल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसलिए ओपीडी व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता दी जा रही है।
सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी
मरीजों के लिए स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विभाग की सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डॉ. सीमा द्विवेदी ने वार्डों की नियमित साफ-सफाई को बेहतर बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की बात कही है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में सफाई कर्मचारियों की कमी है। इसे दूर करने के लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उनका लक्ष्य वार्ड और अस्पताल परिसर को अधिक स्वच्छ बनाए रखना है।
स्वच्छ वातावरण मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसलिए सफाई व्यवस्था को विभागीय सुधारों का अहम हिस्सा बनाया गया है।
हेपेटाइटिस मरीजों के लिए अलग व्यवस्था
संक्रामक बीमारियों से जुड़े मरीजों की सुविधा और संक्रमण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए हेपेटाइटिस मरीजों के लिए अलग व्यवस्था करने की योजना बनाई गई है।
इसके तहत अतिरिक्त वार्ड और अलग ओटी की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य ऐसे मरीजों के उपचार के दौरान आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करना और अन्य मरीजों के लिए भी बेहतर संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
अस्पताल प्रशासन और विभागीय स्तर पर इस व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक तैयारियां की जाएंगी। इससे मरीजों के इलाज के साथ-साथ अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
तीमारदारों के लिए बनेगा वातानुकूलित हॉल
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की सुविधा पर भी डॉ. सीमा द्विवेदी ने ध्यान दिया है। गर्मी के मौसम को देखते हुए तीमारदारों के बैठने के लिए एक बड़े वातानुकूलित हॉल के निर्माण का आदेश दिया गया है।
इस व्यवस्था से मरीजों के परिजनों को अस्पताल में इंतजार के दौरान राहत मिल सकेगी। खासकर लंबे समय तक उपचार या भर्ती की स्थिति में मरीजों के साथ रहने वाले तीमारदारों के लिए बैठने की बेहतर जगह उपलब्ध होना उपयोगी होगा।
डॉ. द्विवेदी ने मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की सुविधाओं को भी चिकित्सा व्यवस्था का हिस्सा माना है।
वार्डों में कूलर-पंखों की व्यवस्था
गर्मी को देखते हुए सभी वार्डों में कूलर और पंखों की व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है। जहां आवश्यकता होगी, वहां नए पंखे लगाए जाएंगे। विभाग की ओर से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि मरीजों को वार्ड में पर्याप्त राहत मिल सके।
डॉ. सीमा द्विवेदी ने कहा कि आने वाले समय में सभी वार्डों को एयर कंडीशन करने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल हर वार्ड में कम से कम एक कूलर उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जा रही है।
इससे गर्मी के मौसम में भर्ती मरीजों और उनके साथ मौजूद तीमारदारों को अधिक आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
डॉक्टरों और जूनियर डॉक्टरों के बीच संवाद पर जोर
विभागाध्यक्ष ने बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के लिए डॉक्टरों और जूनियर डॉक्टरों के बीच बेहतर संवाद को भी जरूरी बताया है। इसके लिए सप्ताह में एक दिन सभी डॉक्टरों और जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक करने का निर्णय लिया गया है।
इन बैठकों में मरीजों की समस्याओं, इलाज से जुड़ी चुनौतियों और विभागीय व्यवस्थाओं में सुधार पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, स्टाफ से सुझाव भी लिए जा सकते हैं, ताकि जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जा सके।
इस पहल से विभाग में टीमवर्क को मजबूत करने और बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पार्किंग व्यवस्था को भी किया जाएगा व्यवस्थित
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार और कर्मचारी पहुंचते हैं। इसके चलते कई बार पार्किंग और यातायात से जुड़ी समस्या सामने आती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए पार्किंग व्यवस्था को और बड़ा तथा व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य अस्पताल परिसर में अनावश्यक जाम की स्थिति को कम करना और मरीजों को आवागमन में सुविधा देना है।
पार्किंग को व्यवस्थित करने से अस्पताल परिसर में वाहनों की आवाजाही बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही, मरीजों और एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं के आवागमन में भी सुविधा मिल सकती है।
मरीजों की सुविधा को बनाया गया प्राथमिकता
नई विभागाध्यक्ष के फैसलों में सबसे अधिक जोर मरीजों की सुविधा और विभागीय अनुशासन पर दिखाई दे रहा है। ओपीडी रजिस्ट्रेशन से लेकर वार्ड की सफाई, तापमान नियंत्रण, अलग चिकित्सा व्यवस्था और तीमारदारों के लिए सुविधाओं तक कई स्तरों पर सुधार की तैयारी की गई है।
वहीं, स्टाफ की समयबद्धता और नियमित बैठक के जरिए विभागीय कार्यप्रणाली में जवाबदेही तथा संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. सीमा द्विवेदी ने कहा कि उनका लक्ष्य चिकित्सा सेवाओं को बेहतर और पारदर्शी बनाना है। इसके लिए विभाग के सभी कर्मचारियों का सहयोग जरूरी है।
कुल मिलाकर, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में नई विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सीमा द्विवेदी ने कार्यभार संभालने के बाद मरीजों की सुविधा, स्वच्छता और अनुशासन को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। रात 10 बजे गेट एंट्री बंद करने से लेकर ओपीडी काउंटर बढ़ाने, सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और वार्डों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले समय में इन फैसलों के लागू होने के बाद विभाग की व्यवस्थाओं में कितना बदलाव आता है, यह देखने वाली बात होगी।

