बिजनौर में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से पूर्व प्रधान की मौत, परिवार में मचा कोहराम

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रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा 

बिजनौर: बढ़ापुर थाना क्षेत्र के रहमापुर गांव में हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान उमेश कुमार के रूप में हुई है। बताया गया है कि उमेश कुमार गांव के पूर्व प्रधान भी रह चुके थे। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है, जबकि परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उमेश कुमार खेत की ओर गए थे। इसी दौरान खेत में पहले से टूटा पड़ा हाईटेंशन लाइन का तार उनकी चपेट में आ गया। विद्युत प्रवाह की चपेट में आने के कारण वह गंभीर रूप से प्रभावित हुए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस और विद्युत विभाग को सूचना दी।

खेत में टूटा पड़ा था हाईटेंशन लाइन का तार

बताया जा रहा है कि बढ़ापुर थाना क्षेत्र के रहमापुर गांव निवासी किसान उमेश कुमार खेत पर गए थे। इसी दौरान खेत में पहले से टूटा हुआ हाईटेंशन विद्युत लाइन का तार पड़ा था। अनजाने में वह उसके संपर्क में आ गए।

हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने के बाद मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी।

घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत लाइन की सुरक्षा और टूटे तार को लेकर भी चिंता देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और आबादी के आसपास विद्युत लाइनों की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही बढ़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जानकारी जुटाई। इसके साथ ही पुलिस ने मृतक के परिवार और मौके पर मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली।

पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पंचनामा भरा। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

पुलिस की ओर से घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, विद्युत विभाग के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

विद्युत विभाग के अधिकारी भी पहुंचे

घटना की जानकारी मिलने के बाद हरेवली विद्युत उपखंड के एसडीओ और जेई सुनील कुमार भी मौके पर पहुंचे। विद्युत विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हाईटेंशन लाइन से संबंधित स्थिति की जानकारी ली।

खेत में टूटे हुए तार के कारण हुई घटना को देखते हुए विद्युत विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों की ओर से मौके की स्थिति का निरीक्षण किया गया।

हाईटेंशन लाइन से जुड़े मामलों में सुरक्षा मानकों का पालन और समय पर रखरखाव आवश्यक होता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों के आसपास गुजरने वाली विद्युत लाइनों की नियमित निगरानी जरूरी है, क्योंकि किसान अक्सर कृषि कार्य के लिए इन क्षेत्रों में जाते रहते हैं।

पूर्व प्रधान भी रह चुके थे उमेश कुमार

हादसे में जान गंवाने वाले उमेश कुमार केवल किसान ही नहीं थे, बल्कि वह गांव के पूर्व प्रधान भी रह चुके थे। गांव में उनकी पहचान एक स्थानीय व्यक्ति के रूप में बताई जा रही है।

उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद गांव में शोक की स्थिति है। परिवार और परिचितों के बीच घटना को लेकर दुख का माहौल बना हुआ है। परिजनों को अचानक हुई इस घटना से गहरा सदमा लगा है।

स्थानीय लोगों ने भी घटना पर दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि उमेश कुमार की मौत से परिवार को बड़ा नुकसान हुआ है।

परिवार में छाया मातम

घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अचानक हुए हादसे के कारण परिवार के सामने भावनात्मक और पारिवारिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

परिजनों के लिए यह घटना बेहद कठिन समय लेकर आई है। स्थानीय लोग भी परिवार के साथ खड़े हैं और उन्हें इस मुश्किल घड़ी में सहयोग और सांत्वना देने का प्रयास कर रहे हैं।

वहीं, पुलिस की ओर से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। इसके बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण इलाकों में विद्युत सुरक्षा अहम

इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल भी सामने रखा है। खेतों के आसपास हाईटेंशन लाइन गुजरने के कारण किसानों और ग्रामीणों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।

किसानों का खेतों तक नियमित आना-जाना होता है। ऐसे में यदि किसी स्थान पर विद्युत तार टूटकर गिर जाए और उसमें करंट प्रवाहित हो रहा हो, तो गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए टूटे तार की सूचना मिलने पर तत्काल विद्युत आपूर्ति बंद करना और संबंधित विभाग को जानकारी देना जरूरी है।

इसके साथ ही विद्युत विभाग की ओर से समय-समय पर लाइनों और खंभों की जांच की जानी चाहिए। किसी तार में खराबी या अन्य समस्या सामने आने पर उसे जल्द ठीक किया जाना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

समय पर सूचना और सावधानी जरूरी

विद्युत लाइन से जुड़ी किसी भी समस्या की स्थिति में ग्रामीणों को स्वयं तार के पास जाने से बचना चाहिए। यदि किसी स्थान पर तार टूटकर गिरा हुआ दिखाई दे, तो आसपास के लोगों को उससे दूरी बनाए रखने के साथ संबंधित विद्युत विभाग को सूचना देनी चाहिए।

इसी तरह, खेतों में काम करने वाले किसानों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश या खराब मौसम के दौरान विद्युत लाइनों के आसपास जोखिम और बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।

हालांकि, रहमापुर की घटना में हाईटेंशन तार के टूटने की परिस्थितियों और उससे जुड़ी जिम्मेदारी के संबंध में अंतिम स्थिति संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुलिस और विद्युत विभाग ने की कार्रवाई

घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, विद्युत विभाग के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले चुके हैं।

आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। यदि विद्युत लाइन से संबंधित कोई तकनीकी या अन्य लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित विभागीय स्तर पर भी आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।

घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान जरूरी

रहमापुर गांव में हुई इस घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत लाइनों की सुरक्षा और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की जरूरत सामने आई है। हाईटेंशन लाइन से जुड़े तारों की नियमित जांच, क्षतिग्रस्त हिस्सों की समय पर मरम्मत और ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

उमेश कुमार की मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि विद्युत विभाग के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है।

कुल मिलाकर, बिजनौर के बढ़ापुर क्षेत्र के रहमापुर गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से किसान उमेश कुमार की मौत हुई है। वह गांव के पूर्व प्रधान भी रह चुके थे। घटना के बाद पुलिस और विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। अब घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

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