कानपुर का जिला पुस्तकालय बना युवाओं का ‘नॉलेज हब’, 67 हजार किताबों के साथ डिजिटल पढ़ाई की सुविधा
रिपोर्टृ-विक्की रघुवंशी
कानपुरः उत्तर प्रदेश में युवाओं को बेहतर शैक्षिक माहौल और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर अब कानपुर नगर के राजकीय जिला पुस्तकालय में भी दिखाई दे रहा है। कभी केवल किताबों और समाचार पत्रों तक सीमित माने जाने वाले पुस्तकालय अब डिजिटल संसाधनों से भी जुड़ रहे हैं। इसी क्रम में कानपुर का राजकीय जिला पुस्तकालय युवाओं के लिए एक आधुनिक ‘नॉलेज हब’ के रूप में विकसित हो रहा है।
पुस्तकालय में 67 हजार से अधिक किताबों का विशाल संग्रह मौजूद है। इसके अलावा विद्यार्थियों को इंटरनेट, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और ई-बुक्स जैसी डिजिटल सुविधाएं भी मिल रही हैं। वर्तमान में करीब 400 विद्यार्थी सक्रिय सदस्य के रूप में पुस्तकालय से जुड़े हैं और नियमित रूप से यहां अध्ययन कर रहे हैं। खास बात यह है कि यहां यूपीएससी, यूपीपीएससी, एसएससी, पुलिस भर्ती और बैंकिंग समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री उपलब्ध है।
किताबों से लेकर डिजिटल संसाधनों तक की सुविधा
राजकीय जिला पुस्तकालय में अलग-अलग विषयों से संबंधित पुस्तकों का बड़ा संग्रह है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए सामान्य अध्ययन, इतिहास, भूगोल, भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामान्य ज्ञान और अन्य विषयों की किताबें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही साहित्य और विभिन्न ज्ञानवर्धक पुस्तकों का भी संग्रह मौजूद है।
वहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति से जुड़ी पुस्तकों को भी पुस्तकालय में स्थान दिया गया है। चारों वेदों के साथ-साथ वेद-पुराण से संबंधित पुस्तकें भी यहां पाठकों के लिए उपलब्ध हैं। इस प्रकार पुस्तकालय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के साथ सामान्य पाठकों और साहित्य एवं संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है।
ऑनलाइन पढ़ाई ने बढ़ाई सुविधाएं
समय के साथ पढ़ाई के तरीके में भी बदलाव आया है। अब विद्यार्थी केवल पुस्तकों पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि इंटरनेट और डिजिटल अध्ययन सामग्री का भी इस्तेमाल करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिला पुस्तकालय में विद्यार्थियों के लिए वाई-फाई और ऑनलाइन अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इसके माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न शैक्षिक वेबसाइटों और डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग की वेबसाइट www.library.up.gov.in पर भी विभिन्न विषयों की ई-बुक्स और डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध है। ऐसे में विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल सामग्री से अध्ययन करने का अवसर मिल रहा है।
यूपीएससी से बैंकिंग तक की तैयारी
जिला पुस्तकालय में आने वाले विद्यार्थियों की तैयारी का दायरा काफी व्यापक है। कोई युवा सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है तो कोई एसएससी सीजीएल, पुलिस भर्ती या बैंकिंग परीक्षा की तैयारी में जुटा है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी नौकरियों से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी भी यहां नियमित रूप से अध्ययन करते हैं।
पुस्तकालय का शांत वातावरण विद्यार्थियों के लिए खास तौर पर उपयोगी है। घर या अन्य स्थानों पर पढ़ाई के दौरान होने वाले व्यवधानों से दूर यहां विद्यार्थी अपने अध्ययन पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। साथ ही, जरूरी किताबें और डिजिटल संसाधन एक ही जगह उपलब्ध होने के कारण उन्हें अलग-अलग स्थानों पर सामग्री तलाशने की जरूरत कम पड़ती है।
विद्यार्थियों के लिए बना पसंदीदा अध्ययन स्थल
ग्वालटोली निवासी शिवम कुशवाहा पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुस्तकालय में पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल मिलता है। परीक्षा से संबंधित किताबें आसानी से उपलब्ध होने के कारण तैयारी में सुविधा होती है।
इसी तरह प्रबल यादव एसएससी सीजीएल परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उनके अनुसार पुस्तकालय में किताबों के साथ इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होने से ऑनलाइन अध्ययन सामग्री भी आसानी से देखी जा सकती है। इससे तैयारी के दौरान अलग-अलग स्रोतों से जानकारी जुटाने में मदद मिलती है।
वहीं, आराध्या सविता सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही हैं। वह नियमित रूप से पुस्तकालय पहुंचकर पढ़ाई करती हैं। उनके मुताबिक पुस्तकालय का शांत वातावरण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए काफी उपयोगी है।
गुमटी निवासी स्वाति श्रीवास्तव भी सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि एक ही जगह किताबों और डिजिटल संसाधनों की सुविधा मिलने से अध्ययन करना आसान हुआ है।
पढ़ाई के साथ तनाव प्रबंधन पर भी जोर
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान विद्यार्थियों को लंबे समय तक अध्ययन करने के साथ परीक्षा और भविष्य को लेकर तनाव का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में केवल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को मानसिक रूप से तैयार करने और सही दिशा देने के लिए जिला पुस्तकालय में हर महीने विशेषज्ञों को आमंत्रित कर काउंसिलिंग कराई जाती है।
इन सत्रों में विशेषज्ञ विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, समय प्रबंधन और करियर चयन से जुड़े सुझाव देते हैं। इसके अलावा परीक्षा की तैयारी को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और उपलब्ध समय का बेहतर इस्तेमाल करने को लेकर भी मार्गदर्शन दिया जाता है।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी तैयारी की रणनीति और करियर को लेकर बेहतर निर्णय लेने में सहायता देना है।
डिजिटल भुगतान से आसान हुई सदस्यता प्रक्रिया
राजकीय जिला पुस्तकालयों को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में सदस्यता शुल्क, जमानत राशि और अन्य शुल्क के भुगतान को डिजिटल माध्यम से करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
क्यूआर कोड के माध्यम से कैशलेस भुगतान की व्यवस्था होने से विद्यार्थियों और अन्य पाठकों के लिए सदस्यता से जुड़ी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हुई है। साथ ही, डिजिटल भुगतान व्यवस्था से लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
युवाओं को जोड़ने पर जोर
जिला पुस्तकालय की मौजूदा सुविधाओं को और बेहतर बनाने तथा अधिक से अधिक युवाओं को पुस्तकालय से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। पुस्तकालय प्रशासन का प्रयास है कि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए एक ऐसा स्थान मिले जहां उन्हें किताबों के साथ आधुनिक डिजिटल संसाधन भी उपलब्ध हो सकें।
राजकीय जिला पुस्तकालय, कानपुर नगर के प्रभारी प्रशांत कुमार द्विवेदी के अनुसार, पुस्तकालय में ऑफलाइन पुस्तकों के साथ डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को अपनी जरूरत के अनुसार विभिन्न माध्यमों से पढ़ाई करने का बेहतर विकल्प मिल रहा है।
कुल मिलाकर, कानपुर का राजकीय जिला पुस्तकालय बदलते समय के साथ अपनी भूमिका को भी विस्तार दे रहा है। 67 हजार से अधिक पुस्तकों, डिजिटल संसाधनों, इंटरनेट सुविधा, प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री और नियमित करियर काउंसिलिंग के कारण यह पुस्तकालय शहर के युवाओं के लिए उपयोगी अध्ययन केंद्र के रूप में उभर रहा है। आने वाले समय में यदि अधिक विद्यार्थी इससे जुड़ते हैं, तो यह पहल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए और अधिक प्रभावी साबित हो सकती है।

