रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के वार्षिक चुनाव में पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित, कर्मचारियों ने दी बधाई
रिपोर्ट- शैलेन्द्र शानू वर्मा
बांदाः रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश के वार्षिक चुनाव के तहत शनिवार को बांदा में डिपो और प्रशासनिक शाखा के पदाधिकारियों का निर्विरोध निर्वाचन संपन्न हुआ। बस स्टेशन बांदा डिपो परिसर में आयोजित चुनाव प्रक्रिया में कर्मचारियों और परिषद के सदस्यों ने सर्वसम्मति से अपने प्रतिनिधियों का चयन किया। निर्वाचन के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को कर्मचारियों ने बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की प्रांतीय प्रबंध समिति और चित्रकूटधाम क्षेत्र बांदा की क्षेत्रीय प्रबंध समिति के निर्देश पर यह वार्षिक चुनाव कराया गया। चुनाव प्रक्रिया के दौरान संगठन की निर्धारित व्यवस्थाओं और नियमों का पालन किया गया। इस अवसर पर परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी में दोनों शाखाओं के लिए विभिन्न पदों पर निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की गई।
नोडल अधिकारी और क्षेत्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में हुआ चुनाव
बांदा डिपो परिसर में आयोजित निर्वाचन कार्यक्रम में नोडल अधिकारी हरिश्चंद्र कुशवाहा और क्षेत्रीय अध्यक्ष जीएस त्रिवेदी की उपस्थिति रही। चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए दिलीप तिवारी, अनादिवीर सिंह और नागेंद्र त्रिपाठी को चुनाव अधिकारी एवं पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
चुनाव अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की देखरेख में नामांकन और निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की गई। खास बात यह रही कि दोनों शाखाओं में सभी प्रमुख पदों के लिए सदस्यों के बीच सहमति बनी रही। इसके परिणामस्वरूप किसी भी पद पर चुनाव की आवश्यकता नहीं पड़ी और सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुन लिए गए।
बांदा डिपो शाखा में तीन पदों पर हुआ निर्वाचन
बांदा डिपो शाखा के वार्षिक चुनाव में बशीरूर्रहमान को अध्यक्ष चुना गया। वहीं जितेंद्र गुप्ता को मंत्री और दुष्यंत तिवारी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
परिषद के सदस्यों की सहमति से इन तीनों पदाधिकारियों का चयन किया गया। निर्विरोध निर्वाचन के बाद कर्मचारियों और परिषद के सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया। साथ ही उनसे संगठन और कर्मचारियों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने की अपेक्षा जताई गई।
अध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्ष के रूप में चुने गए पदाधिकारी अब शाखा स्तर पर परिषद की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएंगे। संगठन में पदाधिकारियों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि उनके माध्यम से कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों को संगठनात्मक स्तर पर रखा जाता है।
प्रशासनिक शाखा में भी सर्वसम्मति से चयन
इसी क्रम में प्रशासनिक शाखा चित्रकूटधाम क्षेत्र के वार्षिक चुनाव में भी सभी प्रमुख पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। प्रशासनिक शाखा के लिए देवेंद्र तिवारी को अध्यक्ष, अवधेश कुशवाहा को मंत्री और सुमत कुमार को कोषाध्यक्ष चुना गया।
यहां भी सदस्यों के बीच किसी प्रकार का मतभेद सामने नहीं आया और सभी पदों पर सर्वसम्मति से नाम तय किए गए। इस प्रकार प्रशासनिक शाखा की नई कार्यकारिणी का गठन निर्विरोध तरीके से पूरा हुआ।
दरअसल, संगठनात्मक चुनाव में निर्विरोध निर्वाचन को आपसी समन्वय और सदस्यों के बीच सहमति का संकेत माना जाता है। बांदा में हुए इस चुनाव में भी परिषद के सदस्यों ने आपसी सहमति के आधार पर पदाधिकारियों का चयन किया। इससे चुनाव प्रक्रिया सरल और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सकी।
कर्मचारियों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दी बधाई
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों और परिषद के सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। साथ ही उनके आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की गईं।
इस अवसर पर केके त्रिपाठी, अरिमर्दन सिंह, प्रकाश नारायण, अमित शुक्ला, दशरथ प्रसाद, हिमांशु कुमार, अटल तिवारी, रमाशंकर, संदीप कुमार, वीरेंद्र कुमार और बृजेश तिवारी समेत परिषद के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के चयन के बाद संगठन के सदस्यों में उत्साह देखने को मिला। वहीं, सदस्यों ने उम्मीद जताई कि नई कार्यकारिणी कर्मचारियों के संगठनात्मक हितों को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी का निर्वहन करेगी।
संगठन में पदाधिकारियों की भूमिका अहम
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद कर्मचारियों से जुड़े संगठनात्मक विषयों को उठाने और उनके बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में शाखा स्तर पर अध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्ष जैसे पदों की जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारियों का कार्य संगठन के लिए महत्वपूर्ण होता है।
अध्यक्ष संगठन का नेतृत्व करते हैं, जबकि मंत्री संगठनात्मक गतिविधियों और बैठकों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं। वहीं कोषाध्यक्ष संगठन की वित्तीय व्यवस्थाओं से संबंधित जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इसलिए इन पदों पर निर्विरोध निर्वाचन होने के बाद नई कार्यकारिणी के सामने संगठन को बेहतर ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी।
बांदा डिपो और प्रशासनिक शाखा के चुनाव में सदस्यों की सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चयन होना संगठन के भीतर आपसी समन्वय को दर्शाता है। इसके साथ ही इससे परिषद की आगामी गतिविधियों को लेकर भी एक व्यवस्थित आधार तैयार हुआ है।
निर्विरोध चुनाव से संगठन में बनी सकारात्मक स्थिति
वार्षिक चुनाव किसी भी संगठन के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। चुनाव के माध्यम से संगठनात्मक जिम्मेदारियां नए पदाधिकारियों को सौंपी जाती हैं और सदस्यों को अपनी पसंद के प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलता है। बांदा में आयोजित इस चुनाव की खासियत यह रही कि सभी प्रमुख पदों पर सर्वसम्मति बन गई।
पहले बांदा डिपो शाखा और इसके बाद प्रशासनिक शाखा के पदाधिकारियों के नाम तय किए गए। चुनाव अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए गए। इसके बाद कर्मचारियों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया।
कुल मिलाकर, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बांदा डिपो और प्रशासनिक शाखा के वार्षिक चुनाव शांतिपूर्ण और सर्वसम्मति के साथ संपन्न हुए। दोनों शाखाओं में अध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्ष के पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। इससे संगठन के भीतर आपसी सहमति और समन्वय की तस्वीर सामने आई।
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद अब नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने संगठनात्मक जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने की चुनौती होगी। वहीं, कर्मचारियों को उम्मीद है कि नई टीम उनके हितों और संगठन से जुड़े विषयों को उचित मंच पर रखने का कार्य करेगी।

