योग में अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव ने बनाए दो विश्व रिकॉर्ड, आजमगढ़ में भी योग साधना को बनाया दिनचर्या का हिस्सा

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रिपोर्ट- पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़ः उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव ने योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए दो रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। अपनी नियमित योग साधना, अनुशासन, संतुलन और सहनशक्ति के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की रिकॉर्ड पुस्तकों में स्थान बनाया है। खास बात यह है कि सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाया और लगातार अभ्यास करते हुए यह उपलब्धि हासिल की।

अरुण सचदेव ने पहला रिकॉर्ड 2 जुलाई 2026 को नोएडा में आयोजित प्रदर्शन के दौरान बनाया। इस प्रदर्शन में उन्होंने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में “Longest Time to Hold Padmasana While Performing Maximum Number of Padmasana Variations” श्रेणी में रिकॉर्ड दर्ज कराया। इस दौरान उन्होंने एक घंटे 25 मिनट और पांच सेकंड तक पद्मासन की स्थिति में रहते हुए पद्मासन की आठ अलग-अलग विविधताओं का प्रदर्शन किया।

इसके बाद अरुण सचदेव ने 17 जुलाई 2026 को एक और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में “Longest Multi-Asana Yoga Performance in Locked Padmasana” श्रेणी में रिकॉर्ड बनाया। इस प्रदर्शन के दौरान 50 वर्ष की आयु में उन्होंने लगातार 86 मिनट तक लॉक्ड पद्मासन की स्थिति में रहते हुए 12 उन्नत योगासनों का प्रदर्शन किया।

लगातार अभ्यास से हासिल किया मुकाम

अरुण सचदेव की इन उपलब्धियों के पीछे वर्षों की योग साधना और नियमित अभ्यास को प्रमुख कारण माना जा रहा है। योग में लंबे समय तक किसी एक मुद्रा को बनाए रखना शरीर के संतुलन के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता और धैर्य की भी मांग करता है। ऐसे में लगातार लंबे समय तक पद्मासन और उसके विभिन्न रूपों में बने रहना उनके अनुशासन और अभ्यास को दर्शाता है।

उनके रिकॉर्ड प्रदर्शन में कई उन्नत योगासन शामिल रहे। इनमें अनुलोम-विलोम पद्मासन, उत्थित पद्मासन, सुप्त पद्मासन, मत्स्य पद्मासन, उन्नत मत्स्य पद्मासन, सर्व पद्मासन, हल पद्मासन, मयूर पद्मासन, गुप्त पद्मासन और शीर्ष पद्मासन सहित अन्य आसन शामिल बताए गए हैं।

इस प्रकार उन्होंने एक ही प्रदर्शन में योग के विभिन्न आसनों और मुद्राओं के बीच संतुलन बनाए रखते हुए अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। वहीं, लंबे समय तक एकाग्रता बनाए रखना भी इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

आजमगढ़ में तैनाती के दौरान भी योग को बनाया दिनचर्या का हिस्सा

अरुण सचदेव की योग साधना की खास बात यह है कि उन्होंने इसे केवल किसी प्रतियोगिता या रिकॉर्ड बनाने की तैयारी तक सीमित नहीं रखा। सरकारी सेवा के दौरान भी उन्होंने नियमित योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए रखा।

अरुण सचदेव जुलाई 2024 से जून 2025 तक बाढ़ खंड आजमगढ़ में अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात रहे। इस दौरान विभागीय जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने योगाभ्यास को भी नियमित रूप से जारी रखा। उनकी यह दिनचर्या अब रिकॉर्ड उपलब्धियों के रूप में सामने आई है।

इससे पहले वर्ष 2024 तक वह नरोरा खंड, लोअर गंगा नहर, अलीगढ़ में सहायक अभियंता के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वह यमुना के मुख्य अभियंता के स्टाफ ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं।

50 वर्ष की उम्र में उन्नत योग प्रदर्शन

अरुण सचदेव ने 50 वर्ष की आयु में यह उपलब्धि हासिल की है। उनके प्रदर्शन में शारीरिक लचीलापन, संतुलन और सहनशक्ति के साथ मानसिक एकाग्रता भी महत्वपूर्ण रही। लंबे समय तक पद्मासन की स्थिति में बने रहना और इसके साथ अलग-अलग योगासनों का प्रदर्शन करना निरंतर अभ्यास की मांग करता है।

उन्होंने अपने प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि योग को नियमित जीवनशैली में शामिल करके व्यक्ति अपने शरीर और मन के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर सकता है। हालांकि, उन्नत योगासन करने से पहले प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन और अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है।

विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी

अरुण सचदेव के दो रिकॉर्ड बनाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे गर्व का विषय बताया।

विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि अरुण सचदेव ने अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ व्यक्तिगत अनुशासन और योग साधना को भी महत्व दिया। यही निरंतरता उनकी इस उपलब्धि में दिखाई देती है। उनके दो रिकॉर्ड न केवल सिंचाई विभाग के लिए बल्कि आजमगढ़ से जुड़े लोगों के लिए भी प्रेरणादायक उपलब्धि माने जा रहे हैं।

योग के प्रति बढ़ता रुझान

पिछले कुछ वर्षों में योग के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ा है। योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने से शारीरिक सक्रियता, मानसिक एकाग्रता और अनुशासन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। ऐसे में सरकारी सेवा में रहते हुए अरुण सचदेव की योग साधना और रिकॉर्ड उपलब्धियां लोगों को नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

विशेष रूप से युवाओं और कामकाजी लोगों के लिए उनका उदाहरण यह दर्शाता है कि व्यस्त दिनचर्या के बीच भी नियमित अभ्यास के लिए समय निकाला जा सकता है। हालांकि, योग में किसी भी कठिन या उन्नत आसन का अभ्यास प्रशिक्षित विशेषज्ञ की देखरेख में और अपनी क्षमता के अनुसार ही किया जाना चाहिए।

दो रिकॉर्ड से बढ़ा गौरव

अरुण सचदेव ने महज कुछ दिनों के अंतराल में दो अलग-अलग रिकॉर्ड अपने नाम किए। पहले उन्होंने 2 जुलाई को नोएडा में इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में पद्मासन की विविधताओं के प्रदर्शन के साथ रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद 17 जुलाई को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में लॉक्ड पद्मासन में मल्टी-आसन योग प्रदर्शन का रिकॉर्ड दर्ज कराया।

इस तरह उनकी उपलब्धि योग के प्रति समर्पण, नियमित अभ्यास और अनुशासन का उदाहरण बनकर सामने आई है। सिंचाई विभाग में प्रशासनिक और तकनीकी जिम्मेदारियों को निभाने के साथ योग के क्षेत्र में रिकॉर्ड बनाना उनकी बहुआयामी प्रतिभा को दर्शाता है।

अरुण सचदेव की इस उपलब्धि से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह है। वहीं, आजमगढ़ में उनकी पूर्व तैनाती को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी इस उपलब्धि को गर्व से जोड़ा जा रहा है। उनकी कहानी यह बताती है कि नियमित अभ्यास, धैर्य और अनुशासित जीवनशैली के माध्यम से व्यक्ति अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ सकता है।

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