बिधूना में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, 20 किलो फफूंद लगे लड्डू नष्ट; 5 नमूने जांच को भेजे
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया/बिधूना। खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता से समझौते के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिधूना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। विभाग की टीम ने मोतीचूर लड्डू की दो निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। इस दौरान बूंदी, लड्डू और मिश्रित दूध समेत कुल पांच खाद्य नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को करीब 20 किलो लड्डू फफूंद लगे हुए मिले। खाद्य पदार्थों की स्थिति को देखते हुए इन लड्डुओं को मौके पर ही नष्ट कराया गया। इसके अलावा चन्दरपुर तिराहा पर भी टीम ने कार्रवाई करते हुए अत्यधिक रंगीन आलू फिंगर को नष्ट कराया। विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
मोतीचूर लड्डू की दो निर्माण इकाइयों पर पहुंची टीम
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बिधूना क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण अभियान चलाया। इसी क्रम में मोतीचूर लड्डू तैयार करने वाली दो निर्माण इकाइयों की जांच की गई। टीम ने वहां तैयार किए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और रखरखाव की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने बूंदी और लड्डू के नमूने लिए। इसके साथ ही मिश्रित दूध का भी नमूना जांच के लिए लिया गया। कुल पांच नमूने विभाग की ओर से संकलित किए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजकर उनकी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की जांच कराई जाएगी।
खाद्य पदार्थों के नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन या मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
20 किलो फफूंद लगे लड्डू कराए गए नष्ट
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को लगभग 20 किलो लड्डू फफूंद लगे हुए मिले। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन लड्डुओं को बिक्री या इस्तेमाल के योग्य नहीं माना गया। इसके बाद विभागीय टीम ने मौके पर ही इन्हें नष्ट करा दिया।
खाद्य पदार्थों में फफूंद लगना उनकी गुणवत्ता खराब होने का संकेत माना जाता है। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं होता। इसलिए विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कराया, ताकि यह बाजार या उपभोक्ताओं तक न पहुंच सके।
विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना भी है।
चन्दरपुर तिराहा पर अत्यधिक रंगीन आलू फिंगर भी नष्ट
बिधूना क्षेत्र के चन्दरपुर तिराहा पर भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच की। यहां टीम को अत्यधिक रंगीन आलू फिंगर मिला। निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री में अत्यधिक रंग के इस्तेमाल को लेकर कार्रवाई की गई और संबंधित खाद्य पदार्थ को नष्ट कराया गया।
खाद्य पदार्थों में रंग का इस्तेमाल निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। अत्यधिक या अनुचित रंग का प्रयोग उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर बाजारों और खाद्य निर्माण इकाइयों में जांच अभियान चलाता है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए पांचों नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। अब विभाग को प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
यदि जांच में किसी प्रकार की मिलावट या मानकों का उल्लंघन सामने आता है, तो विभाग संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। वहीं, यदि नमूने मानकों के अनुरूप पाए जाते हैं तो उसी आधार पर विभाग आगे की प्रक्रिया तय करेगा।
इस तरह प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट इस कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। विभागीय कार्रवाई के दौरान लिए गए नमूनों के आधार पर ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
त्योहारों और बाजार में खाद्य सुरक्षा पर निगरानी जरूरी
बिधूना में हुई यह कार्रवाई ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब बाजारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बनी रहती है। खासकर मिठाई की दुकानों और निर्माण इकाइयों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर निरीक्षण और नमूना लेने की कार्रवाई की जाती है, ताकि खाद्य पदार्थों में मिलावट की संभावनाओं पर रोक लगाई जा सके। इसके अलावा खराब या मानकों के अनुरूप न पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों को बाजार में पहुंचने से रोकना भी विभाग की जिम्मेदारी है।
बिधूना में हुई कार्रवाई के दौरान एक तरफ जहां पांच नमूने जांच के लिए भेजे गए, वहीं दूसरी तरफ फफूंद लगे लड्डू और अत्यधिक रंगीन आलू फिंगर को नष्ट कराया गया। इससे यह संदेश भी जाता है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर विभाग निगरानी जारी रखे हुए है।
खाद्य कारोबारियों को गुणवत्ता पर देना होगा ध्यान
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों के लिए भी यह जरूरी है कि वे खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के दौरान निर्धारित मानकों का पालन करें। विशेष रूप से मिठाई, दूध, बूंदी और अन्य तैयार खाद्य पदार्थों को साफ-सफाई के साथ सुरक्षित तरीके से रखना आवश्यक है।
इसके साथ ही खाद्य सामग्री में इस्तेमाल होने वाले रंग और अन्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है। क्योंकि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाला प्रत्येक खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
फिलहाल बिधूना में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान लिए गए पांच नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई गई है या नहीं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिधूना में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी के दौरान 20 किलो फफूंद लगे लड्डू और अत्यधिक रंगीन आलू फिंगर नष्ट कराया गया, जबकि बूंदी, लड्डू और मिश्रित दूध समेत पांच नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अब कार्रवाई की अगली दिशा प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।

