बिजनौर में डीआईजी मुनिराज ने कांवड़ मार्गों का किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए सख्त निर्देश

37

रिपोर्ट- तापिश मिर्जा 

बिजनौरः कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में मुरादाबाद के डीआईजी मुनिराज ने बिजनौर पहुंचकर कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बिजनौर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा भी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।

डीआईजी मुनिराज ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए। इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी बनाए रखने और आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कांवड़ मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने कांवड़ियों के आवागमन से जुड़े मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था को देखा। उन्होंने अधिकारियों से मार्गों पर की गई पुलिस व्यवस्था और निगरानी के संबंध में जानकारी ली। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मी अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करें।

दरअसल, कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न मार्गों से होकर शिवालयों और धार्मिक स्थलों की ओर जाते हैं। ऐसे में मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों को किसी भी स्थिति में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

डीआईजी मुनिराज ने कहा कि कांवड़ियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कांवड़ मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई जाए निगरानी

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने विशेष रूप से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे स्थानों को चिह्नित कर वहां पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। इसके अलावा पुलिस टीमों को लगातार निगरानी बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया गया।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की मौजूदगी स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं में सुरक्षा का विश्वास बना रहे। साथ ही पुलिसकर्मियों को किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से तैयार रहने को कहा गया।

इसके अलावा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ मार्गों पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट रहें। ड्यूटी प्वाइंट पर तैनाती के साथ-साथ आसपास की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाए, जिससे किसी भी संभावित समस्या को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए सख्त निर्देश

डीआईजी मुनिराज ने निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है।

इसके लिए पुलिसकर्मियों को अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वह अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की ड्यूटी और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करते रहें।

डीआईजी ने कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। पुलिसकर्मियों का व्यवहार श्रद्धालुओं के प्रति सहयोगात्मक और जिम्मेदार होना चाहिए। किसी भी समस्या की स्थिति में कांवड़ियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पुलिस टीमों को तत्पर रहने के निर्देश दिए गए।

मोटा महादेव मंदिर क्षेत्र में भी सुरक्षा पर जोर

यह मामला मंडावली थाना क्षेत्र के मोटा महादेव मंदिर से जुड़ा है। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर इस क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। डीआईजी मुनिराज के निरीक्षण का उद्देश्य कांवड़ मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था को परखना और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना रहा।

मोटा महादेव मंदिर क्षेत्र में कांवड़ियों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस व्यवस्था को मजबूत रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि श्रद्धालुओं के आवागमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए।

इसके अलावा पुलिसकर्मियों को अपने-अपने ड्यूटी क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन करने के लिए कहा गया।

शांतिपूर्ण कांवड़ यात्रा संपन्न कराना प्राथमिकता

कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ यात्रा करते हैं। ऐसे में प्रशासन और पुलिस के सामने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी रहती है। इसी क्रम में बिजनौर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

डीआईजी मुनिराज ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत बनाए रखने और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

वहीं, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा भी अपनी टीम के साथ निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बाद स्थानीय पुलिस को कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाए रखने के लिए कहा गया है।

पुलिस की मौजूदगी से श्रद्धालुओं में सुरक्षा का भरोसा

कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की सक्रिय मौजूदगी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि कांवड़ मार्गों पर पुलिसकर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं।

इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित समस्या पर तत्काल प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था को प्रभावी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कुल मिलाकर, बिजनौर में कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन की तैयारियों को वरिष्ठ स्तर पर लगातार परखा जा रहा है। डीआईजी मुनिराज का निरीक्षण इसी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा का हिस्सा रहा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे तथा यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जाए।

पुलिस प्रशासन की ओर से कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी करने और पुलिस बल की तैनाती को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया गया है। आने वाले दिनों में भी अधिकारियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

You may have missed