प्रयागराज पहुंचे राहुल गांधी, 2 लाख छात्रों से करेंगे संवाद, बेरोजगारी-भर्ती परीक्षाओं पर सरकार को घेरेंगे
Digital UP News Desk
प्रयागराज: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचे। एयरपोर्ट से सीधे वह स्वराज भवन पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद शाम को राहुल गांधी केपी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से संवाद करेंगे। कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम में 23 जिलों से छात्र शामिल होंगे और 2 लाख से अधिक छात्रों ने इसमें भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस की सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, नीट परीक्षा से जुड़े सवाल और छात्रों के आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है।
स्वराज भवन पहुंचे राहुल गांधी
शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचने के बाद राहुल गांधी सीधे स्वराज भवन पहुंचे। स्वराज भवन का नेहरू-गांधी परिवार से ऐतिहासिक संबंध रहा है। यह वही स्थान है जहां पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म हुआ था। वर्तमान में स्वराज भवन को संग्रहालय के रूप में संरक्षित किया गया है।
यहां नेहरू-गांधी परिवार और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, तस्वीरें और वस्तुएं मौजूद हैं। प्रयागराज पहुंचने के बाद राहुल गांधी का स्वराज भवन जाना राजनीतिक कार्यक्रम के साथ-साथ पारिवारिक और ऐतिहासिक जुड़ाव की वजह से भी चर्चा में रहा।
राहुल गांधी ने यहां पार्टी नेताओं और स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद वह छात्रों के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना होंगे।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में करेंगे संवाद
राहुल गांधी शाम करीब छह बजे केपी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करेंगे। कांग्रेस के अनुसार, कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 23 जिलों से छात्र और युवा शामिल होंगे।
पार्टी का दावा है कि कार्यक्रम के लिए 2 लाख से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। हालांकि, कार्यक्रम में वास्तविक रूप से कितने छात्र उपस्थित होंगे, यह कार्यक्रम पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कांग्रेस की ओर से इस कार्यक्रम को युवाओं से सीधे संवाद का मंच बताया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी छात्रों की समस्याओं और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को सुनेंगे और सरकार से जुड़े सवाल भी उठाएंगे।
बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाएं रहेंगी केंद्र में
कार्यक्रम में बेरोजगारी का मुद्दा प्रमुख रहने की संभावना है। इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की समस्याओं को भी उठाया जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि युवाओं के सामने रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल हैं। पार्टी इन मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी राहुल गांधी के संबोधन में शामिल हो सकता है। इसके साथ ही छात्रों के आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जाने की संभावना है।
हालांकि, राहुल गांधी के संबोधन में कौन-कौन से मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल होंगे, यह उनके कार्यक्रम के दौरान ही स्पष्ट होगा।
प्रयागराज में लगे पोस्टर, लिखा- ‘जॉब नहीं मिलेगा तो सिंहासन हिलेगा’
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले प्रयागराज में कांग्रेस नेताओं की ओर से कई पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर लिखा है- ‘जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।’
इन पोस्टरों के जरिए कांग्रेस ने रोजगार के मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की है। पार्टी का कहना है कि युवाओं को रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता चाहिए।
पोस्टर लगाए जाने के बाद स्थानीय राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर शहर में प्रचार किया है।
अजय राय बोले- सरकार राहुल गांधी से डर गई
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे को लेकर भाजपा और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर सरकार और भाजपा के लोग चिंतित हैं।
अजय राय ने कहा कि सरकार राहुल गांधी से डर गई है। उनके मुताबिक, भाजपा ने छात्रों और देशहित से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित काम नहीं किया है।
हालांकि, अजय राय के इन राजनीतिक आरोपों पर भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना होगा। राजनीतिक दलों के बीच रोजगार और छात्र मुद्दों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप पहले भी होते रहे हैं।
2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ पंडाल
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर केपी कॉलेज ग्राउंड में बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। कांग्रेस के अनुसार, कार्यक्रम के लिए करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से पंडाल तैयार किया गया है।
पंडाल के पिछले हिस्से में वीआईपी लाउंज बनाया गया है। इसमें वीआईपी मेहमानों के लिए आठ स्टॉल तैयार किए गए हैं। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर छात्रों के लिए चाय और पानी की व्यवस्था की गई है।
कुछ छात्रों के लिए रात के भोजन की व्यवस्था भी किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, छात्रों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए मुफ्त ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य बड़ी संख्या में आने वाले छात्रों को कार्यक्रम के दौरान सुविधा उपलब्ध कराना बताया जा रहा है।
23 जिलों से छात्रों के पहुंचने का दावा
कांग्रेस ने कार्यक्रम में प्रदेश के 23 जिलों से छात्रों के शामिल होने का दावा किया है। यदि बड़ी संख्या में छात्र कार्यक्रम में पहुंचते हैं, तो यह राहुल गांधी के उत्तर प्रदेश दौरे का महत्वपूर्ण छात्र संवाद कार्यक्रम बन सकता है।
पार्टी की कोशिश है कि युवाओं और छात्रों के बीच रोजगार, परीक्षा प्रणाली और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की जाए।
इसके अलावा कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस अपने संगठन को भी युवाओं के बीच सक्रिय करने की कोशिश कर सकती है।
कोटा से शुरू हुई थी ‘छात्रों की गूंज’
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की शुरुआत राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से की थी। कोटा देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
इसके बाद 17 जुलाई को राहुल गांधी ने देहरादून में छात्रों और युवाओं के साथ संवाद किया था। अब प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम को इसी श्रृंखला की अगली कड़ी माना जा रहा है।
प्रयागराज भी उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों का प्रमुख केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इसलिए रोजगार और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी का संवाद राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फरवरी 2024 में भी स्वराज भवन पहुंचे थे राहुल
राहुल गांधी इससे पहले फरवरी 2024 में अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान प्रयागराज पहुंचे थे। उस दौरान भी वह स्वराज भवन गए थे।
प्रयागराज का स्वराज भवन नेहरू-गांधी परिवार के इतिहास से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। राहुल गांधी का यहां पहुंचना उनके पारिवारिक इतिहास और शहर के साथ पुराने संबंध को भी दर्शाता है।
इस बार उनका दौरा मुख्य रूप से छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर केंद्रित है।
कार्यक्रम को लेकर प्रशासन भी अलर्ट
बड़ी संख्या में छात्रों के कार्यक्रम में पहुंचने के कांग्रेस के दावे के बीच प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी। कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय प्रशासन की ओर से इंतजाम किए गए हैं।
किसी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए पुलिस और प्रशासन को कार्यक्रम के दौरान इन पहलुओं पर नजर रखनी होगी।
युवाओं के मुद्दों पर कांग्रेस का फोकस
राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पार्टी युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। बेरोजगारी, परीक्षा में पारदर्शिता और रोजगार के अवसर ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर राजनीतिक दल लगातार युवाओं के बीच अपनी बात रखने की कोशिश करते हैं।
कांग्रेस के लिए यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां युवाओं की बड़ी आबादी है। यदि पार्टी छात्र और युवा वर्ग के बीच अपनी पहुंच मजबूत करती है, तो इसका असर उसके संगठनात्मक विस्तार पर भी पड़ सकता है।
अब राहुल गांधी के संबोधन पर नजर
कुल मिलाकर, राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा कांग्रेस के लिए छात्र और युवा राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वराज भवन में पार्टी नेताओं से मुलाकात के बाद राहुल गांधी शाम को केपी कॉलेज ग्राउंड में छात्रों से संवाद करेंगे।
कार्यक्रम में बेरोजगारी, नीट से जुड़े विवाद, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता और छात्रों के प्रदर्शन जैसे मुद्दे प्रमुख रहने की संभावना है। वहीं, कांग्रेस द्वारा लगाए गए ‘जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा’ जैसे पोस्टर ने कार्यक्रम से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है।
अब सबसे ज्यादा नजर राहुल गांधी के संबोधन पर रहेगी कि वह छात्रों की समस्याओं को किस तरह उठाते हैं और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों पर क्या सवाल करते हैं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कार्यक्रम में छात्रों की वास्तविक भागीदारी कितनी रहती है और कांग्रेस के इस छात्र संवाद का राजनीतिक प्रभाव कितना दिखाई देता है।

