रांची में JPSC छात्रों के समर्थन में ABVP का मार्च, CM आवास के पास पुलिस से झड़प, 10 हिरासत में लिए गए

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Digital UP News Desk

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की झारखंड इकाई ने शुक्रवार को रांची में मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। यह मार्च 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्रों की मांगों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की।

ABVP कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें सिदो-कान्हू पार्क के पास रोक दिया। इसके बाद मौके पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद करीब 8 से 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

JPSC छात्रों के समर्थन में निकाला गया मार्च

ABVP की ओर से निकाले गए इस मार्च का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे JPSC अभ्यर्थियों के समर्थन में आवाज उठाना था। संगठन का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों के बीच कई सवाल हैं और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

रांची में पिछले कई दिनों से छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी विशेष रूप से 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता की मांग कर रहे हैं।

ABVP ने इसी मुद्दे को लेकर छात्रों के आंदोलन के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। संगठन का कहना है कि युवाओं और नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना जरूरी है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से शुरू हुआ मार्च

ABVP कार्यकर्ताओं का मार्च डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों की मांगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नारे लगाए।

मार्च जैसे-जैसे मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ा, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया। प्रशासन की ओर से किसी संभावित अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई थी।

पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान पर रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हुई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबर सामने आई।

सड़क पर लेटकर प्रदर्शन, पुलिस वाहन पर चढ़ने की कोशिश

मार्च के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने अलग तरीके से विरोध दर्ज कराया। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए। वहीं, कुछ प्रदर्शनकारियों के पुलिस वाहन पर चढ़ने की कोशिश करने की भी जानकारी सामने आई।

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। अधिकारियों का कहना था कि मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी।

इसके बाद पुलिस ने कुछ ABVP कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय अजय आर्यन के मुताबिक, करीब 8 से 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और उन्हें लालपुर थाने ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

ABVP के कई पदाधिकारी हिरासत में

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में ABVP के पदाधिकारी प्रदीप शेखावत, पशुपतिनाथ उपमन्यु और प्रकाश टुटी भी शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की थी। हालांकि, ABVP की ओर से इसे छात्रों की आवाज उठाने से जोड़कर देखा गया है।

इस घटनाक्रम के बाद कुछ समय तक मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की प्राथमिकता स्थिति को नियंत्रित रखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना रही।

सिदो-कान्हू पार्क के पास रोका गया मार्च

पुलिस उपाधीक्षक अजय आर्यन के अनुसार, ABVP कार्यकर्ताओं को सिदो-कान्हू पार्क के पास रोका गया था। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।

प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि किसी संभावित अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। ऐसे में प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान पर रोकना सुरक्षा प्रबंधन का हिस्सा था।

दूसरी ओर, ABVP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाना था और वे इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे।

14वीं JPSC परीक्षा को लेकर जारी है विवाद

झारखंड में 14वीं JPSC परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन पिछले कई दिनों से जारी है। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के सवाल उठे हैं और सरकार को उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।

ताजा रिपोर्टों के अनुसार, छात्र आंदोलन 15वें दिन तक पहुंच चुका था और प्रदर्शनकारी 14वीं PT परीक्षा को रद्द करने की मांग पर कायम हैं। दूसरी ओर, सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर भी चला है, लेकिन अभी तक सभी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है।

यही वजह है कि छात्र आंदोलन लगातार जारी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से नहीं निकला समाधान

JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षा संबंधी मांगों को लेकर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई है। हालांकि, बातचीत के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त करने के बजाय इसे जारी रखने का फैसला किया।

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी। बैठक में विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी अंतिम समझौते तक नहीं पहुंचा जा सका। इसके बाद छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही।

इससे साफ है कि परीक्षा विवाद को लेकर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच अभी भी कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।

ABVP ने छात्रों की मांगों को दिया समर्थन

ABVP ने इस पूरे आंदोलन को छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दे के तौर पर उठाया है। संगठन का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि हजारों युवा इन परीक्षाओं के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने की तैयारी करते हैं।

संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों के मन में सवाल हैं तो सरकार को संवाद के माध्यम से उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए।

ABVP का यह मार्च इसी मांग को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

आंदोलन का राजनीतिक असर भी महत्वपूर्ण

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। अलग-अलग संगठनों की ओर से छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई जा रही है। ABVP का मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च इसी कड़ी का हिस्सा है।

हालांकि, छात्रों का मूल मुद्दा परीक्षा प्रक्रिया और भर्ती में पारदर्शिता से जुड़ा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।

दूसरी ओर, छात्रों ने भी आंदोलन को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इससे सरकार पर अभ्यर्थियों की मांगों पर स्पष्ट रुख अपनाने का दबाव बढ़ सकता है।

आगे भी आंदोलन जारी रहने के संकेत

छात्र संगठनों की ओर से आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक करने की बातें कही गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारी आगे भी मार्च और अन्य कार्यक्रमों के जरिए अपनी मांगों को उठाने की तैयारी कर रहे हैं।

ऐसे में प्रशासन के सामने एक ओर प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने का अवसर देने और दूसरी ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी।

वहीं, छात्रों के लिए भी यह आंदोलन उनके भविष्य और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।

अब सरकार के अगले कदम पर नजर

कुल मिलाकर, रांची में ABVP का मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च JPSC परीक्षा को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सिदो-कान्हू पार्क के पास रोक दिया और करीब 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। वहीं, ABVP ने छात्रों की मांगों के समर्थन में अपना आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है।

अब सबसे ज्यादा नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर रहेगी। यदि दोनों पक्ष किसी समाधान तक पहुंचते हैं तो आंदोलन समाप्त होने की दिशा में रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर, यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो छात्र आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।

फिलहाल 14वीं JPSC परीक्षा को लेकर छात्रों की मांग, सरकार का रुख और ABVP का समर्थन—तीनों ही झारखंड की राजनीति और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विमर्श के केंद्र में बने हुए हैं।

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