कानपुर में सिपाही पर दुकानदार ने लगाए पैसे मांगने और अभद्रता के आरोप, वीडियो किया वायरल

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रिपोर्ट – नीरज तिवारी 

कानपुर: चकेरी थाना क्षेत्र में रामादेवी स्थित एक पान की दुकान के संचालक ने थाने में तैनात एक सिपाही पर नशे की हालत में पैसे मांगने, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। मामले से जुड़े दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में भी चर्चा शुरू हो गई है। दुकानदार का आरोप है कि सिपाही ने दुकान पर ही उसके साथ अभद्रता की और जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो वहां भी कथित तौर पर गाली-गलौज की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामादेवी क्षेत्र में चकेरी थाने के गेट के बाहर गगन चौरसिया की पान की दुकान है। दुकानदार का कहना है कि संबंधित सिपाही विजय कुमार, जो चकेरी थाने में तैनात बताए जा रहे हैं, दुकान पर पहुंचे थे। आरोप है कि उस समय सिपाही नशे की हालत में थे और उन्होंने दुकानदार से पैसे मांगे। दुकानदार के मुताबिक, पैसे देने से इनकार करने पर कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज की गई।

दुकानदार ने बनाया वीडियो

घटना के दौरान दुकानदार ने पूरे मामले का वीडियो बनाने का प्रयास किया। वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी और दुकानदार के बीच बातचीत होती दिखाई दे रही है। वीडियो को लेकर दुकानदार का दावा है कि इसमें संबंधित सिपाही की कथित अभद्रता और पैसे मांगने की स्थिति सामने आ रही है।

हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति और उसमें दर्ज बातचीत के संबंध में पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

दुकानदार गगन चौरसिया का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने तत्काल मामले की जानकारी संबंधित थाने में दी। उनका आरोप है कि शिकायत के लिए थाने पहुंचने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई।

थाने के अंदर का वीडियो भी सामने आया

मामले में दूसरा वीडियो थाने के अंदर का बताया जा रहा है। यह वीडियो रामादेवी व्यापार मंडल के अध्यक्ष आनंद सिंह द्वारा बनाए जाने की बात सामने आई है। बताया गया कि आनंद सिंह दुकानदार के साथ उसकी शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे थे।

दुकानदार के अनुसार, थाने के अंदर भी संबंधित सिपाही मौजूद थे। आरोप है कि वहां भी सिपाही ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की। इसके बाद थाने के अंदर बनाए गए वीडियो को भी रिकॉर्ड किया गया, जो अब सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

इस मामले ने स्थानीय व्यापारियों के बीच भी चर्चा पैदा कर दी है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद तथा सम्मानजनक व्यवहार कानून-व्यवस्था के लिए जरूरी है। हालांकि, पूरे मामले में आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

व्यापार मंडल अध्यक्ष ने भी दर्ज कराया पक्ष

रामादेवी व्यापार मंडल के अध्यक्ष आनंद सिंह के सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। बताया जा रहा है कि वह दुकानदार के साथ शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने थाने के अंदर की स्थिति का वीडियो बनाया।

आनंद सिंह के मुताबिक, शिकायत लेकर थाने पहुंचने के दौरान कथित तौर पर उनके साथ भी अभद्रता की गई। उन्होंने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही है।

वहीं, दुकानदार का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि कथित घटना की शिकायत दर्ज कराकर उचित कार्रवाई की मांग करना है। दुकानदार ने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।

वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक ओर दुकानदार द्वारा पुलिसकर्मी पर लगाए गए आरोपों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिसकर्मी का पक्ष भी सामने आना जरूरी माना जा रहा है।

ऐसे मामलों में वायरल वीडियो को पूरी घटना का अंतिम प्रमाण मानने के बजाय संबंधित पक्षों के बयान, मौके की परिस्थितियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होती है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।

इसके अलावा, यदि सिपाही पर नशे की हालत में ड्यूटी या सार्वजनिक स्थान पर अभद्र व्यवहार करने के आरोपों की पुष्टि होती है, तो विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है। हालांकि, अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

पुलिस जांच से साफ होगी स्थिति

मामले में पुलिस की ओर से जांच किए जाने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। अधिकारियों द्वारा वायरल वीडियो, शिकायतकर्ता के बयान और मौके से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा सकती है। साथ ही संबंधित पुलिसकर्मी का पक्ष भी लिया जाना जरूरी है, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके।

कानपुर जैसे बड़े शहर में पुलिस और व्यापारियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है। खासकर थाने और बाजार क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों से लोगों की लगातार बातचीत होती रहती है। ऐसे में किसी भी शिकायत को समय पर सुनना और नियमानुसार उसका समाधान करना जरूरी है।

दुकानदार गगन चौरसिया ने पूरे मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं, व्यापार मंडल से जुड़े लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की अपेक्षा जताई है। अब निगाहें पुलिस विभाग की ओर हैं कि वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

फिलहाल, कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में सिपाही पर दुकानदार द्वारा लगाए गए पैसे मांगने और अभद्रता के आरोपों का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण यह मामला चर्चा में है, लेकिन आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

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