9 अगस्त को नहीं होगी कार सेवा, न्यायालय के फैसले का इंतजार करें: फलाहारी महाराज
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण को लेकर 9 अगस्त को कार सेवा किए जाने की चर्चाओं के बीच याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने स्पष्ट किया है कि 9 अगस्त को कोई कार सेवा नहीं होगी। उन्होंने लोगों से शांति, संयम और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित मामला प्रयागराज हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसे में सभी को न्यायालय की प्रक्रिया और उसके निर्णय का सम्मान करते हुए इंतजार करना चाहिए।
फलाहारी महाराज के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसलिए इस विषय में किसी भी तरह की जल्दबाजी या अफवाहों के आधार पर कोई कदम उठाने के बजाय न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करना उचित होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और उनका पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा जा चुका है।
9 अगस्त को कार सेवा नहीं होने की कही बात
श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण को लेकर पिछले कुछ समय से 9 अगस्त को कार सेवा किए जाने की चर्चाएं सामने आ रही थीं। इन चर्चाओं के बीच दिनेश फलाहारी महाराज ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि 9 अगस्त को कार सेवा का कोई कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने आम लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और आस्था से जुड़े विषयों में लोगों को विशेष रूप से संयम बरतना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले का समाधान न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होना चाहिए। इस संबंध में लोगों को किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचने की आवश्यकता है।
प्रयागराज हाईकोर्ट में लंबित है मामला
फलाहारी महाराज ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित प्रकरण प्रयागराज हाईकोर्ट में लंबित है। उनके मुताबिक, मामले से जुड़े प्राचीन साक्ष्य वर्ष 2021 में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके हैं। अब इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि जब कोई मामला न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हो, तो संबंधित पक्षों और आम लोगों को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। साथ ही, न्यायालय के निर्णय के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। इसलिए फिलहाल किसी भी तरह के कार्यक्रम या कार्रवाई को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा नहीं की जानी चाहिए।
हवन-पूजन का कार्यक्रम होने की जानकारी
फलाहारी महाराज के हवाले से बताया गया कि चित्रगुप्त पीठ से जुड़े सच्चिदानंद महाराज की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई है। उनके अनुसार, 9 अगस्त को उनके आश्रम में कार सेवा नहीं होगी। इसके बजाय वहां हवन, पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा।
इससे कार सेवा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। धार्मिक कार्यक्रम अपने निर्धारित स्वरूप में शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किए जाने की बात कही गई है। वहीं, लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह को आगे बढ़ाने से बचें।
प्राचीन साक्ष्यों का भी किया गया उल्लेख
दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण से जुड़े प्राचीन साक्ष्य पहले ही न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके हैं। उनका कहना है कि संबंधित पक्ष की ओर से अपना पक्ष न्यायालय में रखा जा चुका है और अब न्यायिक निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेज और साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में इस प्रकरण में भी न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम का इंतजार किया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है और उम्मीद है कि मामले में कानून के अनुसार निर्णय होगा।
अफवाहों से बचने की अपील
श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण को संवेदनशील विषय बताते हुए फलाहारी महाराज ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिलने वाली अपुष्ट सूचनाओं को सत्य न मानें। उनके अनुसार, किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए आमजन को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। विशेष रूप से धार्मिक विषयों से संबंधित सूचनाओं को साझा करते समय सावधानी बरतना जरूरी है, ताकि समाज में शांति और आपसी सौहार्द बना रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले को लेकर भ्रम फैलाने वाले कुछ लोगों को शासन-प्रशासन की ओर से नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में लोगों को कानून-व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन करना चाहिए और किसी भी प्रकार की विवादित गतिविधि से दूर रहना चाहिए।
शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील
फलाहारी महाराज ने मथुरा के लोगों और श्रद्धालुओं से विशेष रूप से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विषय आस्था से जुड़ा हुआ है और इसलिए इस मामले में सभी पक्षों को संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का विवाद या टकराव किसी के हित में नहीं है। इसके बजाय न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से मामले के समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि वे धार्मिक आस्था के साथ-साथ कानून और व्यवस्था का सम्मान करें।
न्यायालय के निर्णय का इंतजार
फलाहारी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में उनका पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा जा चुका है। ऐसे में अब न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 9 अगस्त को कार सेवा नहीं होगी और संबंधित आश्रम में हवन-पूजन जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मथुरा की पहचान धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी है। इसलिए यहां शांति और सौहार्द बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी क्रम में उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संयम बनाए रखें और किसी भी अपुष्ट सूचना के आधार पर प्रतिक्रिया न दें।
प्रशासन और आमजन की भूमिका
ऐसे संवेदनशील मामलों में प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। वहीं, आमजन की जिम्मेदारी है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। किसी भी कार्यक्रम की वास्तविक स्थिति के संबंध में आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की सत्यता की जांच किए बिना उन्हें साझा करने से बचना जरूरी है। इससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति को रोका जा सकता है। साथ ही, धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में भी सहयोग मिलेगा।
फिलहाल, 9 अगस्त को कार सेवा को लेकर चल रही चर्चाओं पर फलाहारी महाराज की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। उनके अनुसार, 9 अगस्त को कार सेवा नहीं होगी और न्यायालय के फैसले का इंतजार किया जाना चाहिए। वहीं, धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में अब सभी की निगाहें न्यायिक प्रक्रिया पर हैं और लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।

