मथुरा के 10 गांवों के लिए श्मशान घाट की मांग, बारिश में जलभराव से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: फरह ब्लॉक क्षेत्र के थाना रिफाइनरी अंतर्गत आने वाले गांव आंवला सुल्तानपुर यौरा में श्मशान घाट की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर बारिश के मौसम में समस्या और बढ़ जाती है। श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते पर जलभराव होने के कारण लोगों के लिए आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले परिजनों और ग्रामीणों को रास्ते की समस्या से जूझना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल आंवला सुल्तानपुर यौरा गांव तक सीमित नहीं है। आसपास के करीब 10 गांवों के लोग अंतिम संस्कार के लिए इसी क्षेत्र में आते हैं। इसके बावजूद अब तक श्मशान घाट के निर्माण और वहां तक पहुंचने के लिए पक्के रास्ते की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप बारिश के दिनों में ग्रामीणों की परेशानी बढ़ जाती है।
श्मशान घाट की सुविधा नहीं होने से ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों के मुताबिक, किसी परिवार में मृत्यु होने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए उचित स्थान की आवश्यकता होती है। लेकिन आंवला सुल्तानपुर यौरा और आसपास के गांवों के लोगों के सामने श्मशान घाट की सुविधा का अभाव एक बड़ी स्थानीय समस्या बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि श्मशान घाट के लिए व्यवस्थित स्थान और वहां तक पक्का रास्ता उपलब्ध हो जाए तो कई गांवों के लोगों को राहत मिल सकती है। फिलहाल बारिश के दौरान रास्ते पर पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में काफी कठिनाई होती है।
विशेष रूप से अंतिम संस्कार के समय परिवार और ग्रामीणों को मौसम की स्थिति की परवाह किए बिना वहां पहुंचना पड़ता है। ऐसे में रास्ते का खराब होना और जलभराव होना परेशानी को और बढ़ा देता है।
बारिश में जलभराव से बढ़ जाती है समस्या
बारिश के मौसम में क्षेत्र के कच्चे या खराब रास्तों पर जलभराव की स्थिति बन जाती है। श्मशान घाट की ओर जाने वाला रास्ता भी इससे प्रभावित होता है। ग्रामीणों के अनुसार, पानी जमा होने के कारण पैदल आवागमन तक कठिन हो जाता है।
ऐसे में किसी परिवार को अंतिम संस्कार के लिए जाना हो तो लोगों को काफी सावधानी बरतनी पड़ती है। ग्रामीण चाहते हैं कि रास्ते को पक्का कराया जाए, ताकि सामान्य दिनों के साथ-साथ बारिश के मौसम में भी आवागमन सुचारु रह सके।
ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट और उसके रास्ते की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसलिए अब वे प्रशासन और ग्राम पंचायत से ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
समस्या के समाधान के लिए रवि बघेल ने करीब एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में श्मशान घाट के निर्माण और वहां तक पक्के रास्ते सहित कुल 15 मांगों का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले भी इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायतें रखी जा चुकी हैं। हालांकि, उनका कहना है कि अब तक श्मशान घाट के निर्माण और पक्के रास्ते की व्यवस्था को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।
अब जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण करेगा और समस्या के समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करीब दस गांवों के लोगों को मिलेगी राहत
ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट का निर्माण होने से केवल एक गांव को ही लाभ नहीं मिलेगा। आसपास के करीब दस गांवों के लोग भी इसका उपयोग कर सकेंगे। इसलिए इसे स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण मूलभूत सुविधा के तौर पर देखा जा रहा है।
इसके साथ ही श्मशान घाट तक पक्की सड़क या रास्ते का निर्माण होने से ग्रामीणों को पूरे वर्ष आवागमन में सुविधा मिल सकती है। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या कम करने के लिए रास्ते की उचित जल निकासी व्यवस्था भी जरूरी बताई जा रही है।
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग पहले मौके का स्थलीय निरीक्षण करे। इसके बाद उपलब्ध भूमि, रास्ते की स्थिति और जलभराव की समस्या का आकलन करके आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और ग्राम पंचायत से श्मशान घाट के लिए उचित भूमि और निर्माण की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही, श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते को पक्का कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने या रास्ते की मरम्मत करने से समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं होगा। इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जिससे बारिश के दौरान भी रास्ता उपयोग के योग्य बना रहे।
इसके अलावा, ग्रामीण चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखें। स्थलीय निरीक्षण के बाद यदि आवश्यक कार्रवाई की जाती है तो समस्या का व्यावहारिक समाधान निकाला जा सकता है।
मूलभूत सुविधा के लिए ग्रामीणों को इंतजार
श्मशान घाट और वहां तक पहुंचने का रास्ता ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यक सुविधाओं में शामिल है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या का समाधान जल्द किया जाना चाहिए। बारिश के दिनों में जलभराव के कारण परेशानी बढ़ने के बाद अब ग्रामीण प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कर रहे हैं।
रवि बघेल की ओर से मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद मामले के समाधान की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, शिकायत पर संबंधित विभाग की ओर से क्या कार्रवाई होती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर श्मशान घाट और पक्के रास्ते जैसी मूलभूत सुविधा के लिए उन्हें और कितना इंतजार करना पड़ेगा। उनका कहना है कि करीब दस गांवों से जुड़ी इस समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए, ताकि लोगों को अंतिम संस्कार के दौरान किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थायी समाधान की उम्मीद
कुल मिलाकर, मथुरा के फरह ब्लॉक क्षेत्र स्थित आंवला सुल्तानपुर यौरा गांव में श्मशान घाट और रास्ते की सुविधा का मुद्दा स्थानीय ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। बारिश के दौरान जलभराव के कारण समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से श्मशान घाट का निर्माण कराने, रास्ते को पक्का करने और जल निकासी की उचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। यदि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार करते हैं और निर्माण कार्य को मंजूरी मिलती है, तो आंवला सुल्तानपुर यौरा सहित आसपास के करीब दस गांवों के लोगों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से राहत मिल सकती है।

