प्रतापगढ़ में बुजुर्ग पर गिरी जर्जर दीवार, अस्पताल ले जाते समय 70 वर्षीय नासिर अली की मौत
रिपोर्ट – अमित सिंह
प्रतापगढ़: लालगंज क्षेत्र के मोंठिन गांव में शनिवार सुबह एक हादसे में 70 वर्षीय बुजुर्ग नासिर अली की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह रोज की तरह घर के बाहर बने छप्पर के नीचे सो रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब पांच बजे अचानक पास की दीवार भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। दीवार गिरने से नासिर अली मलबे के नीचे दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसके बाद लोगों ने मिलकर मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को मलबे से बाहर निकाला गया। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।
सुबह छप्पर के नीचे सो रहे थे बुजुर्ग
जानकारी के मुताबिक, लालगंज क्षेत्र के मोंठिन गांव निवासी नासिर अली (70) पुत्र महबूब अली शनिवार सुबह अपने घर के बाहर बने छप्पर के नीचे सो रहे थे। बताया गया कि वह रोजाना की तरह सुबह के समय वहीं आराम कर रहे थे।
सुबह करीब पांच बजे अचानक घर के पास की दीवार गिर गई। दीवार के मलबे की चपेट में आने से नासिर अली उसके नीचे दब गए। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझने का मौका नहीं मिला।
दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद परिजनों को भी घटना की जानकारी हुई। देखते ही देखते वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और बुजुर्ग को मलबे से बाहर निकालने के लिए राहत कार्य शुरू किया गया।
ग्रामीणों ने मिलकर मलबे से निकाला
हादसे के बाद ग्रामीणों ने मानवीय पहल करते हुए बुजुर्ग को बचाने के लिए तुरंत प्रयास शुरू किए। मलबा हटाने के लिए कई लोग मौके पर जुट गए। दीवार के हिस्से हटाने के बाद नासिर अली को बाहर निकाला गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने समय गंवाए बिना उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी की। घायल बुजुर्ग की हालत गंभीर बताई जा रही थी। इसलिए परिजन उन्हें जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहते थे।
हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में नासिर अली की मौत हो गई। इसके बाद परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। जिस परिवार में सुबह सामान्य दिन की शुरुआत हुई थी, वहां कुछ ही देर में मातम का माहौल बन गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत
परिजनों के मुताबिक, दीवार गिरने के बाद नासिर अली को गंभीर चोटें आई थीं। ग्रामीणों की मदद से उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही बुजुर्ग की मौत होने की खबर से परिवार के लोगों का दुख और बढ़ गया। ग्रामीणों ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हादसे की वजह से बुजुर्ग की जान चली गई। घटना के बाद गांव में लोगों के बीच जर्जर दीवारों और पुराने निर्माण को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
अचानक भरभराकर गिरी दीवार
स्थानीय जानकारी के अनुसार, दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार की स्थिति कैसी थी और उसके गिरने के पीछे क्या कारण रहा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, बारिश के मौसम में पुराने और कमजोर निर्माणों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत रहती है।
यदि किसी दीवार में पहले से दरार या कमजोरी हो तो उसके आसपास रहने या सोने से जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने मकानों और दीवारों की समय-समय पर जांच करना जरूरी माना जाता है।
मोंठिन गांव की इस घटना ने भी लोगों को पुराने और जर्जर निर्माणों को लेकर सतर्क रहने का संदेश दिया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नासिर अली की मौत के बाद उनके परिवार में शोक की स्थिति है। परिजन घटना से बेहद दुखी हैं। सुबह तक जो बुजुर्ग घर के बाहर सामान्य रूप से आराम कर रहे थे, उनकी अचानक मौत की खबर से परिवार के लोग सदमे में हैं।
वहीं, गांव के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों के बीच भी घटना को लेकर चर्चा है। लोगों का कहना है कि हादसा बेहद अचानक हुआ और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और बुजुर्ग को मलबे से निकालने का प्रयास किया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी जान नहीं बच सकी।
जर्जर निर्माण को लेकर सतर्कता जरूरी
बारिश के मौसम में पुराने मकानों, दीवारों और अन्य निर्माणों की स्थिति पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। लगातार नमी और बारिश के कारण कमजोर निर्माण प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में परिवारों को चाहिए कि वे घर के आसपास मौजूद पुरानी दीवारों और अन्य संरचनाओं की स्थिति पर नजर रखें।
यदि किसी दीवार में दरार दिखाई दे या वह कमजोर नजर आए तो उसके आसपास सोने या बैठने से बचना चाहिए। साथ ही, आवश्यकता होने पर संबंधित विशेषज्ञ से उसकी स्थिति की जांच करानी चाहिए।
मोंठिन गांव की घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों को पुराने निर्माणों की स्थिति को लेकर सतर्क रहने की जरूरत महसूस हो रही है।
प्रशासनिक स्तर पर भी जरूरी है निरीक्षण
ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से खड़े पुराने मकानों और दीवारों की स्थिति का समय-समय पर निरीक्षण किया जाना उपयोगी हो सकता है। खासकर बारिश के मौसम में कमजोर संरचनाओं को चिन्हित करके लोगों को सावधान किया जा सकता है।
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों द्वारा भी निरीक्षण किया जाना महत्वपूर्ण है। इससे संभावित जोखिम वाले स्थानों की पहचान पहले ही की जा सकती है।
हालांकि, मोंठिन गांव में हुई घटना के संबंध में दीवार की वास्तविक स्थिति और हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गांव में शोक का माहौल
नासिर अली की मौत की खबर के बाद मोंठिन गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। घटना ने लोगों को अचानक होने वाले ऐसे हादसों को लेकर भी चिंतित किया है।
परिजनों के लिए यह घटना बेहद दुखद है, क्योंकि कुछ ही समय में एक सामान्य सुबह ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया। ग्रामीणों ने बुजुर्ग को मलबे से बाहर निकालने के लिए तत्काल मदद की, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गई।
कुल मिलाकर, प्रतापगढ़ के लालगंज क्षेत्र के मोंठिन गांव में शनिवार सुबह दीवार गिरने से 70 वर्षीय नासिर अली की मौत हो गई। वह घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रहे थे, तभी अचानक दीवार उनके ऊपर गिर गई। ग्रामीणों और परिजनों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और पुराने व कमजोर निर्माणों को लेकर सतर्कता की जरूरत सामने आई है।

