सहसवान SDM गौरव आर्य ने गंगा तटीय क्षेत्रों का किया निरीक्षण, जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन अलर्ट
रिपोर्ट – सैयद तुफैल अहमद
बदायूं: बदायूं जिले की सहसवान तहसील क्षेत्र में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) गौरव आर्य ने शुक्रवार को गंगा तटीय क्षेत्रों और महावा बांध का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वीर सहाय, नगला खागी और बमरोलिया गंगा घाट समेत कई संवेदनशील स्थानों का दौरा कर मौके की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को गंगा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और तटीय क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने बाढ़ से बचाव के लिए पहले से किए गए इंतजामों की समीक्षा की और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए सभी तैयारियां पूरी रखने को कहा।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क
सहसवान तहसील क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित स्थिति से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी करना है, ताकि तटीय गांवों में रहने वाले लोगों को जरूरत के समय तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इसी क्रम में एसडीएम गौरव आर्य ने गंगा नदी के किनारे स्थित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर नदी की स्थिति, तटवर्ती क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में जलस्तर की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा महावा बांध का भी निरीक्षण किया गया।
एसडीएम ने अधिकारियों से कहा कि जलस्तर की स्थिति पर नियमित रूप से नजर रखी जाए और महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रशासन तक समय से पहुंचाई जाएं। इससे किसी भी बदलाव की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
महावा बांध और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान एसडीएम गौरव आर्य ने महावा बांध का जायजा लिया। इसके साथ ही वीर सहाय, नगला खागी और बमरोलिया गंगा घाट सहित अन्य तटीय क्षेत्रों में भी स्थिति देखी।
इन क्षेत्रों में प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी लेने के साथ ही अधिकारियों से जरूरी व्यवस्थाओं के बारे में चर्चा की गई। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव को गंभीरता से लिया जाए और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए।
इसके अलावा, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बाढ़ की स्थिति में इस्तेमाल होने वाले आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें। संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की देरी न हो।
ग्रामीणों से संवाद कर जानी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने गंगा तटीय गांवों में रहने वाले ग्रामीणों से भी संवाद किया। उन्होंने लोगों से क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारियों के बारे में भी बताया गया।
एसडीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी लोग सतर्क रहें। विशेष रूप से बच्चों को नदी के किनारे जाने से रोकने की सलाह दी गई। साथ ही, लोगों से अनावश्यक रूप से गंगा घाटों पर भीड़ नहीं लगाने को कहा गया।
उन्होंने ग्रामीणों से यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने, आवागमन में परेशानी या किसी अन्य आपात स्थिति की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए। समय पर सूचना मिलने से संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई जल्द शुरू कर सकते हैं।
बच्चों को नदी से दूर रखने की अपील
प्रशासन ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे बच्चों को नदी और पानी वाले संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रखें।
इसके अलावा, लोगों को बिना आवश्यकता गंगा घाटों की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है। जलस्तर में बदलाव की स्थिति में नदी के आसपास की परिस्थितियां भी बदल सकती हैं। इसलिए प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।
विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी महत्वपूर्ण सूचना के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें।
राजस्व और पुलिस विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राजस्व, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्व विभाग के अधिकारियों को तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है। वहीं, पुलिस विभाग को भी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और जरूरत के अनुसार सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही अन्य संबंधित विभागों को भी अपने स्तर से आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए कहा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि यदि किसी क्षेत्र में जलस्तर के कारण परिस्थितियां बदलती हैं तो राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें।
जलस्तर की लगातार होगी निगरानी
प्रशासन की ओर से गंगा नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जलस्तर में होने वाले परिवर्तन की जानकारी समय-समय पर उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए।
इसके अलावा, तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की आवश्यकता सामने आने पर संबंधित विभागों को तत्काल सक्रिय करने की तैयारी है।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी संभावित स्थिति का समय रहते सामना किया जा सके।
राहत और बचाव की तैयारियों पर जोर
एसडीएम गौरव आर्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ से बचाव से संबंधित सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए भी विभागीय स्तर पर तैयारी रखी जाए।
हालांकि, प्रशासन का मुख्य फोकस फिलहाल निगरानी और एहतियाती तैयारियों पर है। इसके तहत गंगा नदी के जलस्तर, तटीय गांवों और बांधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि समय रहते तैयारी करने से किसी भी संभावित चुनौती का बेहतर तरीके से सामना किया जा सकता है। इसी वजह से संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की
सहसवान क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे नदी और घाटों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
साथ ही, किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या जलस्तर में अचानक बदलाव की जानकारी मिलने पर प्रशासन को तुरंत सूचित करने को कहा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि विभागीय निगरानी और स्थानीय लोगों के सहयोग से स्थिति पर प्रभावी नजर रखी जा सके।
फिलहाल सहसवान तहसील क्षेत्र में प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। एसडीएम गौरव आर्य के निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वहीं, गंगा तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से भी सतर्कता बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

