अमरोहा में डिप्टी सीएम के बयान के विरोध में प्रदर्शन, जामा मस्जिद के बाहर कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट- इकबाल अंसारी
अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मदरसों से जुड़े कथित बयान पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रदर्शन किया और सरकार से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित जामा मस्जिद के बाहर हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ समय के लिए नोकझोंक भी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।
जुमे की नमाज के बाद शुरू हुआ विरोध
शुक्रवार को जुमे की नमाज समाप्त होने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग जामा मस्जिद के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी सीएम के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस प्रकार के बयान समाज में अनावश्यक विवाद और असंतोष पैदा कर सकते हैं। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई और संबंधित बयान की सार्वजनिक रूप से निंदा की गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी समुदाय की धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ टिप्पणी की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की बात भी कही।
अधिवक्ता नासिर फारूक के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व अधिवक्ता नासिर फारूक ने किया। उन्होंने कहा कि समुदाय की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित बयान पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है।
उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य अपनी आपत्ति दर्ज कराना और सरकार से उचित कार्रवाई की मांग करना है। प्रदर्शन के दौरान लोगों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की गई।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान जब भीड़ आगे बढ़ने लगी तो पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उन्हें निर्धारित स्थान पर रहने के लिए कहा। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को समझदारी से संभाला और किसी भी प्रकार की बड़ी अप्रिय घटना नहीं होने दी।
प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
कानून-व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए नगर कोतवाली क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी और प्रदर्शन समाप्त होने तक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपनी बात शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से रखें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी पक्ष की ओर से कोई ज्ञापन या शिकायत दी जाती है तो उसका नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने संबंधित बयान की निंदा करते हुए सरकार से उचित कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के वक्तव्यों का व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए ऐसे विषयों पर संतुलित और जिम्मेदार टिप्पणी की जानी चाहिए।
इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के माध्यम से अपनी मांग उच्च स्तर तक पहुंचाने की बात कही। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है और उनकी बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
स्थानीय प्रशासन और सामाजिक प्रतिनिधियों ने लोगों से शांति एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर मतभेद होने की स्थिति में संवैधानिक और शांतिपूर्ण माध्यमों का ही उपयोग किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े मुद्दों पर संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाता है। इसलिए किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया कानून के दायरे में रहकर ही व्यक्त की जानी चाहिए।
अमरोहा में जुमे की नमाज के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों से जुड़े कथित बयान के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। अधिवक्ता नासिर फारूक के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार से कार्रवाई की मांग की गई। कुछ समय के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखा। फिलहाल क्षेत्र में शांति है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

