एटा में सोते समय 22 वर्षीय युवक को सांप ने डसा, उपचार के दौरान मौत, बिना पोस्टमार्टम शव घर ले गए परिजन
रिपोर्ट- नन्द कुमार
एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। जिले की जलेसर तहसील के लखमीपुर गांव में घर के अंदर सो रहे 22 वर्षीय युवक की सांप के काटने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिजन युवक का शव बिना पोस्टमार्टम कराए घर ले गए। ग्रामीणों के अनुसार घटना गुरुवार देर रात की है, जब युवक अपने घर में सो रहा था। अचानक सांप के काटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
देर रात घर में सोते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जलेसर तहसील क्षेत्र के लखमीपुर गांव निवासी 22 वर्षीय विक्रम गुरुवार रात भोजन करने के बाद अपने घर में सोने चला गया था। रात करीब एक बजे उसे अचानक किसी जहरीले जीव के काटने का एहसास हुआ। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के सदस्यों ने जब उसकी स्थिति देखी तो तत्काल उसे प्राथमिक सहायता देने का प्रयास किया और फिर बिना समय गंवाए एटा स्थित वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे।
हालांकि अस्पताल पहुंचने तक युवक की हालत गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार में छाया मातम
युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घर में मातम पसर गया और गांव के लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचने लगे। एक जवान बेटे की असमय मृत्यु से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि विक्रम सामान्य रूप से अपने घर में सो रहा था और किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि रात इतनी दुखद साबित होगी। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
उपचार के दौरान मौत
परिजनों के अनुसार, युवक को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया था। मृतक के भाई रामू ने बताया कि रात करीब एक बजे विक्रम को सांप ने काट लिया था। इसके बाद परिवार के लोग उसे तत्काल एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे।
रामू का कहना है कि अस्पताल में उपचार शुरू हुआ, लेकिन उनके अनुसार अपेक्षित उपचार नहीं मिल सका और इलाज के दौरान विक्रम की मौत हो गई। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए उपचार से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बिना पोस्टमार्टम शव लेकर लौटे परिजन
युवक की मृत्यु के बाद परिजन शव को बिना पोस्टमार्टम कराए अपने गांव वापस ले गए। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, परिवार ने पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई और अंतिम संस्कार की तैयारियों के लिए शव घर ले आया।
ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम कराना या न कराना संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है। इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ग्रामीणों में चिंता का माहौल
बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। खेतों, घरों और आसपास जलभराव होने के कारण सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि रात में सोते समय आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, फर्श पर सोने से बचें, टॉर्च का प्रयोग करें और घर के आसपास झाड़ियों तथा कूड़े-कचरे को हटाकर रखें। इससे सांपों के घरों में आने की संभावना कम हो सकती है।
सर्पदंश की स्थिति में क्या करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचना सबसे जरूरी होता है। प्रभावित अंग को अधिक हिलाने-डुलाने से बचना चाहिए और किसी भी तरह के घरेलू उपचार या अंधविश्वास पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।
स्थानीय लोगों ने जताया शोक
घटना के बाद गांव में शोक का वातावरण है। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। वहीं, लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और सर्पदंश से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को कम किया जा सके।
फिलहाल, इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। परिवार अपने युवा सदस्य को खोने के गहरे सदमे में है, जबकि गांव के लोग भी इस असमय हुई मृत्यु से दुखी हैं।

