महाराजपुर से सपा प्रत्याशी मनोज शुक्ला बोले- ब्राह्मण समाज करेगा बदलाव, विकास बनेगा चुनावी मुद्दा

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रिपोर्ट- विवेक कृष्णा दीक्षित

कानपुरः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज होने के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों में टिकट के दावेदार अपनी सक्रियता बढ़ाने लगे हैं। इसी क्रम में महाराजपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के  प्रत्याशी और पार्टी नेता मनोज शुक्ला ने अपनी राजनीतिक दावेदारी को मजबूती देने के लिए संगठनात्मक गतिविधियों के साथ जनसंपर्क अभियान भी तेज कर दिया है। हाल ही में लखनऊ में आयोजित जनेश्वर मिश्र जयंती समारोह के दौरान उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात चर्चा का विषय बनी।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई इस मुलाकात में अखिलेश यादव ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि “सपा से एक मनोज गए तो दूसरे आ गए हैं।” इस टिप्पणी को कार्यकर्ताओं ने सकारात्मक संकेत के रूप में देखा। वहीं, मनोज शुक्ला ने इसे पार्टी नेतृत्व का स्नेह बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के सिद्धांतों और नीतियों को जनता तक पहुंचाने के लिए वे लगातार कार्य कर रहे हैं।

भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर राजनीतिक आरोप

मीडिया से बातचीत के दौरान मनोज शुक्ला ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ब्राह्मण समाज के साथ न्याय नहीं हुआ और उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। उनके अनुसार प्रदेश में ब्राह्मण समाज ने स्वयं को उपेक्षित महसूस किया है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णय करती है और यदि किसी वर्ग को लगता है कि उसकी अपेक्षाओं पर सरकार खरी नहीं उतरी है तो वह चुनाव के माध्यम से अपना मत व्यक्त करता है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में इसका असर देखने को मिल सकता है।

पीडीए पर बोले, कृष्ण-सुदामा की मित्रता का दिया उदाहरण

समाजवादी पार्टी द्वारा उठाए जा रहे पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के मुद्दे पर भी मनोज शुक्ला ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिस प्रकार ‘पी’ से पंडित का उल्लेख किया है, वह सामाजिक समरसता और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की सोच को दर्शाता है।

इस संदर्भ में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति समानता, सम्मान और सामाजिक एकता का संदेश देती है। उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी भी इसी भावना के साथ सभी वर्गों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

महाराजपुर विधानसभा में विकास का मुद्दा उठाया

मनोज शुक्ला ने महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई सोसाइटी इलाकों में आधारभूत सुविधाओं की कमी आज भी बनी हुई है। उनके अनुसार पहले यह आश्वासन दिया गया था कि कम बेटरमेंट चार्ज लेकर क्षेत्रों का समुचित विकास कराया जाएगा, लेकिन धरातल पर अपेक्षित कार्य दिखाई नहीं देते।

उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान क्षेत्र के अनेक हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आती है, जिससे आम नागरिकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़कों, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता है ताकि लोगों को राहत मिल सके।

जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने का दावा

सपा नेता ने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें महाराजपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने का अवसर देता है तो वे क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान को अपनी प्राथमिकता बनाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन के कार्यकर्ताओं और जनता के सहयोग से समाजवादी पार्टी इस सीट पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास, युवाओं के लिए अवसर, बेहतर सड़कें, जल निकासी व्यवस्था तथा नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है। इसके लिए वे लगातार लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं।

चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक सक्रियता

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। संभावित उम्मीदवार संगठन के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इसी क्रम में मनोज शुक्ला भी लगातार विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होकर अपनी दावेदारी को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आएंगे, विभिन्न दलों के संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता और भी बढ़ेगी। ऐसे में स्थानीय मुद्दे, विकास कार्य, सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक मजबूती चुनावी चर्चा के प्रमुख विषय बने रहेंगे।

आगे क्या?

फिलहाल समाजवादी पार्टी ने महाराजपुर विधानसभा सीट पर अपने आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है लेकिन फिर भी मनोज कुमार शुक्ला ही प्रमुख दावेदार माने जा रहे है। मुख्य वजह अखिलेश यादव के नजदीकी व राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. नीतेन्द्र सिंह यादव का साथ होना ऐसे में टिकट को लेकर अन्य दावेदार  निष्क्रिय है। मनोज शुक्ला ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व का होगा और यदि उन्हें जिम्मेदारी मिलती है तो वे पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे।

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