आजमगढ़ में मरीज की मौत के मामले में नर्सिंग होम संचालक गिरफ्तार, पुलिस ने जांच के बाद की कार्रवाई
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में एक मरीज की उपचार के दौरान हुई मृत्यु के मामले में पुलिस ने जांच के बाद नर्सिंग होम संचालक को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। यह कार्रवाई परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत और विवेचना के दौरान एकत्र किए गए तथ्यों के आधार पर की गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला निजी स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन और मरीजों के उपचार से जुड़े नियमों के महत्व को भी रेखांकित करता है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक निवासी ने लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी माता श्याम दुलारी को पेट दर्द और हर्निया की समस्या के उपचार के लिए हरैया मोड़, अबाड़ी सठियांव स्थित आर्य नन्दिनी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान नर्सिंग होम संचालक ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना मरीज का ऑपरेशन कराया। शिकायत के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान मरीज की मृत्यु हो गई।
इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
धारा 105 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया मामला
शिकायत प्राप्त होने के बाद मुबारकपुर थाने में मु0अ0सं0 264/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
इसके बाद मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मो. शमशाद खान को सौंपी गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने शिकायत, उपलब्ध दस्तावेजों तथा अन्य संबंधित तथ्यों का परीक्षण किया।
पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और विधिक प्रक्रिया के अनुसार की गई।
विवेचना के दौरान हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस टीम ने मुकदमे में वांछित आरोपी गुलाब चन्द चौहान की तलाश शुरू की।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हरैया रेलवे अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी उपलब्ध साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर की गई है।
आरोपी की पहचान
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी गुलाब चन्द चौहान, पुत्र सुन्दर चौहान, ग्राम भुसुड़ी, थाना मुबारकपुर, जनपद आजमगढ़ का निवासी है।
उसकी आयु लगभग 52 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार वह आर्य नन्दिनी नर्सिंग होम का संचालक है, जहां शिकायतकर्ता की माता का उपचार किया गया था।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मरीज के उपचार के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया और सहमति संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया।
शिकायत के अनुसार, ऑपरेशन से पहले परिवार को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और उनकी सहमति भी प्राप्त नहीं की गई।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और संबंधित तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
पुलिस ने कही निष्पक्ष जांच की बात
मुबारकपुर पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है।
विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार प्रत्येक आरोपी को न्यायालय में अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार प्राप्त है।
स्वास्थ्य संस्थानों में नियमों के पालन का महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी मरीज के उपचार के दौरान निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का पालन अत्यंत आवश्यक होता है।
विशेष रूप से किसी ऑपरेशन या बड़ी चिकित्सकीय प्रक्रिया से पहले मरीज अथवा उसके परिजनों की सूचित सहमति (Informed Consent) लेना चिकित्सा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसके साथ ही सभी उपचार संबंधी अभिलेखों का उचित रख-रखाव भी आवश्यक होता है।
ऐसी व्यवस्थाएं मरीजों के हितों की सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कानूनी प्रक्रिया जारी
मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब आगे की कार्रवाई न्यायालय और जांच प्रक्रिया के अनुसार होगी।
यदि विवेचना के दौरान अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं, तो पुलिस नियमानुसार उन्हें भी जांच में शामिल करेगी। वहीं, अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर लिया जाएगा।
नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण संदेश
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निजी या सरकारी अस्पताल में उपचार के दौरान मरीज और परिजनों को उपचार संबंधी जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए।
इसके अलावा अस्पताल के पंजीकरण, चिकित्सक की योग्यता, उपचार संबंधी दस्तावेज और आवश्यक सहमति पत्रों की जानकारी रखना भी उपयोगी माना जाता है। इससे उपचार प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनती है।
आजमगढ़ के मुबारकपुर क्षेत्र में मरीज की उपचार के दौरान हुई मृत्यु के मामले में पुलिस ने शिकायत और विवेचना के आधार पर नर्सिंग होम संचालक को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। वहीं, इस प्रकरण में लगाए गए सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में निर्धारित नियमों के पालन, पारदर्शिता और मरीजों के अधिकारों के महत्व को भी रेखांकित करता है।

