बिजनौर के निजी अस्पताल में 7 वर्षीय बच्ची की मौत, परिजनों ने डॉक्टर की लापरवाही का लगाया आरोप

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रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा 

बिजनौर: बिजनौर शहर के नजीबाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल में सात वर्षीय बच्ची की उपचार के दौरान हुई मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया। मृतक बच्ची के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद परिजनों ने बच्ची का शव अस्पताल परिसर में रखकर न्याय की मांग की। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इलाज के दौरान हुई बच्ची की मौत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नजीबाबाद रोड स्थित गोपाल हॉस्पिटल में सात वर्षीय तृषा का इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सकीय प्रयास किए गए, लेकिन बाद में बच्ची की मृत्यु हो गई।

बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे।

परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई, जिसके कारण बच्ची की जान चली गई। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार मिलता तो शायद बच्ची को बचाया जा सकता था।

हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की सत्यता का निर्धारण पुलिस जांच और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अस्पताल परिसर में न्याय की मांग

घटना के बाद परिजनों ने बच्ची का शव अस्पताल परिसर में रखकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने संबंधित चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।

इस दौरान स्थानीय लोगों और मीडिया से जुड़े कई लोग भी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की अपील की।

पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे

स्थिति की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया तथा पूरे मामले की जांच का भरोसा दिया।

पुलिस ने कहा कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से भी शांति बनाए रखने की अपील की।

डॉक्टर के अस्पताल में मौजूद न होने की चर्चा

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा रही कि संबंधित चिकित्सक अस्पताल में मौजूद नहीं थे। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ की जाएगी और तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाएगा।

अस्पताल संचालन को लेकर भी उठे सवाल

घटना के बाद कुछ लोगों ने अस्पताल के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया गया।

हालांकि, इन दावों की भी फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग यदि जांच करता है तो उसके बाद ही अस्पताल की व्यवस्थाओं और नियमों के पालन को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।

स्वास्थ्य विभाग की जांच पर टिकी निगाहें

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में चिकित्सकीय रिकॉर्ड, उपचार प्रक्रिया और अस्पताल के मानकों की निष्पक्ष जांच आवश्यक होती है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं।

यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि आरोप सही नहीं पाए जाते हैं तो जांच रिपोर्ट उसी आधार पर प्रस्तुत की जाएगी।

कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच सभी उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर की जाएगी। इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय अभिलेख और संबंधित व्यक्तियों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाएगा ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

बिजनौर के निजी अस्पताल में सात वर्षीय बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

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