मुरादाबाद में तेंदुए की तलाश हुई तेज: वन विभाग ने शुरू किया मेगा सर्च ऑपरेशन, जानिए किस तरह से की जा रही कॉम्बिंग
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर वन विभाग पूरी सतर्कता के साथ व्यापक सर्च अभियान चला रहा है। हाल ही में क्षेत्र में एक महिला की मृत्यु की घटना के बाद वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए मेगा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इस अभियान में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ विशेषज्ञों की टीम भी शामिल है, ताकि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लालापुर, पीपलसाना और आसपास के गांवों में लगातार कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। अभियान की निगरानी स्वयं जिला वन अधिकारी (डीएफओ) कर रहे हैं। इसके अलावा, ड्रोन कैमरों की सहायता से गन्ने के खेतों, झाड़ियों और जंगल वाले क्षेत्रों की बारीकी से निगरानी की जा रही है। इससे उन स्थानों की पहचान करना आसान हो रहा है, जहां सामान्य परिस्थितियों में पहुंचना कठिन होता है।
ड्रोन कैमरों और आधुनिक उपकरणों का लिया जा रहा सहारा
वन विभाग ने इस अभियान में आधुनिक संसाधनों का उपयोग बढ़ा दिया है। ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं, ट्रैंक्विलाइजर गन से लैस विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर तैनात है, ताकि तेंदुए के दिखाई देने पर उसे बिना किसी नुकसान के बेहोश कर सुरक्षित पकड़ा जा सके।
इसके साथ ही शार्पशूटर, रेस्क्यू एक्सपर्ट और प्रशिक्षित वनकर्मी भी अभियान में शामिल हैं। हालांकि, अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि प्राथमिकता तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने की है। इसलिए हर कदम पूरी सावधानी और निर्धारित वन्यजीव संरक्षण मानकों के अनुरूप उठाया जा रहा है।
डीएफओ स्वयं कर रहे हैं अभियान की निगरानी
मेगा सर्च ऑपरेशन की कमान जिला वन अधिकारी डॉ. विनय कुमार सिंह संभाल रहे हैं। वे लगातार मौके पर मौजूद रहकर पूरी टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर रणनीति में भी बदलाव किया जा रहा है।
वन विभाग का कहना है कि यदि तेंदुए की सटीक लोकेशन मिलती है तो प्रशिक्षित टीम तुरंत रेस्क्यू की कार्रवाई करेगी। इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन पहले से ही मौके पर उपलब्ध हैं।
लगातार बारिश के बीच भी जारी है कॉम्बिंग अभियान
क्षेत्र में हो रही बारिश के बावजूद वन विभाग का अभियान रुका नहीं है। लगातार प्रतिकूल मौसम के बीच भी टीम गन्ने के खेतों, जंगलों और आसपास के इलाकों में तलाश अभियान चला रही है।
बारिश के कारण कई स्थानों पर जमीन फिसलन भरी हो गई है। इसके बावजूद वनकर्मी पूरी सावधानी के साथ इलाके की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि मौसम चुनौती जरूर बन रहा है, लेकिन अभियान को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
सुबह तेंदुए का जोड़ा दिखने की सूचना
शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में तेंदुए का एक जोड़ा दिखाई देने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग ने सर्च ऑपरेशन का दायरा और बढ़ा दिया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक तेंदुए की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी।
वन विभाग सूचना मिलने वाले प्रत्येक स्थान की गंभीरता से जांच कर रहा है। ड्रोन सर्विलांस के साथ-साथ पैदल कॉम्बिंग भी की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित गतिविधि को नजरअंदाज न किया जाए।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि जब तक अभियान पूरा नहीं हो जाता, तब तक लोग अकेले खेतों में जाने से बचें। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, बच्चों को भी अकेले बाहर न भेजने तथा किसी भी संदिग्ध वन्यजीव की सूचना तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को देने की अपील की गई है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में तेंदुए के पास जाने या उसे घेरने का प्रयास न करें।
वन विभाग का उद्देश्य सुरक्षित रेस्क्यू
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य तेंदुए को किसी प्रकार की क्षति पहुंचाना नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त वन क्षेत्र में स्थानांतरित करना है। इसी कारण प्रशिक्षित विशेषज्ञों और आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार भोजन या प्राकृतिक आवास में बदलाव के कारण जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में धैर्य, वैज्ञानिक तरीके और सतर्कता के साथ कार्रवाई करना सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
प्रशासन और वन विभाग का समन्वित प्रयास
इस पूरे अभियान में वन विभाग के साथ स्थानीय प्रशासन भी लगातार समन्वय बनाए हुए है। विभिन्न टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक तेंदुए की सही स्थिति का पता लगाकर उसे सुरक्षित रेस्क्यू नहीं कर लिया जाता। वहीं, ग्रामीणों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
डीएफओ ने क्या कहा?
डीएफओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि वन विभाग की पूरी टीम लगातार क्षेत्र में मौजूद है। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है तथा ट्रैंक्विलाइजर गन और विशेषज्ञों की टीम हर समय तैयार है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करना है और लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल प्रशासन और वन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें।
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में चल रहा मेगा सर्च ऑपरेशन वन विभाग की सक्रियता और आधुनिक तकनीक के उपयोग का उदाहरण है। एक ओर विशेषज्ञों की टीम तेंदुए की सुरक्षित तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है। आने वाले समय में अभियान के परिणाम पर सभी की नजर बनी हुई है। तब तक प्रशासन ने लोगों से सहयोग, धैर्य और सतर्कता बनाए रखने की अपील की है।

