हरदोई: आरक्षी पर शादी का झांसा देकर शोषण के आरोप, पीड़िता ने एफआईआर की मांग की
रिपोर्ट- गुलफाम खान
हरदोईः हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र की रहने वाली एक 23 वर्षीय युवती ने बहराइच पुलिस लाइन में तैनात एक आरक्षी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक हरदोई को प्रार्थना-पत्र सौंपकर प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने की मांग की है। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2019 में, जब वह नाबालिग थी, तब आरोपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क स्थापित किया और विवाह का आश्वासन देकर कई वर्षों तक उसका शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
सोशल मीडिया से हुई पहचान, विवाह का आश्वासन देने का आरोप
प्रार्थना-पत्र के अनुसार, वर्ष 2019 में फेसबुक के माध्यम से दोनों की पहचान हुई। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी आरक्षी ने विवाह का भरोसा दिलाकर उसे अपने साथ रखा। आरोप है कि इस दौरान विभिन्न स्थानों पर किराए के कमरे लेकर दोनों साथ रहे, लेकिन सामाजिक या कानूनी रूप से विवाह नहीं किया गया। युवती का कहना है कि जब भी उसने वैधानिक विवाह की बात उठाई, आरोपी किसी न किसी कारण से इसे टालता रहा।
इसके साथ ही शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने भविष्य में विवाह करने का आश्वासन देकर संबंध बनाए रखे, जिससे वह लगातार उसके भरोसे में रही।
गर्भपात और प्रताड़ना के गंभीर आरोप
युवती ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि संबंधों के दौरान वह कई बार गर्भवती हुई, लेकिन प्रत्येक बार आरोपी ने दबाव बनाकर गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया। शिकायत के अनुसार, उसे मानसिक दबाव में रखकर चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए राजी कराया गया।
इसके अतिरिक्त शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी शराब के नशे में मारपीट करता था और उसके साथ लगातार दुर्व्यवहार करता रहा। युवती का कहना है कि उसे कई बार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
वर्ष 2023 में भी हुई थी शिकायत
प्रार्थना-पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2023 में कथित मारपीट की एक शिकायत के बाद आरोपी आरक्षी को विभागीय स्तर पर निलंबित किया गया था। शिकायतकर्ता का दावा है कि उस समय आरोपी ने शपथ-पत्र देकर अपनी बहन की शादी के बाद विवाह करने का आश्वासन दिया था।
युवती का आरोप है कि बाद में आरोपी ने एक नोटरी सत्यापित “मैरिज एग्रीमेंट” तैयार कराया और उसे कोर्ट मैरिज बताकर भ्रमित करता रहा। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बावजूद कभी वैधानिक विवाह नहीं किया गया और न ही उसे आरोपी के पैतृक घर ले जाया गया।
फरवरी और जुलाई 2026 की घटनाओं का भी किया उल्लेख
प्रार्थना-पत्र में फरवरी 2026 की एक घटना का भी जिक्र किया गया है। युवती का आरोप है कि उस समय आरोपी ने उसे दवा मिला हुआ दूध पिलाया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और गर्भपात हो गया। शिकायत के अनुसार, हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल बहराइच में भर्ती कराया गया।
वहीं, जुलाई 2026 की घटना का उल्लेख करते हुए युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और देर रात कमरे से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसने डायल-112 और वन स्टॉप सेंटर की सहायता ली। शिकायत में कहा गया है कि इसके बाद संबंधित अधिकारियों के समक्ष उसकी शिकायत पर प्रक्रिया शुरू हुई।
तलाक वाद दायर करने का भी लगाया आरोप
युवती ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि जब बहराइच में उसकी शिकायत पर काउंसलिंग और अन्य प्रक्रियाएं चल रही थीं, उसी दौरान आरोपी ने विभागीय कार्रवाई और संभावित एफआईआर से बचने के उद्देश्य से हरदोई के कुटुंब न्यायालय में तलाक का वाद दायर कर दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों के बीच कभी वैधानिक विवाह ही नहीं हुआ, इसलिए तलाक का मुकदमा दायर करना न्यायालय को गुमराह करने और पहले से कानूनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास है। हालांकि, इस संबंध में न्यायालय या आरोपी पक्ष की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांग
युवती ने पुलिस अधीक्षक हरदोई से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपी आरक्षी के विरुद्ध कानून के अनुसार आवश्यक धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही उसने आरोप लगाया है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी है, इसलिए जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराया जाए।
पुलिस का पक्ष
मामले को लेकर हरदोई पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर जानकारी दी है कि संबंधित प्रकरण में प्रभारी निरीक्षक शाहाबाद को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, प्रभारी निरीक्षक शाहाबाद अरविन्द कुमार राय ने भी बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

