कानपुर में दिखा मिशन आरोही अभियान: 360 वाहनों का चालान, 26 सीज, नियम तोड़ने वालों पर अब इसी तरह कसेगा शिकंजा – पढ़िए
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने तथा यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग लगातार विशेष अभियान चला रहा है। इसी क्रम में कानपुर नगर में ‘मिशन आरोही’ के तहत व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 360 वाहनों का चालान किया, जबकि 26 वाहनों को विभिन्न अनियमितताओं के कारण सीज कर दिया गया।
यह अभियान उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के निर्देश तथा अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) डी. के. सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
गंगा बैराज चौराहे पर चला विशेष अभियान
‘मिशन आरोही’ के तहत कानपुर मंडल के आरटीओ (प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम तथा एडीसीपी ट्रैफिक के निर्देशन में पुलिस बल ने संयुक्त रूप से गंगा बैराज चौराहे पर विशेष जांच अभियान चलाया।
अभियान के दौरान वाहनों के दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ हेलमेट, सीट बेल्ट, परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र, प्रदूषण प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का भी सत्यापन किया गया। इसके अलावा व्यावसायिक वाहनों की क्षमता और संचालन संबंधी नियमों की भी बारीकी से जांच की गई।
360 वाहनों का चालान, 26 वाहन किए गए सीज
प्रवर्तन अभियान के दौरान कुल 360 वाहनों के चालान किए गए। वहीं, गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 26 वाहनों को सीज कर दिया गया।
कार्रवाई मुख्य रूप से निम्न प्रकार के उल्लंघनों पर केंद्रित रही—
- बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना।
- सीट बेल्ट का उपयोग न करना।
- ओवरस्पीडिंग करना।
- व्यावसायिक वाहनों में ओवरलोडिंग।
- बिना वैध परमिट वाहन संचालन।
- फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना वाहन चलाना।
- प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) न होना।
- अन्य निर्धारित यातायात मानकों का उल्लंघन।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन वाहनों में गंभीर नियम उल्लंघन पाए गए, उनके विरुद्ध नियमानुसार सीज की कार्रवाई भी की गई।
सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
आरटीओ (प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि ‘मिशन आरोही’ का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है। बल्कि इसका मुख्य लक्ष्य नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़कों पर अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण यातायात नियमों की अनदेखी है। यदि चालक हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा नियमों का पालन करें, तो अनेक दुर्घटनाओं में होने वाली गंभीर क्षति को रोका जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है और सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के बीच प्रभावी समन्वय रहा। संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की।
अभियान के दौरान दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया। अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग, गति सीमा का पालन करने तथा आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी।
नियमों का पालन करने की अपील
अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की कि वे सड़क पर निकलने से पहले अपने सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें। साथ ही दोपहिया वाहन चालक हेलमेट और चारपहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
व्यावसायिक वाहन संचालकों को भी सलाह दी गई कि वे निर्धारित क्षमता से अधिक भार न ढोएं तथा अपने वाहनों के फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र समय पर नवीनीकृत कराते रहें।
अधिकारियों का मानना है कि छोटी-छोटी सावधानियां भी बड़ी दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
आरटीओ (प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘मिशन आरोही’ जैसे विशेष अभियान भविष्य में भी लगातार चलाए जाएंगे, ताकि यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि परिवहन विभाग समय-समय पर ऐसे विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित करता रहेगा, जिससे सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों और कर्मचारियों की रही सक्रिय भागीदारी
अभियान को सफल बनाने में परिवहन विभाग और पुलिस के कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान एआरटीओ (प्रवर्तन) तृतीय दल सोमलता यादव, मानवेंद्र प्रताप सिंह, पीटीओ डी. के. सिंह, दीपक सिंह, अनिल कुमार सहित पुलिस बल के जवान मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से अभियान को व्यवस्थित ढंग से संचालित करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की।
सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता भी जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल चालान या दंडात्मक कार्रवाई से ही सड़क दुर्घटनाओं में पूरी तरह कमी नहीं लाई जा सकती। इसके लिए नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है। इसलिए परिवहन विभाग प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दे रहा है।
यदि प्रत्येक वाहन चालक यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करे, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है और सुरक्षित यातायात व्यवस्था का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
कानपुर में चलाया गया ‘मिशन आरोही’ अभियान सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 360 वाहनों का चालान और 26 वाहनों को सीज किए जाने की कार्रवाई यह संदेश देती है कि यातायात नियमों की अनदेखी अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे, ताकि सड़कों पर अनुशासन कायम रहे, दुर्घटनाओं में कमी आए और नागरिकों की यात्रा अधिक सुरक्षित बन सके।

