फर्रुखाबाद में DM ने नाव से बाढ़ प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण, राहत व्यवस्था तेज करने के दिए सख्त निर्देश

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रिपोर्ट – हर्ष वर्मा 

फर्रुखाबाद: जिले में लगातार बनी बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बुधवार को तहसील अमृतपुर के बाढ़ प्रभावित गांव तीस राम की मड़ैया का नाव के माध्यम से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए राहत सामग्री, खाद्यान्न, पेयजल, चिकित्सा सुविधा तथा पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता समयबद्ध तरीके से कराई जाए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्यों की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए।

ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक हरसंभव सहायता पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

ग्रामीणों ने पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, राशन और पशुओं के चारे जैसी आवश्यकताओं से प्रशासन को अवगत कराया। इसके बाद जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राहत वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

स्वास्थ्य विभाग को दिए विशेष निर्देश

बाढ़ के दौरान संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में नियमित रूप से मेडिकल टीम भेजी जाए ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या का समय रहते उपचार किया जा सके।

इसके अतिरिक्त उन्होंने बच्चों के लिए आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही गांवों में ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशकों का नियमित छिड़काव कराने के निर्देश भी दिए, जिससे जलजनित और संक्रामक बीमारियों की संभावना कम हो सके।

बाढ़ के बीच बच्चों की पढ़ाई भी रहे जारी

प्राकृतिक आपदा के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां शिक्षकों की तैनाती कर बच्चों की पढ़ाई जारी रखी जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों के साथ-साथ शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकता पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई लंबे समय तक प्रभावित न हो।

बाढ़ शरणालय का भी किया निरीक्षण

गांवों का निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी ने राजेपुर स्थित अवध इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में संचालित बाढ़ शरणालय का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने भोजन, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा व्यवस्था तथा महिलाओं और बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शरणालय में रह रहे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा पशुओं की देखभाल, उनके लिए चारे की उपलब्धता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राहत कार्यों की लगातार होगी निगरानी

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रहेंगे। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र की नियमित निगरानी करता रहे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

कायमगंज क्षेत्र में भी तैयारियों की समीक्षा

इसी क्रम में कायमगंज के उपजिलाधिकारी ने झौआ और कटरी तौफीक गांवों का निरीक्षण कर बाढ़ संबंधी तैयारियों और राहत व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से राहत सामग्री के वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल व्यवस्था और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त की।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यदि जलस्तर में वृद्धि होती है तो प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने की पूरी तैयारी रखी जाए।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंहअपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंहउपजिलाधिकारी अमृतपुर श्वेता साहू सहित राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों की जानकारी जिलाधिकारी को दी।

आपदा प्रबंधन में समन्वय पर विशेष जोर

जानकारों का मानना है कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय राहत कार्यों की सफलता का महत्वपूर्ण आधार होता है। फर्रुखाबाद प्रशासन भी इसी दिशा में कार्य करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, राजस्व और पशुपालन विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों को गति दे रहा है।

फर्रुखाबाद में बाढ़ की चुनौती के बीच जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने का प्रयास कर रहा है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा नाव से बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण और शरणालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा यह दर्शाती है कि प्रशासन प्रभावित लोगों तक आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाने के लिए सक्रिय है। आने वाले दिनों में भी राहत कार्यों की नियमित निगरानी और विभागीय समन्वय के माध्यम से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।

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