अभिनेता प्रदीप रावत का हुआ अंतिम संस्कार, महाभारत से गजनी तक दमदार अभिनय की छोड़ गए अमिट छाप

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Digital UP News Desk

भारतीय सिनेमा और टेलीविजन जगत के वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप रावत को बुधवार दोपहर मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) स्थित बेस्ट कॉलोनी के पास अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों, करीबी मित्रों और फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकारों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अभिनेता रजा मुराद सहित कई फिल्मी हस्तियां इस मौके पर मौजूद रहीं और प्रदीप रावत के अभिनय तथा उनके व्यक्तित्व को याद किया।

74 वर्ष की आयु में प्रदीप रावत का मंगलवार शाम निधन हो गया था। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म और टेलीविजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई। कई कलाकारों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद किया।

कैंसर से चल रहा था इलाज

प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी के अनुसार अभिनेता कैंसर से पीड़ित थे। बताया गया कि बीमारी दोबारा लौट आने के बाद पिछले लगभग एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। चिकित्सकीय देखरेख के बावजूद उनकी तबीयत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका और मंगलवार को उनका निधन हो गया।

उनके निधन के बाद फिल्म उद्योग के अनेक कलाकारों और प्रशंसकों ने गहरा दुख व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर भी उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला लगातार जारी रहा।

मुंबई में हुआ अंतिम संस्कार

बुधवार दोपहर गोरेगांव (पश्चिम) में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान परिवार के लोगों के अलावा फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकार भी उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत अभिनेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके लंबे अभिनय सफर को याद किया।

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि प्रदीप रावत एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने हर भूमिका को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया। यही कारण है कि उनके कई किरदार आज भी दर्शकों की स्मृतियों में जीवित हैं।

महाभारत से हुई अभिनय यात्रा की शुरुआत

प्रदीप रावत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के लोकप्रिय धारावाहिक ‘महाभारत’ से की थी। इस धारावाहिक में उन्होंने अश्वत्थामा की भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा। इस किरदार ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई और अभिनय जगत में उनकी मजबूत शुरुआत मानी गई।

इसके बाद उन्होंने छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई।

कई भाषाओं की फिल्मों में छोड़ी छाप

प्रदीप रावत केवल हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी सिनेमा में भी उल्लेखनीय काम किया।

उनकी बहुमुखी अभिनय क्षमता के कारण उन्हें विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाने का अवसर मिला। विशेष रूप से नकारात्मक भूमिकाओं में उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को लंबे समय तक याद रही।

लगान, सरफरोश और गजनी जैसी फिल्मों से मिली लोकप्रियता

हिंदी सिनेमा में प्रदीप रावत ने लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।

फिल्म लगान में निभाया गया उनका किरदार आज भी दर्शकों को याद है। वहीं गजनी में उनके अभिनय को भी काफी सराहना मिली। उन्होंने अपने अभिनय के माध्यम से यह साबित किया कि सहायक और खलनायक की भूमिकाएं भी कहानी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी बनाया खास स्थान

प्रदीप रावत ने तेलुगु फिल्म ‘सई (Sye)’ से दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों में यादगार खलनायक की भूमिकाएं निभाईं।

तमिल फिल्म ‘गजनी’ (2005) में उनके डबल रोल को दर्शकों और समीक्षकों ने काफी पसंद किया। बाद में जब इस फिल्म का हिंदी रीमेक बना तो उन्होंने उसी किरदार को दोबारा निभाया।

इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म ‘पैरोडी’, मलयालम फिल्म ‘चाइना टाउन’, बंगाली फिल्म ‘हीरो 420’ और भोजपुरी फिल्म ‘क्रैक फाइटर’ जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया।

आमिर खान से जुड़ा दिलचस्प किस्सा

प्रदीप रावत के करियर से जुड़ा एक रोचक प्रसंग फिल्म ‘लगान’ से जुड़ा है।

बताया जाता है कि फिल्म सरफरोश में उनके अभिनय से अभिनेता आमिर खान काफी प्रभावित हुए थे। इसके बाद आमिर ने एक रात उनके घर के लैंडलाइन नंबर पर फोन किया। उस समय प्रदीप रावत घर पर मौजूद नहीं थे और उनकी बहन ने फोन उठाया।

जब सामने वाले ने अपना परिचय आमिर खान के रूप में दिया तो उन्होंने पहले इसे मजाक समझा और डांट दिया। बाद में लेखक उमाशंकरपाठक से बातचीत के बाद परिवार को विश्वास हुआ कि फोन वास्तव में आमिर खान का ही था। अगले दिन प्रदीप रावत आमिर खान से मिले और उन्हें फिल्म लगान के लिए अनुबंधित किया गया। इस तरह उनके करियर की एक महत्वपूर्ण फिल्म उन्हें मिली।

अभिनय शैली ने बनाई अलग पहचान

प्रदीप रावत की सबसे बड़ी विशेषता उनकी प्रभावशाली संवाद अदायगी, दमदार व्यक्तित्व और विविध भूमिकाओं को सहजता से निभाने की क्षमता थी। चाहे पौराणिक पात्र हो, खलनायक की भूमिका हो या चरित्र अभिनेता का किरदार, उन्होंने हर भूमिका को पूरी गंभीरता से निभाया।

इसी कारण वे भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने लंबे समय तक लगातार विभिन्न फिल्म उद्योगों में सक्रिय रहते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।

फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति

फिल्म समीक्षकों का मानना है कि प्रदीप रावत का निधन भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कई दशकों तक अपने अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया और अनेक यादगार किरदारों को जीवंत बनाया।

उनके योगदान को केवल फिल्मों तक सीमित नहीं माना जा सकता, बल्कि उन्होंने टेलीविजन और क्षेत्रीय सिनेमा में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

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