संभव दिवस की शिकायत पर नगर आयुक्त ओजस्वी राज का एक्शन, वार्ड 54 में पहुंचकर पेयजल व्यवस्था सुधारने के दिए सख्त निर्देश

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रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज 

मथुरा। जनशिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण को लेकर मथुरा नगर निगम लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में संभव दिवस के दौरान प्राप्त पेयजल आपूर्ति संबंधी शिकायत पर नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने मंगलवार को स्वयं वार्ड संख्या 54 के प्रताप नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने जलकल विभाग की पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को पेयजल व्यवस्था में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नगर आयुक्त का यह निरीक्षण इस बात का संकेत है कि नगर निगम नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को विस्तार से रखा, जिस पर अधिकारियों ने मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया।

क्षेत्रवासियों ने बताई पेयजल संकट की समस्या

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त महोली रोड स्थित बजरंग चौराहे पहुंचे, जहां स्थानीय पार्षद ठाकुर तेजवीर सिंह और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने उनका स्वागत करते हुए वार्ड के विभिन्न हिस्सों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी दी।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कई मोहल्लों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कुछ स्थानों पर जलापूर्ति का दबाव काफी कम है, जबकि कुछ इलाकों में नियमित आपूर्ति नहीं होने से लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय पानी की कमी अधिक महसूस की जा रही है।

नगर आयुक्त ने लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वस्त किया कि शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

विस्तृत सर्वे कराने के दिए निर्देश

जनशिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने महाप्रबंधक (जल) को पूरे क्षेत्र का विस्तृत तकनीकी सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां भी जलापूर्ति व्यवस्था में तकनीकी कमी है, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में जलापूर्ति मोटरों की क्षमता कम है, वहां आवश्यकता के अनुसार अधिक क्षमता वाली मोटरें स्थापित की जाएं। इसके साथ ही जिन इलाकों में पाइपलाइन की स्थिति संतोषजनक नहीं है या नेटवर्क का विस्तार आवश्यक है, वहां नई पाइपलाइन बिछाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र कार्य शुरू किया जाए।

नगर आयुक्त ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि वार्ड के अंतिम छोर तक रहने वाले प्रत्येक नागरिक को भी पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

समयबद्ध समाधान पर दिया जोर

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसका प्रभावी और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करना होगा। यदि किसी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

स्थायी समाधान तैयार करने पर रहेगा फोकस

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय समस्या के स्थायी समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हो तो पूरे क्षेत्र की जल वितरण प्रणाली का पुनर्मूल्यांकन किया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतें दोबारा सामने न आएं।

इसके अतिरिक्त उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी तकनीकी रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर प्रस्तुत की जाएं, ताकि आवश्यक स्वीकृतियों के बाद विकास कार्यों को शीघ्र गति मिल सके।

नागरिकों ने जताई उम्मीद

नगर आयुक्त के मौके पर पहुंचने से स्थानीय नागरिकों में सकारात्मक संदेश गया। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि अब पेयजल संकट का समाधान जल्द होगा और उन्हें नियमित जलापूर्ति मिल सकेगी।

स्थानीय लोगों का कहना था कि लंबे समय से चली आ रही समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई थी। ऐसे में नगर आयुक्त का स्वयं निरीक्षण करने पहुंचना प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। नागरिकों ने उम्मीद जताई कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का शीघ्र पालन होगा और उन्हें राहत मिलेगी।

जनशिकायतों के समाधान के प्रति नगर निगम की प्रतिबद्धता

नगर निगम प्रशासन लगातार इस दिशा में प्रयास कर रहा है कि नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो। संभव दिवस जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीधे निरीक्षण किए जाने से न केवल जवाबदेही बढ़ती है, बल्कि समस्याओं का वास्तविक आकलन भी संभव हो पाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शिकायतों का समाधान मौके पर जाकर किया जाए और तकनीकी टीमों द्वारा समय पर सर्वे किया जाए, तो पेयजल जैसी मूलभूत सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक (जल) मोहम्मद अनवर ख्वाजा, अवर अभियंता (जल) प्रतिभा ओझा, स्थानीय पार्षद ठाकुर तेजवीर सिंह, जलकल विभाग के अन्य अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

अंत में नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तैयार की जाने वाली कार्ययोजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए, ताकि वार्ड संख्या 54 सहित आसपास के क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाया जा सके। उन्होंने दोहराया कि नगर निगम नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े प्रत्येक मुद्दे के समाधान के लिए पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ कार्य करता रहेगा।

 

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