मथुरा में एथेनॉल फैक्ट्री पर छापा, 540 कुंतल सरकारी चावल बरामद; कालाबाजारी की आशंका में जांच तेज
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: उत्तर प्रदेश में सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत मथुरा जिले में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार के नेतृत्व में पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छाता-शेरगढ़ रोड स्थित एलायंज डिस्टलरी में छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान दो ट्रकों से करीब 540 कुंतल सरकारी चावल बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में चावल की कथित कालाबाजारी की आशंका जताई गई है।
प्रशासन के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष समाचार लिखे जाने तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया था। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
संयुक्त टीम ने की बड़ी सुनियोजित कार्रवाई
जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने बुधवार को एलायंज डिस्टिलरी परिसर में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्रवाई के दौरान परिसर और वहां मौजूद वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान दो ट्रकों में बड़ी मात्रा में चावल पाया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच शुरू की।
540 कुंतल सरकारी चावल हुआ बरामद
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लगभग 540 कुंतल चावल बरामद किया। प्रारंभिक जांच में कई बोरियों पर सरकारी मार्किंग होने की बात सामने आई।
अधिकारियों के अनुसार, बरामद चावल की प्रकृति और स्रोत की पुष्टि के लिए दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि चावल सरकारी वितरण प्रणाली से संबंधित है और उसका उपयोग अथवा परिवहन नियमों के विपरीत किया गया, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कालाबाजारी की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जांच के आधार पर प्रशासन ने आशंका जताई है कि एथेनॉल निर्माण के लिए आवंटित चावल को कथित रूप से अन्यत्र ले जाकर बेचने की तैयारी की जा रही थी।
हालांकि, प्रशासन ने अभी इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और सभी उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।
परिवहन दस्तावेजों की भी हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ट्रकों के परिवहन से संबंधित अभिलेख भी मांगे। प्रशासन के अनुसार, मौके पर प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की गई और उनकी वैधता का परीक्षण किया जा रहा है।
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटाए गए
संयुक्त टीम ने मौके से उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, परिवहन रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं। इसके अलावा ट्रक चालकों से पूछताछ कर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी एकत्र की गई।
जांच अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति
प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति की गई है।
हालांकि, अंतिम एफआईआर, धाराओं और आगे की कानूनी कार्रवाई का निर्णय संबंधित पुलिस और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच के आधार पर लिया जाएगा।
जिला पूर्ति अधिकारी ने क्या कहा
जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार ने कहा कि गरीबों के लिए निर्धारित सरकारी राशन की कालाबाज़ारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा,
“गरीबों के हिस्से के सरकारी राशन की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
इसके साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी सरकारी राशन की अवैध खरीद-फरोख्त, भंडारण या परिवहन की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल खाद्य एवं रसद विभाग या जिला प्रशासन को दें।
सरकारी खाद्यान्न की निगरानी पर विशेष जोर
राज्य सरकार समय-समय पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित खाद्यान्न की निगरानी के लिए विशेष अभियान चलाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीब और पात्र लाभार्थियों के लिए आवंटित खाद्यान्न का दुरुपयोग न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और संयुक्त कार्रवाई से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है।
जांच पूरी होने के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल पूरा मामला प्रारंभिक जांच के चरण में है। जांच एजेंसियां दस्तावेजों, बरामद चावल, परिवहन रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही हैं।
यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यदि जांच में अलग तथ्य सामने आते हैं, तो उसी के अनुरूप आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मथुरा के छाता-शेरगढ़ रोड स्थित एलायंज डिस्टलरी में संयुक्त टीम की छापेमारी के दौरान लगभग 540 कुंतल सरकारी चावल बरामद होने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में कालाबाजारी की आशंका जताई गई है और संबंधित कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति की गई है।
हालांकि, पूरे मामले की अंतिम स्थिति विस्तृत जांच और आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी खाद्यान्न के दुरुपयोग के मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

