फतेहपुर में 50 हजार रुपये रिश्वत लेते कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोचा
रिपोर्ट-राम चन्द्र सैनी
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) प्रयागराज मंडल की टीम ने विकास खंड हथगांव में तैनात एक कंप्यूटर ऑपरेटर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई सोमवार को सुनियोजित ट्रैप अभियान के तहत की गई। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली, पहले से मौजूद टीम ने उसे तत्काल पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद विकास खंड कार्यालय में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा।
यह कार्रवाई प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बनाए रखने और रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
ग्राम प्रधान की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत सुरजीपुर के ग्राम प्रधान संतोष कुमार, निवासी नईपुर, ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत सुरजीपुर के राजस्व ग्राम सुरजीपुर में कराए गए नाली एवं सड़क निर्माण कार्यों के भुगतान को जारी कराने के लिए विकास खंड कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर हफीजुर्रहमान द्वारा 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायतकर्ता का कहना था कि बिना रिश्वत दिए निर्माण कार्यों की धनराशि का भुगतान नहीं किया जा रहा था। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी भ्रष्टाचार निवारण संगठन को उपलब्ध कराई और विधिक कार्रवाई की मांग की।
31 जुलाई को दर्ज हुई थी शिकायत
शिकायतकर्ता ने 31 जुलाई 2026 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन, थाना/इकाई प्रयागराज में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद संगठन ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद तथ्यों का सत्यापन कराया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं या नहीं।
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान शिकायत में किए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद अधिकारियों ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए विशेष ट्रैप अभियान चलाने का निर्णय लिया।
13 सदस्यीय टीम ने बनाई रणनीति
भ्रष्टाचार निवारण संगठन प्रयागराज मंडल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 13 सदस्यीय विशेष ट्रैप टीम का गठन किया। टीम ने पूरे घटनाक्रम की योजना पहले से तैयार की और शिकायतकर्ता को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आरोपी से संपर्क करने के निर्देश दिए।
इसके बाद 3 अगस्त 2026 को विकास खंड हथगांव कार्यालय में पूरी योजना के तहत कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता तय समय पर रिश्वत की राशि लेकर आरोपी के पास पहुंचा। जैसे ही कंप्यूटर ऑपरेटर ने 50 हजार रुपये स्वीकार किए, टीम ने तत्काल उसे पकड़ लिया।
आरोपी की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हफीजुर्रहमान पुत्र शकील अहमद के रूप में हुई है। वह ग्राम हसनपुर, पोस्ट रेवाड़ी, थाना कल्याणपुर, जनपद फतेहपुर का निवासी बताया गया है। उसकी उम्र लगभग 38 वर्ष है और वह विकास खंड हथगांव में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था।
गिरफ्तारी के बाद टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की। इसके साथ ही रिश्वत में प्रयुक्त धनराशि और अन्य आवश्यक साक्ष्यों को भी नियमानुसार सुरक्षित किया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
भ्रष्टाचार निवारण संगठन द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, आरोपी के खिलाफ थाना खागा, जनपद फतेहपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इसके बाद विधिक प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच जारी रहेगी और यदि जांच के दौरान अन्य पहलू सामने आते हैं तो उन्हें भी विधिक प्रक्रिया के अनुसार शामिल किया जाएगा।
सरकारी कार्यालयों में मचा हड़कंप
कार्रवाई की सूचना मिलते ही विकास खंड हथगांव कार्यालय में कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हलचल बढ़ गई। पूरे परिसर में इस घटना की चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, किसी अन्य कर्मचारी की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियां केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
शिकायत मिलने पर तुरंत करें सूचना
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी सूचना तत्काल संगठन को दें। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर पहले उसका सत्यापन किया जाता है और आरोप सही पाए जाने पर विधिक प्रक्रिया के अनुसार ट्रैप कार्रवाई की जाती है।
संगठन का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और आम नागरिकों को बिना किसी अवैध मांग के सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है।
जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए संगठन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं—
- भ्रष्टाचार निवारण संगठन, प्रयागराज मंडल: 9454402490
- मुख्यालय कंट्रोल रूम, लखनऊ: 9454402484
इन नंबरों पर नागरिक रिश्वत मांगने या अन्य भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को मजबूत करती है, बल्कि सरकारी तंत्र में जवाबदेही भी बढ़ाती है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही आम नागरिकों से भी अपेक्षा की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध मांग को स्वीकार करने के बजाय संबंधित एजेंसियों को सूचित करें। इससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी।
इस कार्रवाई के बाद फतेहपुर जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में सतर्कता बढ़ी है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में भ्रष्टाचार के मामलों की निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जाएगी, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी अवैध बाधा के पहुंच सके।

