सावन के पहले सोमवार पर अमरोहा के शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गंगाजल से हुआ भव्य जलाभिषेक
रिपोर्ट – इकबाल अंसारी
अमरोहा: सावन माह का पहला सोमवार भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद में स्थित प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने हरिद्वार और बृजघाट से लाए गए पवित्र गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और विश्व कल्याण की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए। मंदिरों के आसपास पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखी गई, जिससे जलाभिषेक का कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होता रहा।
सुबह से ही मंदिरों में लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें
सावन के पहले सोमवार को अमरोहा के विभिन्न शिवालयों में तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। विशेष रूप से श्री वासुदेव तीर्थ मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में शिवभक्त दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे।
श्रद्धालु अपने साथ गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भस्म, चंदन, फल और अन्य पूजन सामग्री लेकर मंदिर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने भगवान शिव का विधिवत अभिषेक कर परिवार की खुशहाली और समाज में सुख-शांति की प्रार्थना की।
हरिद्वार और बृजघाट से गंगाजल लाकर किया जलाभिषेक
सावन के पहले सोमवार के अवसर पर बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार और बृजघाट से पवित्र गंगाजल लेकर अमरोहा पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह देखने को मिला। वहीं, कई श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। पूरे दिन शिवालयों में पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का क्रम लगातार जारी रहा।
भक्ति के रंग में रंगा पूरा शहर
सावन के पहले सोमवार पर अमरोहा का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय दिखाई दिया। मंदिर परिसरों में भजन-कीर्तन, शिव स्तुति और वैदिक मंत्रोच्चार से श्रद्धालु आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करते रहे।
इसके साथ ही, “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
विद्यानंद शास्त्री जी महाराज ने बताया धार्मिक महत्व
धार्मिक प्रवचन के दौरान विद्यानंद शास्त्री जी महाराज ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस माह में श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और शिव पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा व्यक्ति के जीवन में आत्मिक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश अपनाने की अपील की।
श्याम दास पंडित जी ने बताया जलाभिषेक का महत्व
श्याम दास पंडित जी ने बताया कि सावन के सोमवार को भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करने की परंपरा सदियों पुरानी है। उनके अनुसार श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करती है और धार्मिक मूल्यों के प्रति आस्था को मजबूत बनाती है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संयम, सेवा और सद्भाव का संदेश भी देती है।
सुरक्षा व्यवस्था रही पूरी तरह मुस्तैद
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। मंदिरों के प्रवेश और निकास मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा। साथ ही, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई।
पूरे मंदिर परिसर और कांवड़ यात्रा मार्ग की निगरानी सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन कैमरों के माध्यम से की गई। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई और किसी भी संभावित अव्यवस्था से बचाव सुनिश्चित किया गया।
यातायात व्यवस्था भी रही सुचारु
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था में भी आवश्यक बदलाव किए गए। प्रमुख मार्गों पर पुलिस और यातायात कर्मी लगातार तैनात रहे, जिससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा, पार्किंग स्थलों पर भी पर्याप्त व्यवस्था की गई ताकि वाहनों का संचालन व्यवस्थित बना रहे।
श्रद्धालुओं ने की सुख-समृद्धि की कामना
जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से परिवार की खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य, समाज में शांति और देश की उन्नति की प्रार्थना की। कई श्रद्धालुओं ने पूरे सावन माह नियमित रूप से शिव पूजा और व्रत करने का संकल्प भी लिया।
मंदिरों में दिनभर पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं ने अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी बारी का इंतजार किया, जिससे व्यवस्था सुचारू बनी रही।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से किया सहयोग की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मंदिर परिसर में निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करें तथा सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का सहयोग करें। अधिकारियों ने बताया कि पूरे आयोजन के दौरान स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण रही तथा सभी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी गई।
आस्था और अनुशासन का दिखा सुंदर संगम
सावन के पहले सोमवार पर अमरोहा में आस्था, श्रद्धा और अनुशासन का सुंदर संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर धार्मिक परंपराओं का पालन किया। वहीं, प्रशासन और पुलिस की सतर्कता के कारण पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होता रहा।
धार्मिक आस्था, सामाजिक सौहार्द और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच आयोजित यह जलाभिषेक कार्यक्रम अमरोहा के लिए श्रद्धा और व्यवस्था का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया।

