कानपुर में रक्तदान शिविर: पुलिसकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया रक्तदान, 18 यूनिट रक्त संग्रहित

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी

कानपुर: समाज में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के उद्देश्य से कानपुर पुलिस कमिश्नरेट थैलेसीमिया समिति तथा आरोग्यधाम, ग्वालटोली के संयुक्त तत्वावधान में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में पुलिसकर्मियों, चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा 18 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “रक्तदान महादान है” और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक यूनिट रक्त कई गंभीर मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रक्तदान कर हुआ शिविर का शुभारंभ

रक्तदान शिविर का शुभारंभ ग्वालटोली थाना प्रभारी रवि कुमार ने स्वयं रक्तदान कर किया। उनके साथ आरोग्यधाम के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. हेमंत मोहन तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती मोहन ने भी रक्तदान कर लोगों को प्रेरित किया।

आयोजकों का कहना था कि जब समाज के जिम्मेदार लोग स्वयं रक्तदान करते हैं, तो इससे आम नागरिकों में भी सकारात्मक संदेश जाता है और अधिक लोग इस पुण्य कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित होते हैं।

पुलिसकर्मियों और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी

शिविर में कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के कई पुलिसकर्मियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इसके साथ ही थैलेसीमिया समिति के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

आयोजकों ने बताया कि समाज में नियमित रक्तदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए ऐसे शिविर समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं, ताकि अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

थैलेसीमिया मरीजों के लिए रक्तदान का महत्व

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि थैलेसीमिया के मरीजों को नियमित अंतराल पर रक्त की आवश्यकता होती है।

ऐसे में यदि समाज के अधिक से अधिक स्वस्थ लोग नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करें, तो इन मरीजों के उपचार में काफी सहायता मिल सकती है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि रक्तदान को केवल आपातकालीन स्थिति तक सीमित न रखें, बल्कि इसे सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं।

चिकित्सकों ने दी स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी

आरोग्यधाम के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. हेमंत मोहन ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित होता है और इससे शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने बताया कि शरीर कुछ ही समय में रक्त की कमी की भरपाई कर देता है।

उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान से समाज के साथ-साथ स्वयं रक्तदाता को भी स्वास्थ्य जांच का लाभ मिलता है और रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ती है।

किन लोगों को रक्तदान नहीं करना चाहिए?

कार्यक्रम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती मोहन ने रक्तदान से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को रक्तदान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा गंभीर किडनी रोग, गंभीर लिवर संबंधी बीमारी या ऐसी स्वास्थ्य स्थितियों से जूझ रहे व्यक्तियों को रक्तदान से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि रक्तदान हमेशा निर्धारित स्वास्थ्य मानकों और चिकित्सकीय जांच के बाद ही किया जाना चाहिए, ताकि रक्तदाता और रक्त प्राप्त करने वाले दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

“एक यूनिट रक्त, कई जीवन बचाने में सहायक”

डॉ. हेमंत मोहन और डॉ. आरती मोहन ने संयुक्त रूप से कहा कि एक यूनिट रक्त को विभिन्न रक्त अवयवों (कम्पोनेंट्स) में विभाजित कर जरूरतमंद मरीजों के उपचार में उपयोग किया जा सकता है। इस कारण एक रक्तदान से एक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सकता है।

उन्होंने लोगों से नियमित अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि यह मानवता की सेवा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है।

अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का आह्वान

शिविर के दौरान डॉ. हेमंत मोहन ने थाना प्रभारी रवि कुमार से आग्रह किया कि भविष्य में भी अधिक से अधिक पुलिसकर्मियों को स्वैच्छिक रक्तदान अभियान से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि पुलिस बल समाज की सेवा में हमेशा अग्रणी रहता है और रक्तदान जैसे अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनती है।

कई लोगों ने दिया सहयोग

रक्तदान शिविर को सफल बनाने में थैलेसीमिया समिति के सदस्यों और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कार्यक्रम में संतोष कुमार तिवारी, जय परवानी, असीम सक्सेना, प्रिया शर्मा, श्रुति शर्मा, संध्या यादव, राहुल शर्मा, अमित मिश्रा सहित अनेक लोगों ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया।

आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों, पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।

सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश

रक्तदान शिविर ने यह संदेश दिया कि समाज के प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति की छोटी-सी पहल किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान बन सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से अस्पतालों में रक्त की कमी को दूर करने में मदद मिलती है और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।

कानपुर के आरोग्यधाम, ग्वालटोली में आयोजित इस रक्तदान शिविर ने समाज में मानव सेवा, सहयोग और जागरूकता का सकारात्मक संदेश दिया। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट थैलेसीमिया समिति और आरोग्यधाम के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस शिविर में 18 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के उपचार में उपयोगी होगा।

आयोजकों ने नागरिकों से अपील की कि यदि वे स्वास्थ्य मानकों के अनुसार पात्र हैं, तो नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करें और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

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