कानपुर में विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, नर्सिंग स्टाफ को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

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रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा 

कानपुर: विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 के अवसर पर बाल रोग अकादमी कानपुर द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम हैलेट अस्पताल के बाल रोग विभाग सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को स्तनपान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रसव के बाद माताओं को स्तनपान के लिए प्रोत्साहित करने, स्तनपान से जुड़ी व्यवहारिक समस्याओं के समाधान और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को मजबूत करना रहा।

65 नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ ने लिया प्रशिक्षण

इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 65 नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने सहभागिता की। प्रशिक्षण सत्र के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को बताया गया कि प्रसव के बाद शुरुआती समय में मां और बच्चे के लिए स्तनपान कितना महत्वपूर्ण होता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि नवजात शिशु के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए मां का दूध सबसे प्राकृतिक और आवश्यक आहार है। इसलिए स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी है कि वे माताओं को सही जानकारी देकर स्तनपान के लिए प्रेरित करें।

इसके अलावा, प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि कई बार माताओं को स्तनपान कराने में तकनीकी और व्यवहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में उचित सलाह और सहयोग देकर इन समस्याओं को दूर किया जा सकता है।

स्तनपान से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्तनपान के दौरान आने वाली कई सामान्य समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।

इनमें इनवर्टेड निप्पल, निप्पल में दर्द, दूध की कमी महसूस होना और नवजात शिशु का सही तरीके से दूध न पी पाना जैसी समस्याएं शामिल रहीं।

स्वास्थ्यकर्मियों को इन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान बताए गए, ताकि वे प्रसव के बाद माताओं की बेहतर सहायता कर सकें।

विशेषज्ञों ने कहा कि कई बार सही जानकारी के अभाव में माताएं स्तनपान को लेकर चिंतित हो जाती हैं। ऐसे में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

स्तनपान के लाभों को पोस्टर के माध्यम से बताया

कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने पोस्टर के माध्यम से स्तनपान के महत्व को भी प्रदर्शित किया।

पोस्टर में बताया गया कि स्तनपान से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और उसे कई संक्रमणों से बचाव में मदद मिलती है।

इसके साथ ही, मां का दूध बच्चे के बेहतर मानसिक और शारीरिक विकास में सहायक होता है। स्तनपान केवल पोषण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मां और बच्चे के बीच भावनात्मक संबंध को भी मजबूत करता है।

नर्सिंग स्टाफ ने अपने पोस्टर के माध्यम से समाज में स्तनपान को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

विशेषज्ञों ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारियां

कार्यक्रम का संचालन डॉ. राहुल सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण सत्र को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाते हुए स्तनपान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

इस अवसर पर डॉ. आरपी सिंह ने स्तनपान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सही समय पर और सही तरीके से कराया गया स्तनपान नवजात शिशु के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।

उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि वे माताओं को वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराएं और स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने में सहयोग करें।

बाल रोग अकादमी ने बताया जागरूकता का महत्वपूर्ण प्रयास

कार्यक्रम में बाल रोग अकादमी कानपुर के सचिव एवं विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र गौतम सहित कई विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित रहे।

इस दौरान डॉ. अरुण आर्य, डॉ. यशवंत राव, डॉ. अमितेश यादव और डॉ. प्रशांत सहित अन्य चिकित्सकों ने भी सहभागिता की।

बाल रोग विशेषज्ञों ने कहा कि विश्व स्तनपान सप्ताह जैसे आयोजन समाज में सही स्वास्थ्य जानकारी पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए माताओं और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होता है।

भ्रांतियों को दूर करने की दिशा में पहल

स्तनपान को लेकर समाज में कई बार विभिन्न प्रकार की भ्रांतियां देखने को मिलती हैं। इन भ्रांतियों के कारण कुछ माताएं स्तनपान से जुड़ी परेशानियों का सामना करती हैं।

बाल रोग अकादमी कानपुर द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इन्हीं भ्रांतियों को दूर करने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्वास्थ्यकर्मी सही जानकारी के साथ माताओं का सहयोग करें तो स्तनपान की दर को बढ़ाया जा सकता है और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार लाया जा सकता है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने की पहल

विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास रहा।

इस पहल के माध्यम से नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया, जिससे वे भविष्य में अधिक प्रभावी तरीके से माताओं की सहायता कर सकें।

बाल रोग अकादमी कानपुर का यह प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ समाज में स्तनपान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक साबित होगा।

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