कानपुर में शहीद विलायती राम कत्याल स्मारक के सुंदरीकरण में देरी पर नाराजगी, नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: शहर के अमर शहीद विलायती राम कत्याल की प्रतिमा एवं पार्क के सुंदरीकरण में हो रही देरी को लेकर सामाजिक संगठनों और स्मारक समिति के सदस्यों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। समिति का आरोप है कि स्मारक स्थल के विकास और रखरखाव के लिए सांसद की ओर से नगर निगम को भेजे गए अनुरोध पत्र पर तीन माह बीत जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहीद की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच और शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

समिति का कहना है कि अमर शहीदों के स्मारकों का संरक्षण केवल ऐतिहासिक धरोहर की रक्षा ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देने का भी माध्यम है। ऐसे में विकास कार्यों में देरी को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता देखी जा रही है।

सांसद के अनुरोध पत्र पर कार्रवाई न होने का आरोप

स्मारक समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, पार्क के सुंदरीकरण, रेलिंग की मरम्मत, रंगाई-पुताई, नामकरण शिला के संरक्षण तथा छतरी के जीर्णोद्धार के संबंध में सांसद द्वारा नगर निगम आयुक्त को पत्र भेजा गया था। समिति का दावा है कि यह पत्र लगभग तीन माह पहले भेजा गया था, लेकिन अब तक प्रस्तावित कार्य शुरू नहीं हो सके।

समिति के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित पत्र समय पर आगे नहीं बढ़ाया गया, जिससे विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब हुआ। हालांकि, इन आरोपों पर नगर निगम की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उठी कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर अनुचर सेवा संस्थान एवं अमर शहीद विलायती राम कत्याल स्मारक समिति की ओर से शहीद की प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर और पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद को नमन किया।

समिति की संरक्षक श्रीमती आशा फेरवानी ने परिवार के सदस्यों के साथ प्रतिमा का गंगाजल से अभिषेक कर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि स्मारक का संरक्षण समाज और प्रशासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है तथा इस दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाने चाहिए।

नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों द्वारा भेजे गए अनुरोधों पर समयबद्ध कार्रवाई हो, तो सार्वजनिक स्थलों के विकास कार्यों में तेजी लाई जा सकती है।

समिति ने यह भी कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित विषय को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। इस संबंध में नगर विकास विभाग के समक्ष भी अपनी बात रखने की तैयारी की जा रही है।

डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग

समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही हुई है, तो उसकी समीक्षा की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि सरकारी विभागों में प्राप्त होने वाले जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के पत्रों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित होना चाहिए। इससे प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।

शहीदों के स्मारकों के संरक्षण पर दिया गया जोर

कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम और देश सेवा में योगदान देने वाले शहीदों की स्मृतियों को संरक्षित रखना समाज का दायित्व है। स्मारकों की नियमित देखभाल, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण से आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से जुड़ने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्मारक केवल एक प्रतिमा नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्र की सामूहिक स्मृति और प्रेरणा के प्रतीक हैं।

प्रतिनिधिमंडल लखनऊ जाने की तैयारी में

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि नगर निगम स्तर पर आवश्यक कार्रवाई नहीं होती है, तो एक प्रतिनिधिमंडल नगर विकास मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत कराएगा। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों के समक्ष भी स्मारक के सुंदरीकरण और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे रखे जाएंगे।

उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएगा।

कई सामाजिक कार्यकर्ता रहे उपस्थित

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में रमेश सिहवानी, सतीश रोचलानी, दीपक अशवानी, मनोज त्रिवेदी, विमला चौहान, सावित्री पासवान, सिम्पल चौहान, गीता दीक्षित, शशि श्रीवास्तव, रुबी गुप्ता, प्रतिभा गुप्ता (एडवोकेट), रंजना सेंगर, आकांक्षा यादव सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सभी ने शहीद विलायती राम कत्याल के योगदान को याद करते हुए स्मारक के संरक्षण और विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की।

कानपुर में अमर शहीद विलायती राम कत्याल स्मारक के सुंदरीकरण में कथित देरी को लेकर सामाजिक संगठनों और स्मारक समिति ने चिंता व्यक्त की है। समिति का कहना है कि स्मारक के विकास से जुड़े अनुरोधों पर समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि शहीदों की स्मृतियों का सम्मान और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। वहीं, नगर निगम की ओर से इस विषय पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि संबंधित विभाग शीघ्र कार्रवाई करता है, तो यह न केवल स्मारक के संरक्षण में सहायक होगा बल्कि जनविश्वास को भी मजबूत करेगा।