हरदोई समाधान दिवस: पानी के लिए भटके फरियादी, शाहाबाद तहसील में बंद पड़ा RO प्लांट बना चर्चा का विषय

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रिपोर्ट – गुलफाम खान 

हरदोई: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। इस पहल के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है, जिससे लोगों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जा सके। हालांकि, हरदोई जिले की शाहाबाद तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान एक ऐसी स्थिति सामने आई, जिसने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।

बताया गया कि अपनी शिकायत लेकर दूर-दराज के गांवों से पहुंचे कई फरियादियों को भीषण गर्मी में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं मिल सकी। वहीं तहसील परिसर में लगा आरओ (RO) प्लांट लंबे समय से बंद होने की बात भी सामने आई। इस कारण कई लोगों को पानी की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ा। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पेयजल व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

समाधान दिवस में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादी

शनिवार को शाहाबाद तहसील मुख्यालय में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने नागरिकों से प्राप्त शिकायतों को सुना।

सुबह से ही क्षेत्र के कई गांवों से लोग अपनी समस्याएं लेकर तहसील पहुंचे। इनमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक योजनाओं से जुड़ी शिकायतें और अन्य प्रशासनिक समस्याएं प्रमुख रूप से शामिल थीं। बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण भी कार्यक्रम में पहुंचे थे।

पेयजल व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

कार्यक्रम के दौरान सबसे अधिक चर्चा पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर हुई। कई फरियादियों ने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद परिसर में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, तहसील परिसर में स्थापित आरओ प्लांट काफी समय से बंद पड़ा है। यदि यह संचालित होता, तो दूर-दराज से आए लोगों को राहत मिल सकती थी। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि गर्म मौसम में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध होना आवश्यक है।

बंद पड़ा RO प्लांट बना चर्चा का विषय

तहसील परिसर में स्थापित आरओ प्लांट नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाया गया था। हालांकि, स्थानीय स्तर पर यह दावा किया गया कि यह प्लांट कई महीनों से बंद है।

यदि यह जानकारी सही है, तो नियमित रखरखाव और संचालन की व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं। समाधान दिवस जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति को देखते हुए ऐसी मूलभूत सुविधाओं का उपलब्ध होना आवश्यक माना जाता है।

समाधान दिवस का उद्देश्य

संपूर्ण समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण करना है। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहते हैं ताकि लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

इसके साथ ही कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। इसलिए आयोजन के दौरान मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

नागरिकों की क्या रही प्रतिक्रिया?

कुछ फरियादियों ने बताया कि वे सुबह से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान गर्मी अधिक होने के कारण उन्हें पेयजल की आवश्यकता महसूस हुई, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था न मिलने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।

हालांकि, कई लोगों ने यह भी कहा कि उनकी शिकायतें अधिकारियों द्वारा सुनी गईं और संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में समाधान दिवस के दौरान पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

प्रशासन से अपेक्षा

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि समाधान दिवस जैसे कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और बुजुर्ग पहुंचते हैं। इसलिए पेयजल, छाया, प्राथमिक चिकित्सा और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए।

यदि किसी स्थान पर आरओ प्लांट या अन्य सार्वजनिक सुविधाएं खराब हैं, तो उनका समय रहते रखरखाव कराया जाना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

बेहतर व्यवस्थाओं से बढ़ेगा लोगों का विश्वास

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक कार्यक्रमों की सफलता केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं होती, बल्कि नागरिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

जब लोगों को आवश्यक सुविधाएं आसानी से मिलती हैं, तो प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और सहभागिता भी बढ़ती है। इसलिए समाधान दिवस जैसे आयोजनों में आधारभूत व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

हरदोई की शाहाबाद तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान फरियादियों को पेयजल व्यवस्था को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। तहसील परिसर में आरओ प्लांट बंद होने की बात भी सामने आई, जिससे लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। हालांकि अधिकारियों ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं, लेकिन इस घटना ने यह संकेत दिया कि ऐसे आयोजनों में शिकायत निस्तारण के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। यदि भविष्य में इन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, तो समाधान दिवस का उद्देश्य और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।

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