उद्वघाटन के कुछ ही दिनों बाद लखनऊ-एक्सप्रेसवे का मरम्मत, एनएचएआई अधिकारी दे रहे हैं यह तर्क

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Digital UP News Desk

लखनऊ: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक्सप्रेसवे की सड़क की मरम्मत होती हुई दिखाई दे रही थी। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई।

हालांकि, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों ने इन सवालों पर सफाई देते हुए कहा है कि एक्सप्रेसवे पर किया जा रहा काम किसी बड़ी खराबी के कारण नहीं, बल्कि सुरक्षा और बेहतर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह नियमित रखरखाव प्रक्रिया का हिस्सा है।

एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में मरम्मत कार्य शुरू होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि जिस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हाल ही में हुआ है, वहां इतनी जल्दी मरम्मत की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।

इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और NHAI को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे की पूरी संरचना की जांच की जा रही है और जहां भी आवश्यकता महसूस हो रही है, वहां सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं।

NHAI ने बताया- एहतियाती कदम के तहत हो रहा काम

NHAI के यूपी ईस्ट रीजनल ऑफिस के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के 63 किलोमीटर लंबे हिस्से का व्यापक निरीक्षण करने के निर्देश संबंधित निजी निर्माण कंपनी को दिए गए हैं। इस निरीक्षण के दौरान सड़क की ऊपरी परत, गुणवत्ता और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अभी तक एक्सप्रेसवे के बेस, स्ट्रक्चर या मुख्य निर्माण ढांचे में किसी तरह की गंभीर कमी नहीं मिली है। केवल सड़क की ऊपरी परत की समीक्षा की जा रही है और जहां जरूरत महसूस हो रही है, वहां मरम्मत का काम कराया जा रहा है।

उन्नाव एंट्री पॉइंट के पास सामने आया था पहला मामला

जानकारी के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क की सतह से जुड़ी समस्या का पहला मामला 27 जुलाई को सामने आया था। यह हिस्सा उन्नाव एंट्री पॉइंट के पास कानपुर से लखनऊ जाने वाले कैरिजवे पर था।

इसके बाद उसी मार्ग पर लगभग 22 किलोमीटर आगे एक अन्य हिस्से में भी रखरखाव का काम शुरू किया गया। NHAI अधिकारियों का कहना है कि दूसरे स्थान पर किया जा रहा कार्य पूरी तरह से रूटीन मेंटेनेंस का हिस्सा है।

अधिकारियों के अनुसार, सड़क की समय-समय पर जांच और रखरखाव करना किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का सामान्य हिस्सा होता है। इससे सड़क की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

उद्घाटन के बाद ही उठे थे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को किया गया था। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे थे।

यह 63 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे है, जिसे लखनऊ और कानपुर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि यात्रा का समय कम होगा और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।

हालांकि, उद्घाटन के कुछ समय बाद ही सड़क के कुछ हिस्सों में मरम्मत कार्य दिखाई देने के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

तकनीकी जांच में बड़ी खामी नहीं मिली: NHAI

NHAI अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी निरीक्षण में एक्सप्रेसवे के मुख्य ढांचे में कोई बड़ी कमी नहीं मिली है। केवल सड़क की ऊपरी सतह को लेकर समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के बाद शुरुआती समय में भी कई बार मौसम, यातायात दबाव और अन्य परिस्थितियों के कारण सतह पर छोटे स्तर के सुधार की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए समय रहते मरम्मत करना यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी होता है।

इसके अलावा, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण एजेंसी को पूरे प्रोजेक्ट की जांच करने और आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए खोलने से पहले ही इस तरह की जांच और रखरखाव किया जाना चाहिए था।

उन्नाव के पुरवा क्षेत्र के निवासी रामनारायण कनौजिया ने कहा कि यदि सड़क के किसी हिस्से में सुधार की आवश्यकता थी तो उसे यातायात शुरू होने से पहले ही पूरा किया जाना चाहिए था।

हालांकि, NHAI का कहना है कि सड़क परियोजनाओं में नियमित निरीक्षण और रखरखाव एक सामान्य प्रक्रिया है और इसे गुणवत्ता में कमी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

यात्रियों की सुरक्षा पर जोर

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर लोगों की रुचि स्वाभाविक है।

NHAI ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तकनीकी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इसके लिए लगातार निरीक्षण और आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं।

एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य को लेकर उठे सवाल

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य को लेकर उठे सवालों के बीच NHAI ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे नियमित रखरखाव और सुरक्षा उपाय बताया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हुई है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि तकनीकी निरीक्षण के बाद NHAI और निर्माण एजेंसी की ओर से क्या रिपोर्ट सामने आती है। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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