कानपुर में भी मनाया गया डॉक्टर डे – डॉ. हेमंत मोहन सहित वरिष्ठ चिकित्सकों को पंडित दीनदयाल सेवा पुरस्कार से किया सम्मानित
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: डॉक्टर डे के अवसर पर मानवता और सेवा भाव के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान पर्यावरण सुरक्षा संस्थान, आरोग्यधाम एवं एच.एन. मिश्रा एजुकेशन सेंटर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया।
इस अवसर पर गरीबों की निःस्वार्थ सेवा करने वाले डॉ. हेमंत मोहन, डॉ. आरती मोहन तथा कानपुर के वरिष्ठतम चिकित्सक डॉ. हरिराम अग्रवाल को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सेवा भाव के लिए चिकित्सकों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि डॉक्टर समाज का वह आधार हैं, जो न केवल उपचार करते हैं बल्कि मानवता की सेवा भी करते हैं। इसके अलावा, सम्मानित चिकित्सकों को तुलसी पौधा, प्रशस्ति पत्र एवं राधा-कृष्ण का दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान यह भी बताया गया कि यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष उन चिकित्सकों को दिया जाता है, जो गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
संस्था की पहल और उद्देश्य
पर्यावरण सुरक्षा संस्थान एवं आरोग्यधाम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सेवा भाव को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले डॉक्टरों को प्रोत्साहित करना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के सम्मान समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और अन्य लोगों को भी सेवा कार्य के लिए प्रेरित करते हैं।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर अतुल गुप्ता, अनूप चौधरी धानुक, अरविंद त्रिपाठी, मनीष बाजपेई एवं उमा मोहन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा, सभी ने सम्मानित चिकित्सकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सेवा और मानवता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि “नर सेवा ही नारायण सेवा” है। डॉक्टरों द्वारा की जा रही सेवा न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान देती है, बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों को भी मजबूत करती है।
इसके साथ ही, उपस्थित लोगों ने गंगा माता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूकता का संदेश दिया।
कुल मिलाकर, कानपुर में डॉक्टर डे के अवसर पर आयोजित यह सम्मान समारोह चिकित्सा क्षेत्र में सेवा और समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करने वाला रहा। वरिष्ठ चिकित्सकों को मिला यह सम्मान समाज में उनके योगदान को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।

