जानिए क्यों अमरोहा कोतवाली पहुंचे दर्जनों भाजपा नेता – रातभर काटा था हंगामा – सुबह भी रही चर्चा – पढ़िए सिर्फ एक क्लिक में

6951afc5-edc4-454f-8533-c2895712ced5

रिपोर्ट – इकबाल अंसारी 

अमरोहा: अमरोहा नगर कोतवाली परिसर में शुक्रवार देर रात उस समय हलचल बढ़ गई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के जिला संयोजक मनीष कुमार दक्ष और पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक दरोगा एवं सिपाही पर कथित बदसलूकी का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। यह धरना आधी रात के बाद शुरू हुआ और लगभग सुबह चार बजे तक चला। बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष के हस्तक्षेप और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

घटना के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया। अंततः भाजपा नेताओं ने कोतवाली प्रभारी को लिखित तहरीर सौंपते हुए मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

आधी रात को शुरू हुआ धरना

जानकारी के अनुसार, भाजपा आईटी सेल के जिला संयोजक मनीष कुमार दक्ष अपने समर्थकों के साथ नगर कोतवाली पहुंचे। उनका आरोप था कि कोतवाली में तैनात एक दरोगा और एक सिपाही ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस आरोप के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोतवाली परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।

धरने में मौजूद कार्यकर्ताओं ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और निलंबन की मांग की। इसके चलते देर रात तक कोतवाली परिसर में लोगों की आवाजाही बनी रही।

पुलिस अधिकारियों ने शुरू की वार्ता

धरने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच नियमानुसार की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनुचित व्यवहार पाया गया तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, बातचीत के शुरुआती दौर में प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और कार्रवाई की मांग दोहराते रहे।

कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

धरने के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।

प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और पुलिस अधिकारियों ने भी पूरे समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कीं।

भाजपा जिलाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद बनी सहमति

काफी देर तक चली बातचीत के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष उदयगिरि गोस्वामी से फोन पर चर्चा हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस प्रशासन के बीच सहमति बनी। भाजपा नेताओं ने अपनी शिकायत को लिखित रूप में कोतवाल को सौंपा और मामले की जांच की मांग की।

इसके बाद सुबह लगभग चार बजे धरना समाप्त कर सभी कार्यकर्ता शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौट गए।

लिखित तहरीर में क्या की गई मांग?

भाजपा आईटी सेल के जिला संयोजक मनीष कुमार दक्ष ने कोतवाल को दी गई लिखित तहरीर में संबंधित दरोगा और सिपाही के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

फिलहाल पुलिस प्रशासन ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।

पुलिस की ओर से जांच की प्रक्रिया

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी शिकायत की जांच उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाती है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनुचित आचरण सामने आता है, तो विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।

लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज कराया गया विरोध

राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन के समक्ष रखना भारतीय लोकतंत्र की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इस मामले में भी प्रदर्शनकारियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की।

वहीं, पुलिस प्रशासन ने भी वार्ता के माध्यम से स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने का प्रयास किया।

कानून-व्यवस्था रही सामान्य

धरने के दौरान पुलिस बल को सतर्क रखा गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या सामने नहीं आई।

कोतवाली परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए अधिकारियों ने दोनों पक्षों से संवाद जारी रखा।

पढ़िए अब आगे क्या होगा?

अब यह मामला पुलिस विभाग की जांच प्रक्रिया के अधीन है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

अमरोहा नगर कोतवाली में भाजपा आईटी सेल के जिला संयोजक मनीष कुमार दक्ष और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक दरोगा एवं सिपाही पर कथित बदसलूकी का आरोप लगाते हुए देर रात धरना दिया। करीब चार घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष के हस्तक्षेप और पुलिस अधिकारियों से वार्ता के उपरांत प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कोतवाल को लिखित तहरीर सौंपकर निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

You may have missed