कानपुर पुलिस का “साइबर संवाद”: वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए किया जागरूक
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त कार्यालय स्थित सभागार में वरिष्ठ नागरिकों के लिए “साइबर संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बुजुर्गों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट कानपुर नगर श्री रघुबीर लाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सावधानी ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को सलाह दी कि किसी भी संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज, ई-मेल या लिंक पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करें। इसके अलावा अपनी निजी जानकारी, बैंक संबंधी विवरण, ओटीपी और पासवर्ड किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों को डराकर या लालच देकर अपनी जालसाजी का शिकार बनाने का प्रयास करते हैं, इसलिए हर नागरिक को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
साइबर अपराधों के नए तरीकों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस की ओर से साइबर जागरूकता से संबंधित एक शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इस फिल्म के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और उनसे बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
इसके बाद साइबर विशेषज्ञों की टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि साइबर अपराधी अब डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी, ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, यूपीआई एवं बैंकिंग फ्रॉड जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसके साथ ही निवेश के नाम पर होने वाली ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग और अन्य डिजिटल अपराधों से बचाव के लिए भी आवश्यक सावधानियां बताई गईं। विशेषज्ञों ने कहा कि किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जानकारी प्राप्त करना जरूरी है।
डिजिटल सुरक्षा के लिए सतर्कता जरूरी
कार्यक्रम में अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध/मुख्यालय श्रीमती स्नेहा तिवारी ने भी वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित किया। उन्होंने साइबर अपराध होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से पुलिस और संबंधित एजेंसियां ठगी गई राशि को रोकने तथा अपराधियों तक पहुंचने के लिए प्रभावी कदम उठा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की जागरूकता भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करना चाहिए।
वरिष्ठ नागरिकों ने की कार्यक्रम की सराहना
साइबर संवाद कार्यक्रम के दौरान मौजूद वरिष्ठ नागरिकों ने साइबर विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाएं भी साझा कीं। विशेषज्ञों ने उनके सवालों का समाधान करते हुए डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
वरिष्ठ नागरिकों ने कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं, क्योंकि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पुलिस विभाग की ओर से इस तरह के जागरूकता अभियान नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक लोग साइबर अपराधों के प्रति जागरूक हो सकें।
कानपुर पुलिस का जागरूकता अभियान रहेगा जारी
कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए जन-जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। पुलिस का उद्देश्य है कि हर नागरिक डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ उपयोग कर सके।
आज के समय में ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग बढ़ रहा है, ऐसे में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बन गई है। पुलिस द्वारा आयोजित “साइबर संवाद” जैसे कार्यक्रम लोगों को डिजिटल खतरों को समझने और उनसे बचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

