श्रावस्ती में नशीली दवाओं के मामले में बड़ी कार्रवाई: आरोपी परिवार की 33.85 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क, बैंक खाते भी फ्रीज

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रिपोर्ट- सूर्य प्रकाश शुक्ला

श्रावस्तीः उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में नशीली दवाओं के कथित अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने BJP मिशन मोदी प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे आकाश नाग के पिता माता प्रसाद नाग और छोटे भाई रोहित नाग पर बड़ी कार्यवाही  करते हुए अपराध से अर्जित बताई जा रही करीब 33.85 लाख रुपये की संपत्ति को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, यह संपत्ति ऐसे परिवार से जुड़ी है, जिसके सदस्य पहले भी नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में जांच के दायरे में रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध कार्रवाई का उद्देश्य कानून का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। वहीं, इस कार्रवाई के बाद जिले में अपराध से जुड़े मामलों पर प्रशासन की सख्ती की चर्चा तेज हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, इस मामले का संबंध आकाश नाग से है, जिसे पहले पुलिस और विशेष अभियान दल (SOG) द्वारा कथित रूप से लगभग 40 लाख रुपये मूल्य की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद की गई जांच में पुलिस ने आर्थिक पहलुओं की भी पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान ऐसे दस्तावेज और अन्य जानकारियां सामने आने का दावा किया गया, जिनके आधार पर कुछ संपत्तियों को अपराध से अर्जित माना गया।

इसी क्रम में न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद संबंधित संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है।

किन संपत्तियों पर हुई कार्रवाई?

पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, कुल लगभग 33.85 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति को कुर्क किया गया है। इसमें कई चल संपत्तियां और बैंक खातों में जमा राशि भी शामिल है।

कार्रवाई के तहत—

  • माता प्रसाद नाग के नाम से संबंधित एक स्कॉर्पियो वाहन कुर्क किया गया।
  • रोहित नाग के नाम से दर्ज डटसन कार को भी जब्त किया गया।
  • बैंक खातों में जमा लगभग 5.85 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया गया।
  • पुलिस के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई।

हालांकि, मामले की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

परिवार के सदस्यों का नाम भी आया सामने

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में माता प्रसाद नाग और रोहित नाग का नाम भी सामने आया है। बताया गया कि ये दोनों आकाश नाग के पिता और छोटे भाई हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित अपराध से अर्जित धन का उपयोग किन-किन संपत्तियों के निर्माण या खरीद में किया गया।

वहीं, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और आगे प्राप्त होने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नाग मेडिकल एजेंसी के नाम पर सप्लाई का आरोप

जांच के दौरान पुलिस ने यह भी दावा किया है कि नशीली दवाओं की कथित सप्लाई नाग मेडिकल एजेंसी के नाम का उपयोग करके की जाती थी। इसके अतिरिक्त, आरोप यह भी है कि संबंधित वाहन पर “BJP जिलाध्यक्ष” लिखा रहता था, जिससे लोगों के बीच अलग पहचान बनाई जाती थी।

हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस इन सभी बिंदुओं की जांच कर रही है।

BNSS के तहत हुई कानूनी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के संबंधित प्रावधानों के तहत की गई। नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद अपराध से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई के लिए कानूनी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाया गया है।

इस मामले में सोनवा थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए संपत्तियों को कुर्क किया। अधिकारियों का कहना है कि अपराध से प्राप्त आर्थिक लाभ को समाप्त करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्राथमिकता है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चला अभियान

श्रावस्ती के पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई संपन्न कराई गई। पुलिस का कहना है कि जिले में संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और अपराध से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, केवल अपराधियों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि यदि अपराध से आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ है तो उस पर भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी नीति के तहत यह कार्रवाई की गई।

आगे भी हो सकते हैं नए खुलासे

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। जांच के दौरान प्राप्त दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और अन्य वित्तीय जानकारियों का विश्लेषण किया जा रहा है। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों या संपत्तियों की भूमिका सामने आती है, तो कानून के अनुसार आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रत्येक कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायालय की अनुमति के आधार पर ही की जाएगी।

अपराध पर आर्थिक प्रहार की रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी के बजाय अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई करना कानून प्रवर्तन की प्रभावी रणनीति मानी जाती है। इससे अवैध गतिविधियों से होने वाले आर्थिक लाभ को रोका जा सकता है और भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है।

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न मामलों में अपराध से अर्जित संपत्तियों पर कुर्की और जब्ती की कार्रवाई देखने को मिली है। श्रावस्ती का यह मामला भी उसी क्रम का हिस्सा माना जा रहा है।

श्रावस्ती में नशीली दवाओं के कथित अवैध कारोबार से जुड़े मामले में पुलिस द्वारा की गई संपत्ति कुर्की की कार्रवाई कानून के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और यदि आगे कोई नया तथ्य सामने आता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, मामले से जुड़े सभी आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा। इसलिए इस प्रकरण में आगे होने वाली कानूनी कार्यवाही पर सभी की नजर बनी हुई है।

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