कानपुर मतदेय स्थलों के पुनर्गठन पर राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठक, 1200 मतदाता मानक पर होगा परिसीमन

a7a62cde-6826-4487-b7f4-3ed6e63202fd

रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मतदेय स्थलों के पुनर्गठन (रैशनलाइजेशन) की प्रक्रिया, मानक और समय-सारिणी पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना था, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

1200 मतदाता मानक के आधार पर होगा पुनर्गठन

जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि मतदेय स्थलों का पुनर्गठन 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जा रहा है। इसके तहत सभी मतदान स्थलों और उनसे संबंधित निर्वाचक नामावली का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।

इसके अलावा, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक मतदाता अपने निवास स्थान के निकटतम मतदान केंद्र से जुड़ा रहे और परिवार के सदस्यों के नाम यथासंभव एक ही मतदान स्थल पर हों।

4 जुलाई को जारी होगी आलेख्य सूची

बैठक में बताया गया कि 4 जुलाई को मतदेय स्थलों की आलेख्य (ड्राफ्ट) सूची प्रकाशित की जाएगी। यह सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे उस पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कर सकें।

इसके बाद प्राप्त सुझावों और शिकायतों का परीक्षण किया जाएगा। साथ ही सांसदों, विधायकों और राजनीतिक दलों के साथ चर्चा कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

18 जुलाई तक होगा अंतिम निर्धारण

प्रक्रिया के अनुसार, सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद 18 जुलाई तक अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी दस्तावेजों सहित प्रस्ताव 25 जुलाई तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजा जाएगा।

इसके उपरांत निर्वाचन आयोग के अनुमोदन के बाद अंतिम रूप से मतदान केंद्रों की सूची जारी की जाएगी।

मतदाता सुविधा को प्राथमिकता

जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में मतदाता सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े।

इसके अलावा, पुराने और जर्जर भवनों में संचालित मतदान केंद्रों को सुरक्षित और स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा। नई आवासीय कॉलोनियों और ग्रुप हाउसिंग क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार नए मतदान केंद्र भी बनाए जाएंगे।

साथ ही, सभी मतदान केंद्रों पर रैम्प, पेयजल और अन्य न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी ताकि दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

राजनीतिक दलों की सहभागिता

बैठक में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. विवेक चतुर्वेदी सहित सभी विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफिसर भी उपस्थित रहे।

राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और सुझावों को शामिल करने की सराहना की।

कुल मिलाकर, कानपुर में मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की यह प्रक्रिया निर्वाचन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और मतदाता-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन द्वारा समयबद्ध तरीके से इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आगामी चुनावों में मतदाताओं को बेहतर सुविधा मिल सके।

You may have missed